कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं को मिलेगा स्थान, CM शिवकुमार का आश्वासन; रिजिजू पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 8 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य मंत्रिमंडल में शीघ्र ही कम से कम एक महिला मंत्री को स्थान दिया जाएगा। बेंगलुरु में विधान सौधा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कैबिनेट विस्तार का मामला जल्द सुलझाया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस के भीतर से ही हाल के मंत्रिमंडल विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व की अनदेखी को लेकर आवाज़ें उठ रही हैं।
मुख्यमंत्री का आश्वासन
शिवकुमार ने दो टूक कहा, 'हमारी कैबिनेट में निश्चित रूप से एक महिला मंत्री होंगी। हम महिलाओं को और मज़बूत बनाएंगे।' उन्होंने यह बात कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस. निजलिंगप्पा की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कही। गौरतलब है कि कैबिनेट में महिलाओं की अनुपस्थिति पर विपक्ष के साथ-साथ पार्टी के अंदर भी असंतोष बढ़ता जा रहा है।
रिजिजू की आलोचना पर पलटवार
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं की गैर-मौजूदगी पर निशाना साधा था। इसके जवाब में शिवकुमार ने कहा, 'कांग्रेस ने ही महिला आरक्षण विधेयक तैयार किया और उसे लोकसभा में पास करवाया। लोकसभा चुनाव के दौरान हमने कर्नाटक में महिलाओं को अधिक सीटें दी थीं। रिजिजू को कांग्रेस की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है — उन्हें अपनी पार्टी और सरकार के बारे में सोचना चाहिए।' यह पलटवार उस राजनीतिक दबाव को दर्शाता है जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य सरकार पर बनाने की कोशिश कर रही है।
निजलिंगप्पा को श्रद्धांजलि
शिवकुमार ने एस. निजलिंगप्पा को कर्नाटक के इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि निजलिंगप्पा ने 1924 के बेलगावी कांग्रेस अधिवेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, कर्नाटक एकीकरण आंदोलन का नेतृत्व किया और भद्रा तथा अपर कृष्णा जैसी सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया। शिवकुमार ने स्मरण किया कि वे स्वयं और एसएम कृष्णा कई अवसरों पर निजलिंगप्पा से मिलने गए थे और सोनिया गांधी भी उनसे मिलने चित्रदुर्ग गई थीं।
विरासत और सादगी
मुख्यमंत्री ने निजलिंगप्पा की सादगी को उनकी सबसे बड़ी विशेषता बताया। उन्होंने कहा कि सिद्दारमैया सरकार ने निजलिंगप्पा की संपत्ति को सरकारी संरक्षण में लेने के लिए कदम उठाए, ताकि वह अन्य हाथों में न जाए। शिवकुमार ने यह भी उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री रहते हुए भी निजलिंगप्पा की बेटी उसी कॉलेज में व्याख्याता थीं जहाँ उन्होंने स्वयं पढ़ाई की थी — यह उनके सादे जीवन का प्रमाण है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मल्लिकार्जुन खड़गे निजलिंगप्पा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष बनने वाले कर्नाटक के दूसरे नेता हैं।
आगे क्या
शिवकुमार ने संकेत दिया कि वे जल्द नई दिल्ली दौरे पर जाएंगे, हालांकि तारीख की पुष्टि नहीं की। कैबिनेट विस्तार की प्रतीक्षा में कांग्रेस के विभिन्न गुटों की नज़रें इस पर टिकी हैं कि महिला प्रतिनिधित्व का वादा किस रूप में और कब पूरा होता है।