6 अक्टूबर 2026
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नीति आयोग उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने पुरी में किए महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन, बोले — 'परम सौभाग्य है'

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नीति आयोग उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने पुरी में किए महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन, बोले — 'परम सौभाग्य है'

सारांश

नीति आयोग उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने तीन दिवसीय ओडिशा दौरे के अंत में पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए। पिछली यात्रा में देरी के कारण दर्शन न मिलने की निराशा के बाद इस बार उन्होंने संतुष्टि व्यक्त करते हुए इसे 'परम सौभाग्य' बताया और ओडिशा की विकास गति की सराहना की।

मुख्य बातें

नीति आयोग उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने 6 अक्टूबर 2026 को पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए।
तीन दिवसीय ओडिशा दौरे के समापन दिन मंदिर में पूजा-अर्चना की और व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।
लाहिड़ी ने पिछली यात्रा में देरी के कारण दर्शन न मिलने का अनुभव साझा किया; इस बार दर्शन को 'परम सौभाग्य' बताया।
मंदिर प्रशासन ने उन्हें पीला पटका व प्रसाद भेंट कर स्वागत किया।
ओडिशा की तेज विकास गति की सराहना करते हुए राज्य को अपना पसंदीदा राज्य बताया।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने 6 अक्टूबर 2026 को पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। तीन दिवसीय ओडिशा दौरे के समापन पर अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ मंदिर पहुँचे लाहिड़ी ने दर्शन के बाद गहरी संतुष्टि व्यक्त की और इसे अपना 'परम सौभाग्य' बताया।

दर्शन का अनुभव और पिछली यात्रा का संदर्भ

मंदिर परिसर में मीडिया से बातचीत में अशोक लाहिड़ी ने अपनी पिछली यात्रा का स्मरण किया। उन्होंने बताया, 'महाप्रभु के पास पिछली दफा भी आए थे। मुझे आधा घंटा लेट हो गया था। तो बड़े-बड़े लोग का जो होता है, उन्होंने बोला दर्शन नहीं देंगे। मैं निराश होकर चला गया था।' उन्होंने कहा कि इस बार वह आशंकित थे, लेकिन आज 'बहुत बढ़िया दर्शन हुए।'

लाहिड़ी ने आगे कहा, 'जगन्नाथ के दर्शन ही काफी हैं, मुझे बहुत संतुष्टि मिली। जगन्नाथ पुरी मेरा एक सबसे प्रिय तीर्थ है। इधर आ पाए यही मेरा भाग्य है।' उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि इस बार की व्यवस्था बहुत अच्छी थी।

मंदिर प्रशासन का स्वागत

मंदिर प्रशासन की ओर से अशोक लाहिड़ी का औपचारिक स्वागत किया गया। उन्हें पारंपरिक पीला पटका एवं प्रसाद भेंट किया गया। इस अवसर पर नीति आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

ओडिशा के विकास पर सकारात्मक टिप्पणी

नीति आयोग उपाध्यक्ष ने ओडिशा की विकास गति को लेकर भी उत्साहजनक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, 'ओडिशा आगे बढ़ रहा है, काफी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और मेरी आशा है कि ओडिशा और आगे बढ़ेगा। इधर लोगों की तरक्की होगी।' उन्होंने ओडिशा को अपना पसंदीदा राज्य बताते हुए राज्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

आध्यात्मिक माहौल और श्रद्धालुओं की भीड़

इससे पूर्व, पतितपावन की मंगला आरती के दौरान मंदिर में विशेष आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। प्रातःकाल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए एकत्रित हुए और भक्ति-भाव से आरती में सहभागिता की। लाहिड़ी का यह दौरा तीन दिवसीय ओडिशा भ्रमण का अंतिम पड़ाव था, जिसके बाद वे अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ वापस रवाना हुए।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु यह उस बड़े चलन का हिस्सा है जहाँ केंद्रीय नीति-निर्माता ओडिशा दौरों को राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों से जोड़ते हैं। उल्लेखनीय यह है कि लाहिड़ी ने ओडिशा की विकास गति पर सकारात्मक टिप्पणी की, लेकिन किसी ठोस नीतिगत घोषणा से परहेज किया। तीन दिवसीय दौरे का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया, जो नीतिगत पारदर्शिता की दृष्टि से एक अधूरा पहलू है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक लाहिड़ी कौन हैं और वे पुरी क्यों गए?
अशोक लाहिड़ी नीति आयोग के उपाध्यक्ष हैं। वे तीन दिवसीय ओडिशा दौरे के समापन दिन 6 अक्टूबर 2026 को पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुँचे।
अशोक लाहिड़ी की पिछली जगन्नाथ यात्रा में क्या हुआ था?
लाहिड़ी ने बताया कि पिछली बार वे आधा घंटा देर से पहुँचे थे, जिसके कारण उन्हें दर्शन नहीं मिले थे और वे निराश होकर लौट गए थे। इस बार सफलतापूर्वक दर्शन मिलने पर उन्होंने इसे 'परम सौभाग्य' बताया।
नीति आयोग उपाध्यक्ष ने ओडिशा के बारे में क्या कहा?
लाहिड़ी ने कहा कि ओडिशा काफी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और उन्हें आशा है कि राज्य में लोगों की तरक्की जारी रहेगी। उन्होंने ओडिशा को अपना पसंदीदा राज्य बताया।
मंदिर प्रशासन ने लाहिड़ी का स्वागत कैसे किया?
मंदिर प्रशासन ने अशोक लाहिड़ी को पारंपरिक पीला पटका और प्रसाद भेंट कर स्वागत किया। उनके साथ नीति आयोग के अन्य अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के लोग भी उपस्थित थे।
लाहिड़ी कितने दिन ओडिशा में रहे?
अशोक लाहिड़ी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दिन ओडिशा में रहे। 6 अक्टूबर को जगन्नाथ मंदिर दर्शन के बाद वे वापस रवाना हुए।
राष्ट्र प्रेस
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