डॉ. सुधा यादव बनीं कर्नाटक की दूसरी महिला राज्यपाल, कुमारस्वामी और विजयेंद्र ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक को एक ऐतिहासिक क्षण में अपनी दूसरी महिला राज्यपाल मिली हैं — डॉ. सुधा यादव को इस संवैधानिक पद पर नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति पर 13 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई दी और बेंगलुरु के राजभवन में उनका स्वागत किया। डॉ. यादव आईआईटी रुड़की से रसायन विज्ञान में स्वर्ण पदक विजेता, पूर्व सांसद और कारगिल शहीद की पत्नी हैं।
नियुक्ति की पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक महत्व
डॉ. सुधा यादव कर्नाटक की दूसरी महिला राज्यपाल हैं। उनसे पहले वीएस रामादेवी ने 1999 से 2002 तक यह पद सँभाला था। इस प्रकार लगभग ढाई दशक के अंतराल के बाद कर्नाटक के राजभवन में फिर किसी महिला का आगमन हुआ है।
डॉ. यादव हरियाणा के रेवाड़ी जिले के मोटला कलां गाँव की मूल निवासी हैं। उन्होंने आईआईटी रुड़की से एमएससी और रसायन विज्ञान में पीएचडी की है। वह महेंद्रगढ़ से पूर्व सांसद भी रह चुकी हैं तथा कारगिल युद्ध में शहीद हुए डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की पत्नी हैं।
कुमारस्वामी की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा, 'मैं उनका कर्नाटक में हार्दिक स्वागत करता हूँ। उनके राजनीतिक अनुभव और शैक्षणिक योग्यता के साथ मुझे विश्वास है कि उनका कार्यकाल राज्य के संवैधानिक मूल्यों को और मजबूत करेगा तथा कर्नाटक के सर्वांगीण विकास में योगदान देगा।'
कुमारस्वामी ने यह भी विश्वास जताया कि डॉ. यादव का मार्गदर्शन कर्नाटक के लोगों के कल्याण और सेवा में सहायक सिद्ध होगा।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा, 'आईआईटी रुड़की की स्वर्ण पदक विजेता रसायनशास्त्री, महेंद्रगढ़ की पूर्व सांसद और कारगिल शहीद डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की पत्नी होने के नाते वे सार्वजनिक जीवन और त्याग का लंबा अनुभव लेकर राजभवन पहुँच रही हैं।'
विजयेंद्र ने आगे कहा कि राज्य की संवैधानिक प्रमुख के रूप में डॉ. यादव के नेतृत्व में संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन को मजबूती मिलेगी तथा हर कन्नड़वासी के हितों की रक्षा होगी।
अन्य नेताओं की शुभकामनाएँ
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने भी डॉ. सुधा यादव सहित सभी नवनियुक्त राज्यपालों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी नियुक्त व्यक्तियों से उम्मीद है कि वे 'बुद्धिमत्ता, ईमानदारी और समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।'
आगे की राह
यह नियुक्ति ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BJP के बीच राजनीतिक तनाव बना हुआ है। राज्यपाल की भूमिका अक्सर केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखी जाती है। डॉ. यादव की अकादमिक प्रतिष्ठा और बलिदान की पृष्ठभूमि को देखते हुए राजनीतिक पर्यवेक्षक उनके कार्यकाल पर करीबी नजर रखेंगे।