20 जुलाई 2026
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क्या नौसेना मुख्यालय में काम करने वाले क्लर्क को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया?

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क्या नौसेना मुख्यालय में काम करने वाले क्लर्क को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया?

सारांश

विशाल यादव, जो भारतीय नौसेना मुख्यालय में क्लर्क के रूप में कार्यरत था, को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में कई संवेदनशील जानकारी लीक होने का संदेह है। क्या ये घटनाएं सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं?

मुख्य बातें

विशाल यादव को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
आईएसआई को संवेदनशील जानकारी लीक की गई थी।
पुलिस ने हनीट्रैप के जरिए उसे फंसाया।
जांच एजेंसियाँ इस मामले की गहनता से जांच कर रही हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है।

नई दिल्ली, २६ जून (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना मुख्यालय में कार्यरत क्लर्क विशाल यादव को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। उस पर हाल ही में संपन्न हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को संवेदनशील सैन्य जानकारी लीक करने का आरोप लगा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी की पहचान हरियाणा निवासी विशाल यादव के रूप में हुई है, जिसे राजस्थान पुलिस के खुफिया विभाग ने गिरफ्तार किया।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि यादव लंबे समय से आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था और उसने अपने मोबाइल फोन के माध्यम से नौसेना और अन्य रक्षा इकाइयों से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा की।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विष्णुकांत गुप्ता के अनुसार, राजस्थान की सीआईडी ​​खुफिया इकाई पाकिस्तानी जासूसी गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रख रही थी, जब यादव जांच के दायरे में आया। निगरानी से पता चला कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रिया शर्मा नामक एक महिला आईएसआई हैंडलर के संपर्क में था।

गुप्ता ने बताया कि हैंडलर ने यादव को हनीट्रैप में फंसाया और उसे रणनीतिक और गोपनीय रक्षा जानकारी निकालने के लिए पैसे दिए।

पुलिस के अनुसार, विशाल यादव को ऑनलाइन गेमिंग की लत थी, जिससे वह कर्ज में डूब गया। कर्ज चुकाने के लिए उसने आईएसआई को जानकारी बेची।

अधिकारियों ने बताया कि उसे क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग अकाउंट के साथ-साथ उसके बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर के माध्यम से भुगतान किया गया।

विशाल यादव से जयपुर के सेंट्रल इंट्रोगेशन सेंटर में खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कितनी गोपनीय जानकारी लीक हुई और क्या कोई अन्य जासूसी नेटवर्क से जुड़ा है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद संदिग्ध पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क पर देशभर में कार्रवाई तेज हो गई है। पिछले कुछ हफ्तों में हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा सहित कई लोगों को आईएसआई से कथित संबंधों के लिए हिरासत में लिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाल यादव को क्यों गिरफ्तार किया गया?
विशाल यादव को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
क्या उसने आईएसआई को कौन सी जानकारी दी?
उसने नौसेना और अन्य रक्षा इकाइयों से संबंधित संवेदनशील जानकारी लीक की।
उसे पैसे कैसे दिए गए?
उसे क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग अकाउंट और बैंक ट्रांसफर के जरिए भुगतान किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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