राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड दौरे पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन, 6-7 जून को उम्मीदवार पर लगेगी मुहर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 6 और 7 जून को दो दिवसीय झारखंड दौरे पर पहुँचेंगे, जहाँ 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के मद्देनज़र पार्टी के उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। यह राष्ट्रीय अध्यक्ष पद संभालने के बाद नवीन का पहला झारखंड दौरा होगा, और राजनीतिक हलकों में इसे आगामी चुनावी समीकरणों से सीधे तौर पर जोड़कर देखा जा रहा है।
दौरे की तैयारी और बैठक
दौरे की तैयारियों को लेकर रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में व्यवस्था समिति की बैठक हुई। बैठक में कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई और विभिन्न नेताओं के बीच ज़िम्मेदारियों का बँटवारा किया गया।
बैठक में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, सांसद मनीष जायसवाल, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी ने बताया कि अपने इस दौरे के दौरान नवीन संगठनात्मक बैठकों और कार्यकर्ता कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।
रांची से नवीन का पुराना नाता
बाऊरी के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का रांची और झारखंड से विशेष जुड़ाव रहा है क्योंकि उनका जन्म और शिक्षा-दीक्षा रांची में ही हुई है। यही वजह है कि पार्टी के अंदरूनी हलकों में इस दौरे को केवल चुनावी कवायद नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को सीधे संदेश देने के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव का गणित
झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून है। भाजपा एक सीट पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है और इसके लिए संभावित तीन नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जा चुका है।
माना जा रहा है कि नवीन की मौजूदगी में ही उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फ़ैसला होगा। सूत्रों के अनुसार, 7 जून को भाजपा प्रत्याशी पर्चा दाख़िल कर सकते हैं, और इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष का साथ में रहना संभावित है।
दूसरी सीट पर दावे की रणनीति
विधानसभा में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के कुल 24 विधायक हैं, जबकि राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 मतों की आवश्यकता होती है। संख्या-बल कम होने के बावजूद पार्टी नेतृत्व दूसरी सीट पर भी दावा ठोकने के संकेत दे रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हाल ही में कहा था कि उन्हें विश्वास है कि एनडीए से बाहर के कुछ विधायक भी कथित तौर पर ‘अंतरात्मा की आवाज़’ पर मतदान करेंगे, जिससे पार्टी को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे दावे क्रॉस-वोटिंग की राजनीति पर निर्भर हैं, जिसकी गारंटी मतपेटी खुलने से पहले संभव नहीं। आने वाले दिनों में नवीन का यह दौरा झारखंड भाजपा की चुनावी दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।