जवाहरलाल नेहरू की काली करतूतें: देश को तबाह करने के लिए जिम्मेदार निशिकांत दुबे

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जवाहरलाल नेहरू की काली करतूतें: देश को तबाह करने के लिए जिम्मेदार निशिकांत दुबे

सारांश

झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के खिलाफ एक नई श्रृंखला शुरू की है, जिसमें वह कांग्रेस के समझौतों पर चर्चा कर रहे हैं। उनकी टिप्पणियाँ इतिहास के काले अध्यायों को उजागर करती हैं।

Key Takeaways

  • निशिकांत दुबे की 'कांग्रेस का काला अध्याय' श्रृंखला
  • नेहरू के समय के महत्वपूर्ण समझौते
  • कांग्रेस के निर्णयों का राष्ट्रीय प्रभावित करना

नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के गोड्डा से चौथी बार भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे लगातार कांग्रेस पर आक्रमण कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ एक नई शृंखला "कांग्रेस का काला अध्याय" की शुरुआत की है। इस श्रृंखला के अंतर्गत, वह सोशल मीडिया एक्स पर तिथि के अनुसार कांग्रेस सरकार के समझौतों और निर्णयों के दस्तावेज साझा करते हुए टिप्पणियाँ कर रहे हैं।

निशिकांत दुबे ने "कांग्रेस का काला अध्याय 9 एपिसोड" को एक्स पर साझा करते हुए लिखा है, "आज, यानी २५ मार्च १९१४ को, शिमला में ब्रिटिश इंडिया, चीन सरकार और तिब्बत के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके अंतर्गत नेपाल और तिब्बती समझौता १८५६ तथा जम्मू कश्मीर तिब्बती समझौता १८४२ लागू हुआ। तिब्बत और भारत के बीच सीमा निर्धारण मैकमोहन लाइन के तहत किया गया।

हालांकि, मई १९५१ में नेहरू ने चीन के अधिपत्य के अनुसार तिब्बतियों को चीनी नागरिक बना दिया। शेष कार्य २९ अप्रैल १९५४ को तिब्बत पर चीन के पूर्ण नियंत्रण का समझौता कर लिया गया और इस समझौते के अंतर्गत चीन को भारत में बिना रुकावट आने की अनुमति दे दी गई। देश को तबाह करने की काली करतूत के लिए केवल और केवल नेहरू जी ही जिम्मेदार हैं।

इससे पहले, २४ मार्च को निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था, "२४ मार्च १९९० को श्रीलंका से भारतीय सेना हारकर मजबूरी में वापस आई। भारतीय सेना की अंतिम टुकड़ी को विदा करने वालों में आज के हमारे विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर भी थे, जो उन दिनों श्रीलंका में कार्यरत थे। भारतीय सेना तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जुनून के कारण १९८७ में अपने ही तमिल भाइयों के खिलाफ भेजी गई थी। गांधी परिवार का यह जुनून नया नहीं था। इसके पहले २४ मार्च १९७१ को भी इंदिरा गांधी ने भारतीय सेना को श्रीलंका के छात्र आंदोलन पर नियंत्रण के लिए भेजा था, लेकिन १९७१ के पाकिस्तान युद्ध के दौरान श्रीलंका ने पाकिस्तान का साथ दिया। हमारे हजारों जवान १९८७ से लेकर १९९० तक मारे गए। श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रेमदास ने भारतीय जवानों पर तरह-तरह के आरोप लगाए और राजीव गांधी को चिट्ठी लिखी। पहली बार विदेशी धरती पर भारतीय प्रधानमंत्री पर हमला हुआ और देश के सम्मान को ठेस पहुंची।

Point of View

जिसमें विशिष्ट ऐतिहासिक घटनाओं और कांग्रेस के निर्णयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह एक तथ्यात्मक दृष्टिकोण है जो विभिन्न पक्षों को ध्यान में रखता है।
NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के खिलाफ क्या कहा?
निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के समझौतों और निर्णयों पर टिप्पणियाँ की हैं, जिन्हें उन्होंने 'कांग्रेस का काला अध्याय' नाम दिया है।
नेहरू का तिब्बत के साथ क्या समझौता था?
नेहरू ने 1951 में चीन के अधिपत्य के अनुसार तिब्बतियों को चीनी नागरिक बना दिया और 1954 में चीन को भारत में आने की अनुमति दी।
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