<b>नीतीश कुमार</b> का इस्तीफा: <b>नीरज कुमार</b> ने पेश की नई <b>मिसाल</b>
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार का इस्तीफा एक नई मिसाल है।
- नीरज कुमार ने उनकी सराहना की है।
- महिलाओं के आरक्षण को लेकर जदयू की प्रतिबद्धता।
- निशांत कुमार भविष्य के नेता हो सकते हैं।
- नीतीश ने विकास की नई परिभाषा प्रस्तुत की।
पटना, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नीतीश ने अपने पद को छोड़कर एक नई मिसाल प्रस्तुत की है।
उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार ने 2030 के लिए अपने पक्ष में जनादेश प्राप्त किया था। लेकिन, वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देकर एक नई मिसाल स्थापित की है, जिस पर एनडीए के घटक दलों को भी चर्चा करनी चाहिए। नीतीश कुमार ने प्रदेश के लोगों की सेवा में समर्पण और साहस का परिचय दिया है।
जदयू प्रवक्ता ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को शिवराज ने इस बात को स्पष्ट किया था कि किस तरह नीतीश कुमार ने अपने शासनकाल में प्रदेश को जंगलराज से मुक्त किया। इसके साथ ही, नीतीश ने विकास और सामाजिक कल्याण की नई परिभाषा प्रस्तुत की, जिसे आने वाली पीढ़ियाँ हमेशा याद रखेंगी।
उन्होंने कहा कि हमें यह कहने में संकोच नहीं है कि नीतीश कुमार ने अपने शासनकाल में प्रदेश के विकास के लिए जो कार्य किए, उन्हें बाइबिल और कुरान की तरह माना जाना चाहिए। नीतीश कुमार के पास प्रदेश के विकास के लिए एक ठोस रूपरेखा थी, जिसे भी इस शास्त्र में दर्ज किया जाना चाहिए। यह कहना उचित होगा कि नीतीश कुमार ने हमेशा प्रदेश के लोगों के हितों को प्राथमिकता दी।
इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं के विकास में आरक्षण दिलाने की दिशा में अपनी सरकार की प्रतिबद्धता प्रकट की। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण दिलाने में कई बाधाएँ उत्पन्न की गई हैं। लेकिन, मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम महिलाओं के विकास के लिए लिए गए निर्णयों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकते।
जब नीरज कुमार से पूछा गया कि वे शपथ ग्रहण समारोह में क्यों नहीं जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है। मुझे आमतौर पर भीड़ में असहजता होती है, इसलिए मैंने इस कार्यक्रम से दूरी बनाई।
उन्होंने निशांत कुमार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं और उन्हें जदयू के परिप्रेक्ष्य में भविष्य का नेता माना जा सकता है। वह वर्तमान में लोगों की उम्मीद हैं।
जब उनसे पूछा गया कि यह चर्चा थी कि निशांत कुमार मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं, तो जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जिनके पिताजी ने इतना बड़ा पद त्याग दिया, जाहिर है कि उनके बेटे में यह संस्कार होगा। आज की स्थिति ऐसी बन चुकी है कि अगर कोई विधायक भी बन जाता है, तो उसके बच्चे गाड़ी पर चढ़कर बोलते हैं। लेकिन, नीतीश कुमार के बेटे का संस्कार देखिए कि उन्होंने अपने पिता के पद को ठुकरा दिया। यही कारण है कि उनकी चर्चा हो रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निशांत कुमार भविष्य में केवल पार्टी के कार्यों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नेतृत्व से जुड़े कार्यभार भी संभालेंगे, क्योंकि वह वर्तमान में लोगों की आशाएँ हैं। नीतीश कुमार ने अपने पीछे एक मजबूत विरासत छोड़ी है।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश कुमार ने नौकरशाहों को नियंत्रित करने के लिए लोक शिकायत निवारण कानून बनाया था। लोक शिकायत सरकारी सेवक नियमावली बनाई। ब्यूरोक्रेसी की अपनी भूमिका है। विधायिका और कार्यपालिका की अपनी भूमिका है। आप नीतीश कुमार के हर शासनकाल को देखिए, हम जहाँ थे, वहीं पर खड़े हैं। नीतीश कुमार ने धनबल और बाहुबल की राजनीति पर सीधा प्रहार किया।