क्या नीति आयोग ने देश के राज्यों की निर्यात तैयारी पर रिपोर्ट जारी की?
सारांश
Key Takeaways
- भारत का निर्यात लक्ष्य 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर है।
- राज्यों की निर्यात तैयारी का आकलन करने के लिए 70 संकेतक शामिल हैं।
- रिपोर्ट में स्थानीय उद्योगों की भूमिका पर जोर दिया गया है।
- बड़े राज्यों में महाराष्ट्र और तमिलनाडु ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
- नीति आयोग ने राज्यों की चुनौतियों और सुधार के क्षेत्रों को पहचाना है।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नीति आयोग ने बुधवार को निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024 को पेश किया है। इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भारत के विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेश निर्यात के लिए कितने सक्षम हैं।
यह रिपोर्ट देश के '2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य' से संबंधित है, जो 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में सहायक होगी। यह रिपोर्ट आंकड़ों के आधार पर राज्यों में निर्यात से संबंधित ढांचों की मजबूती, सुरक्षा और समावेशिता की जांच करती है।
इस इंडेक्स से यह भी स्पष्ट होता है कि राज्यों को निर्यात बढ़ाने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है और कौन-सी नीतियां फायदेमंद हो सकती हैं।
रिपोर्ट जारी करते समय नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत का निर्यात अब इस बात पर निर्भर करता है कि राज्य और जिले कितने सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि निर्यात से जुड़े ढांचे को मजबूत बनाना, लागत को कम करना, उचित संस्थाएं स्थापित करना और स्पष्ट नीतियों का निर्माण करना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि अगर राज्यों और जिलों में निर्यात की तैयारी बेहतर होगी, तो इससे दीर्घकालिक विकास, रोजगार में वृद्धि, और क्षेत्रों के बीच के अंतर को कम किया जा सकेगा।
निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 को चार मुख्य स्तंभों में विभाजित किया गया है, जिसमें 13 उप-स्तंभ और 70 संकेतक शामिल हैं, ताकि राज्यों की तैयारी को सही रूप से समझा जा सके।
इस 2024 संस्करण में कुछ नए विषय जोड़े गए हैं, जैसे आर्थिकी की स्थिरता, लागत की प्रतिस्पर्धा, जनशक्ति की कौशल क्षमता, वित्तीय सुविधाएं और छोटे उद्योगों की स्थिति। इससे रिपोर्ट और अधिक उपयोगी बन गई है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना करने के लिए उन्हें बड़े राज्य, छोटे राज्य, पूर्वोत्तर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। प्रत्येक श्रेणी में उन्हें लीडर, चुनौती देने वाले और आगे बढ़ने वाले राज्यों के रूप में रखा गया है।
रिपोर्ट में जिलों पर विशेष ध्यान दिया गया है, क्योंकि जिले ही निर्यात को जमीन पर मजबूती प्रदान करते हैं। स्थानीय उद्योगों, उत्पादन केंद्रों और आपूर्ति श्रृंखला को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाने पर जोर दिया गया है।
यह रिपोर्ट पूरी तरह से आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और सरकारी संस्थाओं से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग किया गया है और सभी हिस्सों को समान महत्व दिया गया है।
निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 के अनुसार, बड़े राज्यों की श्रेणी में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों के रूप में उभरे हैं।
नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें अपनी ताकत पहचाननी होगी, कमियों को दूर करना होगा और नए व्यापार के अवसरों का सही उपयोग करना होगा, ताकि भारत का निर्यात और बढ़ सके।