कर्नाटक की राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु से की शिष्टाचार मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक की राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। पदभार संभालने के बाद यह उनकी प्रधानमंत्री से पहली औपचारिक भेंट थी, जिसमें उन्होंने पीएम को एक स्मृति चिह्न भी भेंट किया। इसी दौरे में उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात की।
मुलाकात का विवरण
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस भेंट की जानकारी दी। पोस्ट में लिखा गया, 'कर्नाटक की राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।' इसी तरह राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी राष्ट्रपति मुर्मु से हुई भेंट की पुष्टि की गई। नई दिल्ली में यह डॉ. सुधा यादव की पहली आधिकारिक यात्रा थी।
नियुक्ति और पदभार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर 2026 को डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया था। उन्होंने 16 अक्टूबर 2026 को पद की शपथ ली और कार्यभार संभाला। दिल्ली की यह यात्रा पदभार संभालने के ठीक दो सप्ताह बाद हुई, जो संवैधानिक परंपरा के अनुरूप नवनियुक्त राज्यपालों की प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से की जाने वाली शिष्टाचार भेंट का हिस्सा थी।
डॉ. सुधा यादव: परिचय और पृष्ठभूमि
डॉ. सुधा यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ से पूर्व सांसद रही हैं। उन्होंने 1999 का लोकसभा चुनाव जीता और 2004 तक महेंद्रगढ़ का संसद में प्रतिनिधित्व किया। वे रुड़की विश्वविद्यालय (अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, IIT रुड़की) से रसायन विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त हैं।
उनकी राजनीतिक यात्रा एक गहरी व्यक्तिगत त्रासदी से शुरू हुई। उनके पति सुखबीर सिंह यादव, जो सीमा सुरक्षा बल (BSF) में उप कमान अधिकारी थे, 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। उनके बलिदान के बाद डॉ. यादव ने सार्वजनिक जीवन में कदम रखा।
भाजपा में भूमिका और योगदान
भारतीय जनता पार्टी (BJP) में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वे पार्टी की राष्ट्रीय सचिव रहीं और पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा का नेतृत्व किया। 2019 से 2022 तक वे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की सदस्य भी रहीं। अगस्त 2022 में उन्हें BJP के संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया गया — जो पार्टी का सर्वोच्च नीति-निर्माण निकाय है।
आगे क्या
कर्नाटक में राज्यपाल के रूप में डॉ. सुधा यादव की यह पहली दिल्ली यात्रा संवैधानिक शिष्टाचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गौरतलब है कि कर्नाटक में केंद्र और राज्य सरकार के बीच कई मुद्दों पर तनाव की स्थिति रही है, ऐसे में नई राज्यपाल की यह यात्रा राज्य और केंद्र के बीच समन्वय के भावी स्वरूप का संकेत देती है।