मणिपुर एसडीपीओ हत्याकांड: एनआईए ने मुख्य साजिशकर्ता ओथांग बैते को किया गिरफ्तार, जांच जारी
सारांश
Key Takeaways
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 30 अप्रैल 2026 को मणिपुर के मोरेह में 2023 में हुई एसडीपीओ चिंगथम आनंद कुमार सिंह की हत्या के मामले में मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओथांग बैते के रूप में हुई है, जो तेंगनौपाल जिले के मोरेह का निवासी है। एनआईए के अनुसार, आरोपी कथित कुकी उग्रवादी समूह के सदस्यों द्वारा किए गए इस हमले की साजिश में शामिल था।
मुख्य घटनाक्रम
31 अक्टूबर 2023 को राज्य में जातीय हिंसा के चरम के दौरान उग्रवादियों ने एक खेल मैदान में मौजूद जिला पुलिस टीम पर गोलीबारी की थी। इस हमले में एसडीपीओ चिंगथम आनंद कुमार सिंह के पेट में गोली लगी और बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। यह मामला पहले मोरेह थाने में दर्ज किया गया था, जिसे मार्च 2024 में एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया था।
गिरफ्तारियों का सिलसिला
एनआईए ने इसी महीने इस मामले में एक अन्य आरोपी कमगिनथांग गांगटे को भी गिरफ्तार किया था। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक म्यांमार नागरिक भी शामिल है। एजेंसी का मानना है कि इस हमले में बाहरी तत्वों की भी भूमिका रही है, और विदेशी नागरिक की संलिप्तता सामने आने के बाद ही एनआईए ने जांच में दखल दिया था।
साजिश की पृष्ठभूमि
जांच के दौरान एनआईए को पता चला कि इस हमले की साजिश मणिपुर में आतंक फैलाने के उद्देश्य से रची गई थी। गौरतलब है कि शहीद पुलिस अधिकारी का शव जब इंफाल लाया गया था, तब मणिपुर के घाटी जिलों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय तनाव और उग्रवादी गतिविधियाँ पहले से ही चिंता का विषय बनी हुई हैं।
असम राइफल्स ट्रक हमले में चार्जशीट
एनआईए ने 18 मार्च को मणिपुर में प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के तीन उग्रवादियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया, जिन पर असम राइफल्स की 33वीं बटालियन के ट्रक पर हमले का आरोप है। यह हमला 19 सितंबर 2025 को बिष्णुपुर जिले के नामबोल सबल लेकाई इलाके में हुआ था, जिसमें अर्धसैनिक बल के दो जवान मारे गए थे। इंफाल स्थित विशेष अदालत में दाखिल इस चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने से रोकथाम अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धाराएँ लगाई गई हैं।
आगे की जांच
आरोप-पत्र में नामित तीनों आरोपियों — थोंग्राम सदानंद सिंह उर्फ नगाचिक उर्फ पुरकपा, खुंडोंगबाम ओजी मैतेई उर्फ केइलाल और इरेंगबाम जुगिंद्र मैतेई उर्फ जुगिन मैतेई — को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एनआईए की जांच फिलहाल जारी है और आने वाले समय में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।