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कर्नाटक CM शिवकुमार का बड़ा बयान: सिद्धारमैया से कोई मतभेद नहीं, कैबिनेट में जल्द मिलेगी महिलाओं को जगह

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कर्नाटक CM शिवकुमार का बड़ा बयान: सिद्धारमैया से कोई मतभेद नहीं, कैबिनेट में जल्द मिलेगी महिलाओं को जगह

सारांश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने 19 नए मंत्रियों के शपथ के बाद पहली कैबिनेट बैठक में साफ किया — सिद्धारमैया नाराज नहीं, विस्तार पर साथ मिलकर फैसला हुआ। महिलाओं को कैबिनेट में जगह देने का वादा किया, लेकिन संवैधानिक सीमा 33 मंत्री पदों की बाधा बनी हुई है।

मुख्य बातें

शिवकुमार ने 3 अगस्त 2026 को विधान सौधा, बेंगलुरु में 19 नए मंत्रियों के शपथ के बाद पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की।
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया नाराज नहीं हैं; उन्होंने दिन में पाँच बार सिद्धारमैया से बात की।
कैबिनेट में कोई महिला न होने पर आलोचना के बीच शिवकुमार ने जल्द कम से कम एक महिला को मंत्रिमंडल में शामिल करने का वादा किया।
संवैधानिक सीमा के तहत कर्नाटक में अधिकतम 33 मंत्री पद ही संभव हैं।
कांग्रेस एमएलसी गायत्री शांथेगौड़ा के शपथ न लेने पर शिवकुमार ने 'तकनीकी दिक्कतें' बताईं; राज्यपाल को सौंपी सूची को आधिकारिक माना जाएगा।
विभागों के आवंटन पर अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान लेगा।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 3 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि कैबिनेट विस्तार के बाद कांग्रेस के भीतर मतभेद की जो अटकलें लगाई जा रही हैं, वे निराधार हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 'नाराज नहीं हैं' और पार्टी का नेतृत्व पूरी तरह एकजुट होकर काम कर रहा है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य मंत्रिमंडल में शीघ्र ही महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

पहली कैबिनेट बैठक और विस्तार का संदर्भ

19 नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद विधान सौधा, बेंगलुरु में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता शिवकुमार ने की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने जानबूझकर कई वरिष्ठ और अनुभवी विधायकों के होते हुए भी नए चेहरों को अवसर दिया है। उनके अनुसार यह निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया और पार्टी के सभी 139 विधायक एक टीम के रूप में कार्य कर रहे हैं।

सिद्धारमैया से मतभेद की अटकलें खारिज

शिवकुमार ने कहा कि कैबिनेट विस्तार की पूरी प्रक्रिया सिद्धारमैया के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम रूप दी गई। उन्होंने बताया, 'आज उनका जन्मदिन है और वे लोगों से मिलने में व्यस्त रहे। मैंने उनसे पाँच बार बात की है।' उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों नेताओं के बीच आपसी समन्वय पूरी तरह बना हुआ है और कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं।

महिला प्रतिनिधित्व पर आश्वासन

नई कैबिनेट में किसी महिला को शामिल न किए जाने पर उठ रही आलोचना के जवाब में शिवकुमार ने कहा कि संवैधानिक सीमा के अंतर्गत केवल 33 मंत्री पद ही उपलब्ध हैं, फिर भी कम से कम एक महिला को कैबिनेट में अवश्य शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी ने हमेशा महिलाओं को प्राथमिकता दी है और हमारी पार्टी महिलाओं के बिना नहीं चल सकती।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और महिला संगठन कैबिनेट में शून्य महिला प्रतिनिधित्व को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं।

गायत्री शांथेगौड़ा का मामला और तकनीकी अड़चन

घोषित सूची में नाम होने के बावजूद कांग्रेस एमएलसी गायत्री शांथेगौड़ा के शपथ न लेने पर शिवकुमार ने कहा कि कुछ तकनीकी दिक्कतें आईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यपाल को सौंपी गई सूची ही आधिकारिक मानी जाएगी। विभागों के आवंटन में संभावित बदलाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान लेगा।

नाराज विधायकों पर शिवकुमार की प्रतिक्रिया

कैबिनेट में जगह न मिलने से असंतुष्ट विधायकों के बारे में शिवकुमार ने सहानुभूतिपूर्ण रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'उन्हें दुख हुआ है और यह बात समझी जा सकती है। जी. परमेश्वर और मुझे भी अतीत में निराशा का सामना करना पड़ा है। धैर्य रखने पर ही मौके मिलते हैं।' आगे की राह पर शिवकुमार का संकेत है कि कैबिनेट संरचना में अभी और बदलाव की गुंजाइश बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आश्वासन ज़्यादा लगता है। महिला प्रतिनिधित्व का वादा स्वागतयोग्य है, लेकिन 33 पदों की संवैधानिक सीमा का हवाला देकर इसे टालना उस पार्टी के लिए असहज करने वाला है जो महिला सशक्तीकरण को अपना मुख्य एजेंडा बताती है। गायत्री शांथेगौड़ा प्रकरण यह भी दर्शाता है कि विस्तार की प्रक्रिया में समन्वय की कमी थी — जो 'सामूहिक निर्णय' के दावे को कमज़ोर करती है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM शिवकुमार ने सिद्धारमैया से मतभेद की खबरों पर क्या कहा?
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट विस्तार सिद्धारमैया के साथ पूरी चर्चा के बाद सामूहिक रूप से तय किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने 3 अगस्त को सिद्धारमैया से पाँच बार बात की और कांग्रेस के सभी 139 विधायक एकजुट हैं।
कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं को कब शामिल किया जाएगा?
CM शिवकुमार ने आश्वासन दिया कि जल्द ही कम से कम एक महिला को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक सीमा के तहत केवल 33 मंत्री पद उपलब्ध हैं, फिर भी महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।
गायत्री शांथेगौड़ा ने शपथ क्यों नहीं ली?
CM शिवकुमार के अनुसार, सूची में नाम होने के बावजूद कांग्रेस एमएलसी गायत्री शांथेगौड़ा के शपथ न लेने के पीछे कुछ तकनीकी दिक्कतें थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यपाल को सौंपी गई सूची ही आधिकारिक मानी जाएगी।
कर्नाटक कैबिनेट में कितने मंत्री पद संवैधानिक रूप से संभव हैं?
संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत कर्नाटक में अधिकतम 33 मंत्री पद ही हो सकते हैं। CM शिवकुमार ने इसी सीमा का हवाला देते हुए बताया कि नई कैबिनेट में 19 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई।
कैबिनेट में जगह न मिलने से नाराज विधायकों पर शिवकुमार का क्या रुख है?
शिवकुमार ने सहानुभूति जताते हुए कहा कि निराशा होना स्वाभाविक है और उन्होंने खुद तथा जी. परमेश्वर का उदाहरण देते हुए कहा कि धैर्य रखने पर मौके मिलते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विभागों के आवंटन पर अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान लेगा।
राष्ट्र प्रेस
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