क्या नई दिल्ली में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की 88वीं बैठक हुई?
सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की 88वीं बैठक हुई।
- केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने बैठक की अध्यक्षता की।
- 70 विकास प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
- जल जीवन मिशन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार हुआ।
- पर्यावरणीय संवेदनशीलता पर जोर दिया गया।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की 88वीं बैठक सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने की। इस बैठक में देशभर के संरक्षित क्षेत्रों, वन्यजीव अभयारण्यों, टाइगर रिजर्व और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़े विकास प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान स्थायी समिति ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत कुल 70 प्रस्तावों पर विचार किया। ये प्रस्ताव संरक्षित क्षेत्रों और उनके आसपास स्थित सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और रक्षा आवश्यकताओं से संबंधित थे। समिति ने इन प्रस्तावों पर विचार करते समय पर्यावरणीय संवेदनशीलता, कानूनी प्रावधानों और स्थानीय लोगों की आवश्यक सेवाओं के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक में जिन महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोगिता परियोजनाओं पर चर्चा हुई, उनमें जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति से जुड़े प्रस्ताव, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण, सड़कों का चौड़ीकरण, मोबाइल संचार के लिए 4जी टावर और बिजली ट्रांसमिशन लाइनें शामिल थीं। इसके अलावा मध्य प्रदेश में प्रस्तावित एक मध्यम सिंचाई परियोजना पर भी विचार किया गया।
समिति ने माना कि यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ वन्यजीवों और घड़ियालों के लिए बेहतर जल व्यवस्था सुनिश्चित करने में भी सहायक हो सकती है।
स्थायी समिति ने 17 रक्षा संबंधी प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया। ये प्रस्ताव मुख्य रूप से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और सिक्किम राज्य के सीमावर्ती और ऊंचाई वाले इलाकों में रणनीतिक बुनियादी ढांचे से जुड़े थे।
समिति ने राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन प्रस्तावों की सिफारिश की, साथ ही यह भी निर्देश दिया कि वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी नियमों और शमन उपायों का सख्ती से पालन किया जाए।
बैठक में पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों और निर्देशों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई। इसमें नीतिगत सुधारों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने से जुड़े कदमों पर चर्चा हुई, जिसमें पर्यावरण मंजूरी से जुड़े परिवेश पोर्टल में किए गए सुधार भी शामिल थे। समिति ने निर्णय लिया कि वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी नीतियों और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए भविष्य की बैठकों में इस विषय पर और चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गठित एक वैधानिक संस्था है, जिसका उद्देश्य वन्यजीवों और वनों के संरक्षण से जुड़े मामलों पर सरकार को सलाह देना और यह सुनिश्चित करना है कि विकास कार्य पर्यावरण के संतुलन और स्थिरता के साथ किए जाएं।