राष्ट्रपति मुर्मु ने 6 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए, धामी-रेखा गुप्ता समेत मुख्यमंत्रियों ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 6 राज्यों में राज्यपालों की नई नियुक्तियाँ और फेरबदल को मंजूरी दी है, जिसके बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने नवनियुक्त राज्यपालों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। यह नियुक्तियाँ 12 अक्टूबर 2026 को प्रभावी हुईं।
किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ओम प्रकाश माथुर को केरल, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु, बृज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। यह एक साथ छह राजभवनों में परिवर्तन एक महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है।
मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नवनियुक्त राज्यपाल बृज मोहन राम को बधाई देते हुए कहा कि वे उनके मार्गदर्शन और सहयोग से 'समृद्ध, समावेशी और विकसित ओडिशा' के निर्माण के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राम का कार्यकाल जनसेवा की भावना और जनता की आकांक्षाओं को और मजबूत करेगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर प्रसन्नता जताई। धामी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री, पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता के रूप में बिसेन का व्यापक राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण उल्लेखनीय रहा है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी नवनियुक्त राज्यपालों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा में उनका दीर्घ अनुभव, सांगठनिक जीवन में तपस्या और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि इन राज्यपालों के मार्गदर्शन में संवैधानिक मूल्यों, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को नई शक्ति मिलेगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने BJP की वरिष्ठ नेता डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल बनाए जाने पर विशेष बधाई दी और कहा कि उनका व्यापक अनुभव तथा जनसेवा के प्रति समर्पण इस महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी के निर्वहन में मार्गदर्शक साबित होगा।
बिहार उपमुख्यमंत्री का स्वागत
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सभी नियुक्तियों का स्वागत करते हुए कहा कि नवनियुक्त राज्यपाल अपने अनुभव, कार्यकुशलता और समर्पण से संबंधित राज्यों में संवैधानिक मूल्यों और सुशासन को और सुदृढ़ करेंगे।
आगे का राजनीतिक परिदृश्य
गौरतलब है कि राज्यपाल का पद संवैधानिक दृष्टि से राज्य सरकार और केंद्र के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है। यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की संभावनाएँ और प्रशासनिक प्राथमिकताएँ नए सिरे से परिभाषित हो रही हैं। नवनियुक्त राज्यपालों से अपेक्षा है कि वे अपने-अपने राज्यों में संवैधानिक परंपराओं को बनाए रखते हुए विकास की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।