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क्या नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे?

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क्या नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे?

सारांश

बिहार में नीतीश कुमार अपने 10वें कार्यकाल के लिए शपथ लेने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और अन्य प्रमुख नेता समारोह में शामिल होंगे। जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक समारोह के बारे में सब कुछ।

मुख्य बातें

नीतीश कुमार का 10वां कार्यकाल शुरू हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी समारोह में शामिल होंगे।
गांधी मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।
नीतीश की राजनीतिक यात्रा चार दशकों की है।
एनडीए के साथ उनका गठबंधन बरकरार है।

पटना, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री के पद पर नीतीश कुमार गुरुवार को सुबह 11.30 बजे गांधी मैदान में शपथ लेने जा रहे हैं। यह उनका मुख्यमंत्री के रूप में 10वां कार्यकाल होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित होंगे। इसके साथ ही, कई एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी समारोह में शामिल होंगे।

गांधी मैदान पर आयोजित इस कार्यक्रम को हाल के वर्षों में सबसे बड़ी राजनीतिक सभाओं में से एक माना जा रहा है। समारोह में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस भी शामिल होंगे।

इस कार्यक्रम में तीन लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना है, जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है, निगरानी कैमरे लगाए गए हैं और आपातकालीन चिकित्सा इकाइयों को तैयार रखा गया है, ताकि समारोह का सुचारू आयोजन सुनिश्चित हो सके।

बुधवार को, नीतीश कुमार ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को निवर्तमान मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे।

नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर चार दशकों का है। उनकी यात्रा की शुरुआत 1985 में जनता दल से हुई थी, जब उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। प्रारंभिक वर्षों में उन्होंने लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर काम किया। लेकिन धीरे-धीरे मनमुटाव के कारण उनकी साझेदारी टूट गई।

1994 में, नीतीश ने लालू प्रसाद के खिलाफ विद्रोह किया, जिसमें 14 सांसदों ने जॉर्ज फर्नांडीस के नेतृत्व में दल-बदल कर जनता दल (जॉर्ज) बनाई, जो बाद में समता पार्टी में परिवर्तित हो गई। यह नीतीश के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मोड़ था।

1996 में उन्होंने भाजपा से हाथ मिलाया, जो उनके लिए एक लंबा और उथल-पुथल भरा गठबंधन साबित हुआ। वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रेलवे मंत्री रहे, जहां उन्होंने कई सुधारों की शुरुआत की।

नीतीश का मुख्यमंत्री बनने का पहला दौर 2000 में हुआ, लेकिन गठबंधन में संख्याबल की कमी के कारण उनकी सरकार सात दिन में गिर गई। 2005 में उन्होंने लालू प्रसाद यादव के 15 साल के शासन को समाप्त किया और बिहार में नए दौर की शुरुआत की।

2013 में भाजपा से रिश्ते टूटने के बाद, नीतीश ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के खिलाफ विरोध जताया। यह कदम राजनीतिक अस्थिरता का कारण बना और जनता दल (यूनाइटेड) की स्थिति कमजोर हुई।

2015 में, नीतीश ने लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर महागठबंधन का गठन किया और भाजपा को हराकर सत्ता में लौटे। हालांकि, यह साझेदारी भी ज्यादा दिन नहीं चली और 2017 में नीतीश कुमार ने गठबंधन छोड़ दिया और फिर से भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हो गए।

2022 में भाजपा पर जनता दल (यूनाइटेड) को तोड़ने का आरोप लगाते हुए नीतीश ने एनडीए से बाहर निकलकर महागठबंधन में वापसी की, लेकिन यह अध्याय भी केवल दो साल चला। अब 2024 के आम चुनावों से ठीक पहले नीतीश कुमार ने फिर से एनडीए में वापसी की।

एनडीए के साथ नीतीश कुमार का गठबंधन फिलहाल बरकरार है और इसी का नतीजा है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने दूसरी बार 200 से अधिक का आंकड़ा पार किया। 2010 में एनडीए को 206 सीटें मिली थीं और इस बार भाजपा-जदयू वाले गठबंधन ने 202 सीटों पर जीत हासिल की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार और राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अत्यधिक है। यह दर्शाता है कि कैसे राजनीतिक गठबंधन और रणनीतियाँ समय के साथ बदलती हैं। प्रधानमंत्री मोदी और अन्य उच्च स्तरीय नेताओं की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि बिहार की राजनीति में अभी भी गहरा असर है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीतीश कुमार कब शपथ लेंगे?
नीतीश कुमार गुरुवार, 20 नवंबर को सुबह 11.30 बजे शपथ लेंगे।
इस समारोह में कौन-कौन शामिल होंगे?
इस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और अन्य कई नेता शामिल होंगे।
गांधी मैदान में कितने लोग शामिल होने की उम्मीद है?
गांधी मैदान में तीन लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना है।
नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा कब शुरू हुई थी?
नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा 1985 में जनता दल से शुरू हुई थी।
क्या नीतीश कुमार ने पहले भी सीएम पद की शपथ ली है?
जी हाँ, यह नीतीश कुमार का 10वां मुख्यमंत्री कार्यकाल है।
राष्ट्र प्रेस
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