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डॉ. सुधा यादव ने ली कर्नाटक की 20वीं राज्यपाल की शपथ, बनीं राज्य की दूसरी महिला राज्यपाल

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डॉ. सुधा यादव ने ली कर्नाटक की 20वीं राज्यपाल की शपथ, बनीं राज्य की दूसरी महिला राज्यपाल

सारांश

कारगिल की शहीद पत्नी से लेकर राज्यपाल भवन तक — डॉ. सुधा यादव की कहानी असाधारण है। 24 वर्षों के अंतराल के बाद कर्नाटक को मिली दूसरी महिला राज्यपाल, जो ओबीसी प्रतिनिधित्व और महिला नेतृत्व — दोनों का प्रतीक बनी हैं।

मुख्य बातें

सुधा यादव ने 16 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के लोक भवन में कर्नाटक की 20वीं राज्यपाल की शपथ ली।
रमादेवी (1999–2002) के बाद राज्य की दूसरी महिला राज्यपाल हैं — 24 वर्षों का अंतराल।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर 2026 को उनकी नियुक्ति की थी।
उनके पति सुखबीर सिंह यादव 1999 के कारगिल युद्ध में बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट पद पर शहीद हुए थे।
यादव 1999–2004 तक महेंद्रगढ़ से सांसद रहीं और अगस्त 2022 में BJP संसदीय बोर्ड में शामिल की गईं।
निवर्तमान राज्यपाल थावरचंद गहलोत 21 जुलाई 2021 से इस पद पर कार्यरत थे।

वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सुधा यादव ने 16 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के लोक भवन में कर्नाटक की 20वीं राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। वह इस संवैधानिक पद पर आसीन होने वाली राज्य की दूसरी महिला हैं — उनसे पहले वी.एस. रमादेवी ने 1999 से 2002 तक यह दायित्व निभाया था। कारगिल युद्ध में शहीद हुए बीएसएफ अधिकारी की पत्नी से राज्यपाल तक का उनका सफर किसी प्रेरणाकथा से कम नहीं।

शपथ ग्रहण समारोह का घटनाक्रम

कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विभु बखरू ने डॉ. यादव को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी और निवर्तमान राज्यपाल थावरचंद गहलोत उपस्थित रहे।

शपथ ग्रहण के बाद गहलोत ने नई राज्यपाल का अभिनंदन किया, जबकि मुख्यमंत्री शिवकुमार ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।

राष्ट्रीय सैन्य स्मारक पर श्रद्धांजलि

समारोह से पूर्व डॉ. सुधा यादव ने बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय सैन्य स्मारक (नेशनल मिलिट्री मेमोरियल) पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह इशारा विशेष रूप से प्रतीकात्मक है, क्योंकि उनके पति सुखबीर सिंह यादव 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे। सुखबीर सिंह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डिप्टी कमांडेंट के पद पर तैनात थे।

नियुक्ति की पृष्ठभूमि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर 2026 को डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया था। निवर्तमान राज्यपाल थावरचंद गहलोत 21 जुलाई 2021 से इस पद पर कार्यरत थे। गौरतलब है कि यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई जब केंद्र सरकार ने कई राज्यों में राज्यपालों में बदलाव किया है।

डॉ. सुधा यादव: एक परिचय

हरियाणा की रहने वाली डॉ. सुधा यादव ने अपने पति की शहादत के बाद राजनीति में कदम रखा। वह 1999 से 2004 तक महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद रहीं और बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय सचिव के पद पर कार्य किया। उन्होंने पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चे का नेतृत्व भी किया।

2019 से 2022 तक वह राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की सदस्य रहीं। अगस्त 2022 में उन्हें BJP के संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया — जो पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था मानी जाती है। शैक्षणिक दृष्टि से वह रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर हैं और रुड़की विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त है।

ऐतिहासिक महत्व

डॉ. सुधा यादव की यह नियुक्ति कर्नाटक के संवैधानिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। 24 वर्षों के अंतराल के बाद राज्य को पुनः एक महिला राज्यपाल मिली हैं। उनकी नियुक्ति ओबीसी प्रतिनिधित्व और महिला नेतृत्व — दोनों दृष्टियों से सांकेतिक महत्व रखती है। आने वाले समय में राज्यपाल के रूप में उनकी भूमिका और केंद्र-राज्य संबंधों पर सबकी नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर दक्षिण भारत में जहाँ पार्टी की पकड़ कमज़ोर है। हालाँकि कर्नाटक में अभी कांग्रेस की सरकार है, इसलिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच के संबंध कितने सहज रहेंगे, यह देखने वाली बात होगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में राज्यपाल-राज्य सरकार के बीच तनाव के कई उदाहरण सामने आए हैं। कारगिल शहीद की पत्नी के रूप में उनकी छवि राजनीतिक रूप से मजबूत है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि वह राजभवन को संवैधानिक मर्यादा में कैसे संचालित करती हैं।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. सुधा यादव कर्नाटक की कौन सी राज्यपाल हैं?
डॉ. सुधा यादव कर्नाटक की 20वीं राज्यपाल हैं। उन्होंने 16 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के लोक भवन में शपथ ग्रहण की। वह राज्य में इस संवैधानिक पद पर आसीन होने वाली दूसरी महिला हैं।
कर्नाटक की पहली महिला राज्यपाल कौन थीं?
कर्नाटक की पहली महिला राज्यपाल वी.एस. रमादेवी थीं, जिन्होंने 1999 से 2002 तक यह पद संभाला। डॉ. सुधा यादव उनके बाद 24 वर्षों के अंतराल के बाद दूसरी महिला राज्यपाल बनी हैं।
डॉ. सुधा यादव की नियुक्ति कब और किसने की?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर 2026 को डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया। इसके बाद उन्होंने 16 अक्टूबर को शपथ ग्रहण की।
डॉ. सुधा यादव का राजनीतिक अनुभव क्या है?
डॉ. सुधा यादव 1999 से 2004 तक हरियाणा के महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद रहीं। वह BJP की राष्ट्रीय सचिव, ओबीसी मोर्चे की प्रमुख और 2019 से 2022 तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की सदस्य रहीं। अगस्त 2022 में उन्हें BJP के संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया।
डॉ. सुधा यादव ने राजनीति में कब और क्यों कदम रखा?
डॉ. सुधा यादव ने अपने पति सुखबीर सिंह यादव की शहादत के बाद राजनीति में प्रवेश किया। उनके पति बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट थे और 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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