29 अक्टूबर 2026
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कर्नाटक की राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु से की शिष्टाचार मुलाकात

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कर्नाटक की राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु से की शिष्टाचार मुलाकात

सारांश

कर्नाटक की नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने 29 अक्टूबर को नई दिल्ली में PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु से पहली शिष्टाचार भेंट की। 16 अक्टूबर को शपथ लेने के महज दो सप्ताह बाद हुई यह यात्रा कारगिल शहीद की पत्नी से राज्यपाल बनीं डॉ. यादव की संवैधानिक यात्रा में एक नया अध्याय है।

मुख्य बातें

सुधा यादव ने 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पदभार के बाद पहली शिष्टाचार मुलाकात की।
उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी भेंट की; दोनों मुलाकातों की पुष्टि आधिकारिक एक्स पोस्ट से हुई।
यादव को 12 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया और 16 अक्टूबर को उन्होंने पद की शपथ ली।
वे हरियाणा के महेंद्रगढ़ से 1999-2004 तक सांसद रहीं और IIT रुड़की से रसायन विज्ञान में डॉक्टरेट हैं।
उनके पति BSF उप कमान अधिकारी सुखबीर सिंह यादव 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए; इसके बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया।
अगस्त 2022 में वे BJP संसदीय बोर्ड की सदस्य बनीं — पार्टी का सर्वोच्च निर्णय-निकाय।

कर्नाटक की राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। पदभार संभालने के बाद यह उनकी प्रधानमंत्री से पहली औपचारिक भेंट थी, जिसमें उन्होंने पीएम को एक स्मृति चिह्न भी भेंट किया। इसी दौरे में उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात की।

मुलाकात का विवरण

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस भेंट की जानकारी दी। पोस्ट में लिखा गया, 'कर्नाटक की राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।' इसी तरह राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी राष्ट्रपति मुर्मु से हुई भेंट की पुष्टि की गई। नई दिल्ली में यह डॉ. सुधा यादव की पहली आधिकारिक यात्रा थी।

नियुक्ति और पदभार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर 2026 को डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया था। उन्होंने 16 अक्टूबर 2026 को पद की शपथ ली और कार्यभार संभाला। दिल्ली की यह यात्रा पदभार संभालने के ठीक दो सप्ताह बाद हुई, जो संवैधानिक परंपरा के अनुरूप नवनियुक्त राज्यपालों की प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से की जाने वाली शिष्टाचार भेंट का हिस्सा थी।

डॉ. सुधा यादव: परिचय और पृष्ठभूमि

डॉ. सुधा यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ से पूर्व सांसद रही हैं। उन्होंने 1999 का लोकसभा चुनाव जीता और 2004 तक महेंद्रगढ़ का संसद में प्रतिनिधित्व किया। वे रुड़की विश्वविद्यालय (अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, IIT रुड़की) से रसायन विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त हैं।

उनकी राजनीतिक यात्रा एक गहरी व्यक्तिगत त्रासदी से शुरू हुई। उनके पति सुखबीर सिंह यादव, जो सीमा सुरक्षा बल (BSF) में उप कमान अधिकारी थे, 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। उनके बलिदान के बाद डॉ. यादव ने सार्वजनिक जीवन में कदम रखा।

भाजपा में भूमिका और योगदान

भारतीय जनता पार्टी (BJP) में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वे पार्टी की राष्ट्रीय सचिव रहीं और पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा का नेतृत्व किया। 2019 से 2022 तक वे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की सदस्य भी रहीं। अगस्त 2022 में उन्हें BJP के संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया गया — जो पार्टी का सर्वोच्च नीति-निर्माण निकाय है।

आगे क्या

कर्नाटक में राज्यपाल के रूप में डॉ. सुधा यादव की यह पहली दिल्ली यात्रा संवैधानिक शिष्टाचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गौरतलब है कि कर्नाटक में केंद्र और राज्य सरकार के बीच कई मुद्दों पर तनाव की स्थिति रही है, ऐसे में नई राज्यपाल की यह यात्रा राज्य और केंद्र के बीच समन्वय के भावी स्वरूप का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ नई राज्यपाल की भूमिका और स्वायत्तता की परीक्षा अभी बाकी है। कारगिल शहीद की पत्नी से BJP की राष्ट्रीय सचिव और संसदीय बोर्ड सदस्य बनीं डॉ. यादव की नियुक्ति स्पष्ट रूप से OBC और रक्षा परिवार मतदाताओं को साधने की राजनीतिक दृष्टि से भी देखी जा रही है। असली सवाल यह है कि क्या वे राज्यपाल के संवैधानिक दायित्व और केंद्र की अपेक्षाओं के बीच संतुलन बना पाएंगी — जो कर्नाटक जैसे विपक्ष-शासित राज्य में हमेशा नाजुक रस्सी पर चलना होता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक की राज्यपाल डॉ. सुधा यादव कौन हैं?
डॉ. सुधा यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ से 1999-2004 तक लोकसभा सांसद रहीं और IIT रुड़की (तत्कालीन रुड़की विश्वविद्यालय) से रसायन विज्ञान में डॉक्टरेट हैं। उन्हें 12 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया और उन्होंने 16 अक्टूबर को पद की शपथ ली।
डॉ. सुधा यादव ने PM मोदी से मुलाकात क्यों की?
यह पदभार संभालने के बाद उनकी प्रधानमंत्री से पहली शिष्टाचार भेंट थी, जो नवनियुक्त राज्यपालों की संवैधानिक परंपरा के अनुरूप है। इस दौरान उन्होंने PM मोदी को एक स्मृति चिह्न भी भेंट किया।
डॉ. सुधा यादव का राजनीतिक सफर कैसे शुरू हुआ?
1999 के कारगिल युद्ध में उनके पति BSF उप कमान अधिकारी सुखबीर सिंह यादव के शहीद होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने 1999 का लोकसभा चुनाव जीता और आगे चलकर BJP राष्ट्रीय सचिव, OBC मोर्चा प्रमुख और संसदीय बोर्ड सदस्य के रूप में पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।
डॉ. सुधा यादव ने राष्ट्रपति मुर्मु से कब मुलाकात की?
उन्होंने 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली की उसी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी भेंट की। इस मुलाकात की पुष्टि राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल से की गई।
BJP संसदीय बोर्ड में डॉ. सुधा यादव की भूमिका क्या रही?
अगस्त 2022 में डॉ. सुधा यादव को BJP संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया गया, जो पार्टी का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है। इससे पहले वे 2019 से 2022 तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की सदस्य भी रहीं।
राष्ट्र प्रेस
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