29 सितंबर 2026
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BJP सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर ठोका ₹2 करोड़ का मानहानि केस

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BJP सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर ठोका ₹2 करोड़ का मानहानि केस

सारांश

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के खिलाफ ₹2 करोड़ का सिविल और आपराधिक मानहानि मुकदमा दायर किया है। मामला एक पॉडकास्ट में लगाए गए आरोपों से जुड़ा है, जिसमें गर्ग ने दुबे को LIC मामलों में हस्तक्षेप चाहने वाला कथित तौर पर 'ब्लैकमेलर' बताया था।

मुख्य बातें

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में ₹2 करोड़ का सिविल मानहानि मुकदमा दायर किया।
पटियाला हाउस कोर्ट में भी आपराधिक मानहानि का अलग मामला दर्ज कराया गया है।
विवाद एक पॉडकास्ट में गर्ग के उस बयान से उपजा जिसमें उन्होंने कथित तौर पर दुबे को LIC मामलों में 'ब्लैकमेल' करने वाला बताया था।
गर्ग ने 27 सितंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने 26 सितंबर को वकील अमित अवस्थी को मानहानि नोटिस का जवाब भेज दिया है।
इसी महीने GDP आँकड़ों पर गर्ग के सार्वजनिक सवालों के बाद दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया था।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे और पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के बीच चल रहा विवाद 29 सितंबर 2026 को अदालत का रुख कर चुका है। दुबे ने गर्ग के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में ₹2 करोड़ का सिविल मानहानि मुकदमा दायर किया है और साथ ही पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मानहानि का मामला भी दर्ज कराया है। यह पूरा विवाद एक पॉडकास्ट में दिए गए उस बयान से उपजा है, जिसमें गर्ग ने कथित तौर पर दुबे को 'ब्लैकमेल करने वाला आदमी' बताया था।

मुख्य घटनाक्रम

पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने एक पॉडकास्ट के दौरान आरोप लगाया था कि सांसद निशिकांत दुबे उनके कार्यालय आए थे और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के चेयरमैन पर दबाव डालने की सिफारिश लेकर पहुँचे थे। गर्ग का यह भी कहना था कि दुबे LIC से जुड़े तबादलों और कॉन्ट्रैक्ट संबंधी मामलों में उनका हस्तक्षेप चाहते थे।

इन आरोपों को सांसद दुबे ने 'पूरी तरह झूठा, दुर्भावनापूर्ण और उनकी छवि को धूमिल करने वाला' करार दिया है। इसी आधार पर उन्होंने दोनों अदालतों में मानहानि के मुकदमे दायर किए हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि दुबे और गर्ग के बीच तनाव इसी महीने उस समय और बढ़ गया था जब गर्ग ने केंद्र सरकार द्वारा जारी पहली तिमाही के GDP वृद्धि दर के आँकड़ों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए। इसके बाद दोनों के बीच जुबानी जंग सार्वजनिक मंच पर छिड़ गई, जो अब न्यायिक क्षेत्र में प्रवेश कर चुकी है।

यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी आँकड़ों की विश्वसनीयता को लेकर पूर्व नौकरशाहों और सत्तारूढ़ दल के नेताओं के बीच तीखी बहस चल रही है।

गर्ग का पक्ष

पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने 27 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करके सार्वजनिक रूप से जानकारी दी कि उन्होंने निशिकांत दुबे के मानहानि नोटिस का जवाब दे दिया है। गर्ग ने लिखा, 'मैंने निशिकांत दुबे के मानहानि के नोटिस का जवाब दे दिया है। 26 सितंबर को आपके वकील अमित अवस्थी को अपना जवाब भेजा है। मैं इसे सबकी जानकारी के लिए यहाँ पोस्ट कर रहा हूँ।'

इससे स्पष्ट है कि गर्ग अपने बयानों से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं और मामला दोनों पक्षों के लिए लंबी कानूनी लड़ाई का रूप ले सकता है।

आगे की राह

फिलहाल यह मामला दिल्ली उच्च न्यायालय और पटियाला हाउस कोर्ट — दोनों में विचाराधीन है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे प्रस्तुत कर रहे हैं। न्यायिक प्रक्रिया के तहत अगली सुनवाई की तारीख तय होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि अदालत इस मामले में किस दिशा में आगे बढ़ती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निशिकांत दुबे ने सुभाष गर्ग पर किस आधार पर मानहानि का केस किया है?
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग पर इस आधार पर मानहानि का मुकदमा दायर किया है कि गर्ग ने एक पॉडकास्ट में कथित तौर पर उन्हें 'ब्लैकमेल करने वाला आदमी' बताया और LIC मामलों में अनुचित हस्तक्षेप का आरोप लगाया। दुबे ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और अपनी छवि को नुकसान पहुँचाने वाला करार दिया है।
यह मामला किस-किस अदालत में दर्ज है?
यह मामला दो अदालतों में एक साथ चल रहा है — दिल्ली उच्च न्यायालय में ₹2 करोड़ का सिविल मानहानि मुकदमा और पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मानहानि का मामला। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे प्रस्तुत कर रहे हैं।
सुभाष गर्ग ने मानहानि नोटिस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने 27 सितंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने निशिकांत दुबे के मानहानि नोटिस का जवाब 26 सितंबर को वकील अमित अवस्थी को भेज दिया है। उन्होंने यह जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की, जो दर्शाता है कि वह अपने बयानों से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
दुबे और गर्ग के बीच विवाद कब और कैसे शुरू हुआ?
इसी महीने तनाव तब बढ़ा जब सुभाष गर्ग ने केंद्र सरकार द्वारा जारी पहली तिमाही के GDP वृद्धि दर के आँकड़ों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए। इसके बाद दोनों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई और गर्ग के पॉडकास्ट बयान ने इसे कानूनी विवाद में बदल दिया।
LIC को लेकर गर्ग ने क्या आरोप लगाए थे?
गर्ग ने पॉडकास्ट में कथित तौर पर आरोप लगाया कि सांसद निशिकांत दुबे उनके कार्यालय आए थे और LIC के चेयरमैन पर दबाव डालने की सिफारिश लेकर पहुँचे थे। गर्ग ने यह भी कहा कि दुबे LIC से जुड़े तबादलों और कॉन्ट्रैक्ट मामलों में उनका हस्तक्षेप चाहते थे — आरोप जिन्हें दुबे ने पूरी तरह निराधार बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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