गुवाहाटी: निमिषा ठाकुरिया मौत मामले का आरोपी आशिक अली पुलिस ऑपरेशन में घुटने पर गोली लगने से घायल
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 21 वर्षीय छात्रा निमिषा ठाकुरिया की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी आशिक अली को मंगलवार, 7 अक्टूबर 2026 की तड़के धारापुर में एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान घुटने में गोली लग गई। पुलिस के अनुसार, अली ने हिरासत से भागने की कोशिश की, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। घायल अवस्था में उसे तत्काल गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में भर्ती कराया गया।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
यह घटना उस समय हुई जब आशिक अली की आठ दिन की पुलिस हिरासत समाप्त होने वाली थी और जांच अधिकारी उसे न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान अली ने भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी। अली के घुटने में गोली लगी और उसे GMCH ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज जारी है।
मामले की पृष्ठभूमि
समाजशास्त्र (Sociology) की छात्रा निमिषा ठाकुरिया का शव 25 सितंबर को गुवाहाटी स्थित 'रुद्राज किचन होमस्टे' से मिला था। निमिषा आज़ारा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धारापुर की रहने वाली थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने मौत की परिस्थितियों की जांच शुरू की।
गुवाहाटी के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस बोलिन देओरी के अनुसार, अली ने जांचकर्ताओं को बताया था कि निमिषा ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच की दिशा
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस देओरी ने अली के बयान पर कहा था, 'हम किसी भी बात पर यूं ही यकीन नहीं करेंगे। हम हर पहलू की जांच करेंगे।' जांच अधिकारी अली और निमिषा के आपसी रिश्ते की प्रकृति, होमस्टे में उनकी मुलाकात की परिस्थितियों और निमिषा के बेहोश मिलने से पूर्व हुई घटनाओं की पड़ताल कर रहे हैं।
पुलिस मौत की जांच के दौरान सामने आई चोटों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। फोरेंसिक और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है, जो मौत के सही कारण का खुलासा कर सकती हैं। अली ने निमिषा के साथ संबंध में होने की बात स्वीकार की थी।
सामाजिक चर्चा और संवेदनशीलता
गुवाहाटी में निमिषा ठाकुरिया का शव मिलने के बाद यह मामला व्यापक चर्चा का विषय बना। आत्महत्या या किसी और कारण से हुई मौत — इस सवाल को लेकर समाज और परिजनों में गहरी बेचैनी है। यह ऐसे समय में आया है जब महिला सुरक्षा और कैंपस अपराधों को लेकर पूरे देश में सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या
GMCH में उपचाराधीन आशिक अली से जांच के क्रम में पूछताछ जारी रहने की संभावना है। अदालत में पेशी और न्यायिक हिरासत की कार्यवाही अब उसके स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करेगी। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पुलिस अगला कदम क्या उठाएगी।