गुवाहाटी छात्रा निमिषा ठाकुरिया की मौत: धरपुर होमस्टे सील होने की संभावना, आशिक अली से पूछताछ जारी
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी विश्वविद्यालय की छात्रा निमिषा ठाकुरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में गुवाहाटी पुलिस ने 26 सितंबर 2026 को जांच की गति तेज करते हुए धरपुर इलाके स्थित रुद्र किचन नामक होमस्टे को सील किए जाने की संभावना जताई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस प्रतिष्ठान में मेहमानों को बिना उचित दस्तावेज़ों के ठहराया जा रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
गुवाहाटी विश्वविद्यालय में पाँच वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम की छात्रा निमिषा को शुक्रवार की रात आशिक अली के साथ समय बिताने के बाद शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे गरल पीएचसी के पास बेहोश अवस्था में पाया गया। उसे खोजने वाले तीन व्यक्ति उसे पहले स्वास्थ्य केंद्र और फिर गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, निमिषा और अली ने पिछले एक महीने में लगभग पाँच बार रुद्र किचन होमस्टे का दौरा किया था। पुलिस ने अली को हिरासत में लेकर उससे निमिषा के साथ उसके संबंध, घटना वाली रात की गतिविधियों और मौत से पहले की परिस्थितियों के बारे में पूछताछ शुरू की है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस उपायुक्त बोलिन देउरी ने पत्रकारों को बताया, 'हमने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और वह पुलिस हिरासत में है। हम उससे पूछताछ कर रहे हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और हमें बाद में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।' देउरी ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर होमस्टे से जुड़े प्रतिष्ठान में गड़बड़ी के पर्याप्त सबूत मिले तो वहाँ मौजूद सभी संबंधित लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस फिलहाल होमस्टे के रिकॉर्ड की जांच कर रही है और दस्तावेज़ीकरण में चूक के आरोपों की पुष्टि करने में जुटी है। अधिकारियों ने कहा कि जांच में निमिषा की बेहोशी से पहले की तमाम परिस्थितियाँ और पूछताछ के दौरान दर्ज की गई चोटें भी शामिल हैं।
अली का दावा और जांचकर्ताओं का रुख
आशिक अली ने कथित तौर पर दावा किया है कि निमिषा ने फाँसी लगाकर आत्महत्या की। हालाँकि, जांचकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि वे अभी तक इस दावे की सत्यता की पुष्टि नहीं कर पाए हैं। पुलिस सभी संभावित पहलुओं — जिसमें आपराधिक दायित्व की संभावना भी शामिल है — की खुले दिमाग से जांच कर रही है।
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में होमस्टे और अनौपचारिक आवास प्रतिष्ठानों में नियामक निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दस्तावेज़ों के बिना मेहमान ठहराने का आरोप इस मामले में एक अलग कानूनी आयाम जोड़ता है।
पोस्टमॉर्टम और आगे की जांच
अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मृत्यु के कारण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होगी तथा यह तय होगा कि इस मामले में आपराधिक धाराएँ लागू होती हैं या नहीं। पुलिस ने कहा है कि वे किसी भी निष्कर्ष पर जल्दबाजी में नहीं पहुँचेंगे।
होमस्टे पर नियामक कार्रवाई की संभावना
धरपुर स्थित रुद्र किचन होमस्टे के खिलाफ कार्रवाई की संभावना ने स्थानीय स्तर पर अनौपचारिक आवास प्रतिष्ठानों की जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि दस्तावेज़ीकरण में खामियाँ साबित होती हैं, तो होमस्टे को सील करने और संचालकों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने पर विचार किया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के नतीजे इस मामले की आगे की दिशा तय करेंगे।