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एनडीए नेताओं ने महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा, कहा- विरोध का कोई औचित्य नहीं

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एनडीए नेताओं ने महिला आरक्षण पर विपक्ष को घेरा, कहा- विरोध का कोई औचित्य नहीं

सारांश

बिहार एनडीए नेताओं ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल न पास होने पर विपक्ष पर निशाना साधा। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने विपक्ष के विरोध को समझ से परे बताया और कहा कि जनता जल्द इसका जवाब देगी।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण का समर्थन एनडीए की प्राथमिकता है।
विपक्ष के विरोध को समझ से परे बताया गया।
जनता की समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता।
पश्चिम बंगाल में विकास के दावों का निराधार होना।
भारत की विदेश नीति में शांति और सद्भाव की प्राथमिकता।

पटना, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार एनडीए के नेताओं ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल के पारित न होने पर विपक्ष को आड़े हाथ लिया है। उनका कहना है कि विपक्ष को इसके परिणाम जल्द ही देखने को मिलेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, "प्रधानमंत्री ने जो कहा है, वह पूरी तरह से सही है। हमारे नेता और एनडीए के सभी दल महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर प्रधानमंत्री महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें आरक्षित कर रहे हैं, तो यह एक स्वागत योग्य कदम है और सभी दलों को इस पर सहमति व्यक्त करनी चाहिए। समझ से परे है कि विपक्ष इसे क्यों विरोध कर रहा है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।"

विजय कुमार चौधरी ने यह भी कहा कि विपक्ष की रणनीति केवल जनता के खिलाफ काम कर रही है और वे जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जो कि उचित नहीं है। जनता इसका जवाब जल्द ही देगी।

जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "विपक्ष को जनता की समस्याओं पर बात करनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि महिला आरक्षण संशोधन बिल पास नहीं हो सका।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी ने विकास के कई दावे किए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में ऐसे उदाहरण नहीं दिखते। वह मुद्दों पर आधारित राजनीति नहीं करतीं और महिलाओं के आरक्षण से उनका कोई सरोकार नहीं है।"

नीरज कुमार ने कहा, "पश्चिम एशिया में जो तनाव चल रहा है वह चिंताजनक है और इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। हमने अपनी आपत्ति जताई है और दुनिया ने देखा है कि आतंकवाद का समर्थन करने वाली ताकतों के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' का सख्ती से सामना किया गया। यह कार्रवाई सभी दलों की सहमति पर आधारित थी। हम शांति और सद्भाव का समर्थन करते हैं, लेकिन अगर हमें उकसाया गया, तो हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जनता की समस्याओं पर ध्यान देना भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण संशोधन बिल क्या है?
महिला आरक्षण संशोधन बिल महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है।
एनडीए का इस बिल पर क्या रुख है?
एनडीए के नेता इस बिल का समर्थन करते हैं और इसे पारित करने की आवश्यकता पर जोर देते हैं।
विपक्ष इस बिल का विरोध क्यों कर रहा है?
विपक्ष का कहना है कि यह बिल उनके विचारों के अनुकूल नहीं है, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया को कई नेता असंगत मानते हैं।
क्या जनता इसका जवाब देगी?
एनडीए नेताओं का मानना है कि जनता जल्द ही अपनी राय व्यक्त करेगी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का इस मामले में क्या कहना है?
जेडीयू प्रवक्ता ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि वे मुद्दों पर आधारित राजनीति नहीं कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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