विश्व रक्तदाता दिवस 2025: भाजपा नेताओं ने एक्स पर की स्वैच्छिक रक्तदान की अपील
सारांश
मुख्य बातें
विश्व रक्तदाता दिवस पर 14 जून 2025 को दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर नागरिकों से स्वैच्छिक रक्तदान का संकल्प लेने की अपील की। नेताओं ने एकस्वर में रक्तदान को 'महादान' करार देते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है।
मुख्यमंत्रियों के संदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'विश्व रक्तदाता दिवस पर निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा कर रहे सभी स्वैच्छिक रक्तदाताओं की सराहना करती हूं। दिल्ली के युवाओं और सभी नागरिकों से अपील है कि वे नियमित रक्तदान का संकल्प लें। आपका यह छोटा सा प्रयास किसी को जीवनदान दे सकता है।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, 'आइए, इस अवसर पर रक्तदान करने का संकल्प लें और मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। आपका एक छोटा प्रयास किसी के जीवन की सबसे बड़ी आशा बन सकता है।'
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सानी ने लिखा, 'रक्तदान है महादान। आपका एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन, नई आशा और अपने परिवार के साथ मुस्कुराने का अवसर दे सकता है।'
योगी और अन्य नेताओं की अपील
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'रक्तदान-महादान, यह पुनीत कार्य किसी को नया जीवन प्रदान करने के साथ ही मानवता की सच्ची और सबसे बड़ी सेवा है।' यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी नागरिकों से स्वैच्छिक एवं नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करने का आह्वान किया।
संजय सेठ ने अपनी पोस्ट में कहा, 'रक्तदान केवल एक मानवीय कर्तव्य नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी एकजुटता का प्रतीक है। आपके द्वारा किया गया रक्तदान किसी परिवार की खुशियां तथा किसी का मुस्कुराता हुआ कल वापस ला सकता है।'
बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, 'रक्तदान सबसे बड़ा दान है, इसलिए इस दान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें — आपकी एक कोशिश किसी को जीवनदान दे सकती है।'
विश्व रक्तदाता दिवस का महत्व
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) हर वर्ष 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के रूप में मनाता है। यह दिन उन स्वैच्छिक रक्तदाताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है जो बिना किसी मुआवजे के रक्तदान कर दूसरों की जान बचाते हैं। भारत में रक्त की माँग और आपूर्ति के बीच अभी भी उल्लेखनीय अंतर बना हुआ है, जिसे पाटने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान अभियान अहम भूमिका निभाते हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
नेताओं की इस सामूहिक अपील का उद्देश्य रक्तदान के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाना और स्वैच्छिक रक्तदाताओं की संख्या में वृद्धि करना है। गौरतलब है कि नियमित रक्तदान से न केवल आपातकालीन स्थितियों में जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि थैलेसीमिया, कैंसर और सर्जरी जैसी स्थितियों में भी यह अपरिहार्य है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ वयस्क हर तीन महीने में एक बार रक्तदान कर सकते हैं।