क्या नोएडा में किसानों पर लाठीचार्ज मामला तूल पकड़ रहा है?

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क्या नोएडा में किसानों पर लाठीचार्ज मामला तूल पकड़ रहा है?

सारांश

नोएडा में किसानों पर लाठीचार्ज की घटना ने एक नई बहस को जन्म दिया है। पुलिस ने किसानों की शिकायत पर कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। क्या यह कार्रवाई प्रशासन की निष्पक्षता को दर्शाती है या फिर कुछ और?

मुख्य बातें

लाठीचार्ज की घटना ने किसानों में आक्रोश फैला दिया है।
पुलिस ने कई अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सिपाही रहीसुद्दीन को निलंबित कर दिया गया है।
किसानों की मांगों का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

नोएडा, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। किसानों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने नोएडा अथॉरिटी के इंजीनियरों, कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।

सूत्रों के अनुसार, किसानों ने आरोप लगाया है कि लाठीचार्ज के दौरान उन्हें जान से मारने की मंशा से पीटा गया। इस घटना के बाद, आक्रोशित किसानों ने पुलिस को तहरीर सौंपकर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। किसानों की शिकायत पर दर्ज की गई एफआईआर में नोएडा अथॉरिटी के दो जूनियर इंजीनियरों निखिल और विनीत, पटवारी मुकुल, और सुपरवाइजर मनीष के नाम शामिल हैं। साथ ही, अथॉरिटी में तैनात सिपाही रहीसुद्दीन और पुलिसकर्मी जितेंद्र सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

किसानों का कहना है कि इन सभी ने मिलकर लाठीचार्ज की कार्रवाई को अंजाम दिया और किसानों पर बर्बरता दिखाई। इस मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई सिपाही रहीसुद्दीन के खिलाफ हुई है। पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर बैठे थे, लेकिन अचानक उन पर लाठियां बरसाई गईं। किसानों ने यह भी कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अथॉरिटी और प्रशासन के सामने आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। लाठीचार्ज ने उनकी पीड़ा और आक्रोश को और बढ़ा दिया है।

इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच की जिम्मेदारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है और किसानों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पूरे देश के किसानों के अधिकारों की सुरक्षा का प्रश्न है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में किसानों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया?
किसानों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई थी, जिसके बाद उन पर लाठीचार्ज किया गया।
क्या पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है?
जी हां, पुलिस ने किसानों की तहरीर के आधार पर कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
किसान संगठनों की प्रतिक्रिया क्या है?
किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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