2 अगस्त 2026
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मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड: एनआईए ने मुख्य साजिशकर्ता ओथांग बैते को किया गिरफ्तार, जांच जारी

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मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड: एनआईए ने मुख्य साजिशकर्ता ओथांग बैते को किया गिरफ्तार, जांच जारी

सारांश

मणिपुर में 2023 की जातीय हिंसा के दौरान एसडीपीओ चिंगथम आनंद कुमार सिंह की हत्या का मामला अब एनआईए की पकड़ में कस रहा है। मुख्य साजिशकर्ता ओथांग बैते की गिरफ्तारी के साथ अब तक 9 आरोपी पकड़े जा चुके हैं — जिनमें एक म्यांमार नागरिक भी शामिल है, जो इस हमले के अंतरराष्ट्रीय आयाम को उजागर करता है।

मुख्य बातें

एनआईए ने 30 अप्रैल 2026 को मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता ओथांग बैते को गिरफ्तार किया।
31 अक्टूबर 2023 को हुए हमले में एसडीपीओ चिंगथम आनंद कुमार सिंह की गोली लगने से मृत्यु हुई थी।
इस मामले में अब तक कुल 9 लोग गिरफ्तार, जिनमें एक म्यांमार नागरिक भी शामिल।
इसी महीने एक अन्य आरोपी कमगिनथांग गांगटे को भी गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए ने असम राइफल्स की 33वीं बटालियन के ट्रक पर 19 सितंबर 2025 के हमले में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तीन उग्रवादियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 30 अप्रैल 2026 को मणिपुर के मोरेह में 2023 में हुई एसडीपीओ चिंगथम आनंद कुमार सिंह की हत्या के मामले में मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओथांग बैते के रूप में हुई है, जो तेंगनौपाल जिले के मोरेह का निवासी है। एनआईए के अनुसार, आरोपी कथित कुकी उग्रवादी समूह के सदस्यों द्वारा किए गए इस हमले की साजिश में शामिल था।

मुख्य घटनाक्रम

31 अक्टूबर 2023 को राज्य में जातीय हिंसा के चरम के दौरान उग्रवादियों ने एक खेल मैदान में मौजूद जिला पुलिस टीम पर गोलीबारी की थी। इस हमले में एसडीपीओ चिंगथम आनंद कुमार सिंह के पेट में गोली लगी और बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। यह मामला पहले मोरेह थाने में दर्ज किया गया था, जिसे मार्च 2024 में एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया था।

गिरफ्तारियों का सिलसिला

एनआईए ने इसी महीने इस मामले में एक अन्य आरोपी कमगिनथांग गांगटे को भी गिरफ्तार किया था। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक म्यांमार नागरिक भी शामिल है। एजेंसी का मानना है कि इस हमले में बाहरी तत्वों की भी भूमिका रही है, और विदेशी नागरिक की संलिप्तता सामने आने के बाद ही एनआईए ने जांच में दखल दिया था।

साजिश की पृष्ठभूमि

जांच के दौरान एनआईए को पता चला कि इस हमले की साजिश मणिपुर में आतंक फैलाने के उद्देश्य से रची गई थी। गौरतलब है कि शहीद पुलिस अधिकारी का शव जब इंफाल लाया गया था, तब मणिपुर के घाटी जिलों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव और उग्रवादी गतिविधियाँ पहले से ही चिंता का विषय बनी हुई हैं।

असम राइफल्स ट्रक हमले में चार्जशीट

एनआईए ने 18 मार्च को मणिपुर में प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तीन उग्रवादियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया, जिन पर असम राइफल्स की 33वीं बटालियन के ट्रक पर हमले का आरोप है। यह हमला 19 सितंबर 2025 को बिष्णुपुर जिले के नामबोल सबल लेकाई इलाके में हुआ था, जिसमें अर्धसैनिक बल के दो जवान मारे गए थे। इंफाल स्थित विशेष अदालत में दाखिल इस चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने से रोकथाम अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धाराएँ लगाई गई हैं।

आगे की जांच

आरोप-पत्र में नामित तीनों आरोपियों — थोंग्राम सदानंद सिंह उर्फ नगाचिक उर्फ पुरकपा, खुंडोंगबाम ओजी मैतेई उर्फ केइलाल और इरेंगबाम जुगिंद्र मैतेई उर्फ जुगिन मैतेई — को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एनआईए की जांच फिलहाल जारी है और आने वाले समय में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी न्याय की प्रक्रिया धीमी रही है। इस गिरफ्तारी से पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन असली परीक्षा सुनवाई और दोषसिद्धि में होगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओथांग बैते कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
ओथांग बैते तेंगनौपाल जिले के मोरेह का निवासी है, जिसे एनआईए ने 30 अप्रैल 2026 को मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि वह कथित कुकी उग्रवादी समूह के सदस्यों द्वारा 31 अक्टूबर 2023 को की गई गोलीबारी की साजिश में शामिल था।
मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड क्या है?
31 अक्टूबर 2023 को जातीय हिंसा के दौरान उग्रवादियों ने मोरेह के एक खेल मैदान में जिला पुलिस टीम पर गोलीबारी की, जिसमें एसडीपीओ चिंगथम आनंद कुमार सिंह के पेट में गोली लगी और बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मार्च 2024 में एनआईए ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के अनुसार इस मामले में अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक म्यांमार नागरिक भी शामिल है। इसी महीने कमगिनथांग गांगटे को भी गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए ने इस मामले की जांच क्यों अपने हाथ में ली?
मामले में एक विदेशी नागरिक — म्यांमार के एक नागरिक — की संलिप्तता सामने आने के बाद एनआईए ने मार्च 2024 में जांच अपने हाथ में ली। एजेंसी का मानना है कि इस हमले में बाहरी तत्वों की भूमिका भी रही है।
असम राइफल्स ट्रक हमले में एनआईए की चार्जशीट किस पर है?
एनआईए ने 18 मार्च को प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तीन उग्रवादियों — थोंग्राम सदानंद सिंह, खुंडोंगबाम ओजी मैतेई और इरेंगबाम जुगिंद्र मैतेई — के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। यह हमला 19 सितंबर 2025 को बिष्णुपुर जिले में हुआ था, जिसमें असम राइफल्स के दो जवान मारे गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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