नीति आयोग उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने पुरी में किए महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन, बोले — 'परम सौभाग्य है'
सारांश
मुख्य बातें
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने 6 अक्टूबर 2026 को पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। तीन दिवसीय ओडिशा दौरे के समापन पर अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ मंदिर पहुँचे लाहिड़ी ने दर्शन के बाद गहरी संतुष्टि व्यक्त की और इसे अपना 'परम सौभाग्य' बताया।
दर्शन का अनुभव और पिछली यात्रा का संदर्भ
मंदिर परिसर में मीडिया से बातचीत में अशोक लाहिड़ी ने अपनी पिछली यात्रा का स्मरण किया। उन्होंने बताया, 'महाप्रभु के पास पिछली दफा भी आए थे। मुझे आधा घंटा लेट हो गया था। तो बड़े-बड़े लोग का जो होता है, उन्होंने बोला दर्शन नहीं देंगे। मैं निराश होकर चला गया था।' उन्होंने कहा कि इस बार वह आशंकित थे, लेकिन आज 'बहुत बढ़िया दर्शन हुए।'
लाहिड़ी ने आगे कहा, 'जगन्नाथ के दर्शन ही काफी हैं, मुझे बहुत संतुष्टि मिली। जगन्नाथ पुरी मेरा एक सबसे प्रिय तीर्थ है। इधर आ पाए यही मेरा भाग्य है।' उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि इस बार की व्यवस्था बहुत अच्छी थी।
मंदिर प्रशासन का स्वागत
मंदिर प्रशासन की ओर से अशोक लाहिड़ी का औपचारिक स्वागत किया गया। उन्हें पारंपरिक पीला पटका एवं प्रसाद भेंट किया गया। इस अवसर पर नीति आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
ओडिशा के विकास पर सकारात्मक टिप्पणी
नीति आयोग उपाध्यक्ष ने ओडिशा की विकास गति को लेकर भी उत्साहजनक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, 'ओडिशा आगे बढ़ रहा है, काफी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और मेरी आशा है कि ओडिशा और आगे बढ़ेगा। इधर लोगों की तरक्की होगी।' उन्होंने ओडिशा को अपना पसंदीदा राज्य बताते हुए राज्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।
आध्यात्मिक माहौल और श्रद्धालुओं की भीड़
इससे पूर्व, पतितपावन की मंगला आरती के दौरान मंदिर में विशेष आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। प्रातःकाल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए एकत्रित हुए और भक्ति-भाव से आरती में सहभागिता की। लाहिड़ी का यह दौरा तीन दिवसीय ओडिशा भ्रमण का अंतिम पड़ाव था, जिसके बाद वे अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ वापस रवाना हुए।