राष्ट्रपति मुर्मु ने छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति को दी मंजूरी, केरल-तमिलनाडु समेत बड़े फेरबदल
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर 2026 को छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और स्थानांतरण को औपचारिक मंजूरी दे दी। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चार नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं, जबकि दो मौजूदा राज्यपालों को नए राज्यों में स्थानांतरित किया गया है। ये नियुक्तियाँ संबंधित पदों का कार्यभार संभालने की तिथि से प्रभावी होंगी।
मुख्य नियुक्तियाँ और स्थानांतरण
स्थानांतरण के तहत ओम प्रकाश माथुर, जो वर्तमान में सिक्किम के राज्यपाल हैं, को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है। नई नियुक्तियों में बृज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
डॉ. सुधा यादव: ओबीसी और शहीद परिवार का प्रतिनिधित्व
हरियाणा की वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह कारगिल युद्ध में शहीद हुए BSF डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की पत्नी हैं। डॉ. यादव महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और भाजपा संसदीय बोर्ड की सदस्य भी रही हैं। उन्होंने IIT रुड़की से रसायन विज्ञान में एमएससी और पीएचडी की है और 2019 से 2022 तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं। उनकी नियुक्ति को ओबीसी समाज और शहीद सैनिकों के परिवारों के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
दुष्यंत कुमार गौतम और बृज मोहन राम: दलित नेतृत्व को प्राथमिकता
दिल्ली से आने वाले दलित नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उन्होंने RSS और BJP में करीब पाँच दशकों तक संगठनात्मक कार्य किया है और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। नगर निगम पार्षद से राज्यसभा सदस्य तक का सफर तय करने वाले गौतम की नियुक्ति को जमीनी स्तर से उभरे दलित नेतृत्व के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
झारखंड के वरिष्ठ दलित नेता बृज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। किसान परिवार से आने वाले राम अविभाजित बिहार में विधायक रह चुके हैं और पलामू से तीन बार लोकसभा सदस्य चुने गए थे। उन्होंने अनुसूचित जाति मोर्चा और धोबी महासंघ में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन: ओबीसी नेता उत्तराखंड के राज्यपाल
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। ओबीसी समुदाय से आने वाले बिसेन चार बार विधायक और बालाघाट से सांसद रह चुके हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में स्कूल शिक्षा, वन, परिवहन और खनन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है। आयुर्वेद चिकित्सक के रूप में भी उनकी विशेष पहचान रही है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में राज्यपाल और निर्वाचित सरकारों के बीच तनाव की खबरें सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि इस फेरबदल में ओबीसी और दलित समुदायों के प्रतिनिधियों को प्राथमिकता दी गई है, जिसे राजनीतिक विश्लेषक व्यापक सामाजिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। नवनियुक्त राज्यपाल कार्यभार ग्रहण करते ही अपने-अपने राज्यों की संवैधानिक जिम्मेदारियाँ संभालेंगे।