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एनसीपी (एसपी) ने राहुरी उपचुनाव के लिए गोविंद मोकाटे को उम्मीदवार के रूप में चुना

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एनसीपी (एसपी) ने राहुरी उपचुनाव के लिए गोविंद मोकाटे को उम्मीदवार के रूप में चुना

सारांश

एनसीपी (एसपी) ने राहुरी विधानसभा उपचुनाव के लिए गोविंद मोकाटे को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह निर्णय तब लिया गया जब पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने चुनावी दौड़ से पीछे हटने का फैसला किया।

मुख्य बातें

गोविंद मोकाटे एनसीपी (एसपी) के उम्मीदवार बने।
पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने अंतिम समय में चुनाव से हटने का निर्णय लिया।
भाजपा ने अक्षय कर्डिले को मैदान में उतारा है।
महा विकास अघाड़ी ने गोविंद मोकाटे का समर्थन किया है।
उपचुनाव 23 अप्रैल को होंगे।

राहुरी, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने सोमवार को गोविंद मोकाटे को राहुरी विधानसभा सीट के लिए पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया।

पार्टी के संभावित उम्मीदवार और पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने अंतिम समय में चुनावी दौड़ से बाहर होने का निर्णय लिया, जिसके चलते एनसीपी को गोविंद मोकाटे को अपना उम्मीदवार बनाना पड़ा।

शशिकांत शिंदे ने कहा, "हमने गोविंद मोकाटे को उम्मीदवारी देने का निर्णय लिया है। महा विकास अघाड़ी की सभी पार्टियों ने उनका समर्थन किया है, और हम इस सीट को निश्चित रूप से जीतेंगे।" जब तनपुरे के उम्मीदवार बनने से पीछे हटने के बारे में पूछा गया, तो शिंदे ने बताया कि तनपुरे चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन मतदाताओं के दबाव में थे।

शिंदे ने कहा कि तनपुरे ने उन्हें बताया था कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते, लेकिन उनके कार्यकर्ताओं की राय उनके लिए महत्वपूर्ण थी। हमने दोपहर एक बजे तक उनके संपर्क में थे, और अंततः यह तय हुआ कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, और हमने गोविंद मोकाटे को अपना उम्मीदवार चुना।

गौरतलब है कि भाजपा के राज्य अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और अहिल्यानगर गार्डियन मिनिस्टर राधाकृष्ण विखे पाटिल ने प्राजक्त तनपुरे से मुलाकात की थी। बंद कमरे में लंबी बातचीत के बाद, तनपुरे का चुनावी रुख बदल गया।

भाजपा के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि चव्हाण और विखे पाटिल की मीटिंग हुई थी। केरल में चुनाव प्रचार के दौरे पर होने के बावजूद, मुख्यमंत्री फडणवीस ने रवींद्र चव्हाण के जरिए सीधे तनपुरे से बात की।

मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार राहुरी विधानसभा क्षेत्र में तनपुरे द्वारा उठाए गए हर विकास के मुद्दे और शिकायत का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री के विश्वास के बाद, तनपुरे ने चुनावी मुकाबले से हटने का निर्णय लिया।

जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक शिवाजीराव कर्डिले की मृत्यु के बाद अहिल्यानगर जिले की राहुरी विधानसभा सीट रिक्त हुई थी। इस सीट पर अब कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। 23 अप्रैलअक्षय को मैदान में उतारा है। अक्षय ने सोमवार को राज्य भाजपा प्रमुख रवींद्र चव्हाण और पार्टी के वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र भरा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां एक ओर एनसीपी (एसपी) ने अपने उम्मीदवार को बदलकर स्थिति को मजबूत किया है, वहीं भाजपा के अंदरूनी विवाद भी सामने आए हैं। यह राहुरी विधानसभा में आगामी चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोविंद मोकाटे को उम्मीदवार क्यों चुना गया?
एनसीपी (एसपी) ने पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे के चुनावी दौड़ से पीछे हटने के बाद गोविंद मोकाटे को उम्मीदवार चुना।
राहुरी उपचुनाव कब होगा?
राहुरी उपचुनाव 23 अप्रैल को होने वाले हैं।
भाजपा ने किसे मैदान में उतारा है?
भाजपा ने शिवाजीराव कर्डिले के बेटे अक्षय को राहुरी उपचुनाव के लिए मैदान में उतारा है।
महाविकास आघाड़ी का समर्थन किसे मिला है?
महाविकास आघाड़ी की सभी पार्टियों ने गोविंद मोकाटे को अपना समर्थन दिया है।
प्राजक्त तनपुरे ने चुनाव क्यों नहीं लड़ा?
प्राजक्त तनपुरे ने मतदाताओं के दबाव के बावजूद चुनाव लड़ने से इनकार किया।
राष्ट्र प्रेस
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