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नोएडा में 13 ईवी बैटरी स्वैपिंग स्टेशन: HPCL और नोएडा प्राधिकरण का बड़ा समझौता

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नोएडा में 13 ईवी बैटरी स्वैपिंग स्टेशन: HPCL और नोएडा प्राधिकरण का बड़ा समझौता

सारांश

नोएडा प्राधिकरण और HPCL के बीच हुए समझौते से शहर के 13 प्रमुख स्थानों पर ईवी बैटरी स्वैपिंग स्टेशन बनेंगे — बिना प्राधिकरण पर एक रुपये का बोझ डाले। यह पहल NCR के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक नोएडा को ईवी-फ्रेंडली बनाने की दिशा में एक व्यावहारिक और दोहराने योग्य मॉडल पेश करती है।

मुख्य बातें

नोएडा प्राधिकरण और HPCL के बीच 28 अप्रैल 2026 को ईवी बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिए समझौता हस्ताक्षरित।
नोएडा के 13 प्रमुख स्थानों पर स्टेशन स्थापित होंगे — मेट्रो स्टेशन, मॉल और अस्पताल के पास।
सभी स्टेशन HPCL अपने खर्च पर बनाएगी; नोएडा प्राधिकरण पर कोई वित्तीय भार नहीं ।
प्राधिकरण को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के तहत ₹1 प्रति किलोवाट घंटे की दर से आय मिलेगी।
दोपहिया और तिपहिया ईवी चालकों को कुछ मिनटों में बैटरी बदलने की सुविधा मिलेगी।
यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है।

नोएडा प्राधिकरण और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के बीच 28 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके तहत नोएडा के 13 प्रमुख स्थानों पर ईवी बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करूणेश के निर्देशन में हुई यह पहल शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ

इस समझौते की सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि नोएडा प्राधिकरण पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। सभी 13 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन HPCL द्वारा अपने खर्च पर स्थापित किए जाएंगे। इसके बदले में प्राधिकरण को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के अंतर्गत बिजली खपत पर प्रति किलोवाट घंटे ₹1 की दर से राजस्व प्राप्त होगा। यह मॉडल सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक व्यावहारिक उदाहरण है।

किन स्थानों पर बनेंगे स्टेशन

जिन 13 स्थानों पर ये स्टेशन स्थापित होंगे, उनमें शामिल हैं — सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के सामने, सेक्टर-29 का गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-25ए में स्पाइस मॉल के पास, सेक्टर-24 स्थित ईएसआईसी अस्पताल के सामने, सेक्टर-63 में इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन के पास, हल्दीराम मार्केट (एच-ब्लॉक), सेक्टर-58, सेक्टर-61 के शॉपप्रिक्स मॉल के पास, सेक्टर-16ए, सेक्टर-16, सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन और एमिटी यूनिवर्सिटी के आसपास का क्षेत्र।

आम वाहन चालकों को कैसे मिलेगा फायदा

बैटरी स्वैपिंग तकनीक दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। अब तक चार्जिंग में लगने वाले लंबे समय की जगह, वाहन चालक कुछ ही मिनटों में डिस्चार्ज बैटरी को पूरी तरह चार्ज बैटरी से बदल सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईवी अपनाने में झिझक रखने वाले उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ेगा।

पर्यावरण और स्मार्ट सिटी लक्ष्य

यह पहल नोएडा को एक स्मार्ट और सतत विकास वाले शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी और शहर का समग्र पर्यावरण बेहतर होगा। गौरतलब है कि नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में गिना जाता है, ऐसे में यह पहल विशेष महत्व रखती है।

आगे की राह

अधिकारियों का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी देशभर में ईवी अवसंरचना को मजबूत करने पर जोर दे रही है। स्टेशनों के चालू होने की समयसीमा फिलहाल आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजस्व साझेदारी और हरित लक्ष्य एक साथ। लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है: NCR में पिछले कई ईवी चार्जिंग पायलट प्रोजेक्ट घोषणाओं के बाद भी जमीन पर नहीं उतर पाए। ₹1 प्रति यूनिट की राजस्व दर प्राधिकरण के लिए प्रतीकात्मक है, पर HPCL के लिए व्यावसायिक व्यवहार्यता का सवाल बना रहेगा — खासकर तब जब स्टेशनों की उपयोगिता दर कम रहे। स्टेशनों के चालू होने की कोई स्पष्ट समयसीमा न होना भी एक चिंता का विषय है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में ईवी बैटरी स्वैपिंग स्टेशन कहाँ-कहाँ बनेंगे?
नोएडा के 13 स्थानों पर ये स्टेशन बनेंगे, जिनमें सेक्टर-6 (नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के सामने), सेक्टर-29 (गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स), सेक्टर-63 (इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन), सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन, एमिटी यूनिवर्सिटी और अन्य प्रमुख व्यावसायिक व आवासीय क्षेत्र शामिल हैं।
बैटरी स्वैपिंग स्टेशन से दोपहिया-तिपहिया वाहन चालकों को क्या फायदा होगा?
बैटरी स्वैपिंग से वाहन चालकों को घंटों चार्जिंग के बजाय कुछ ही मिनटों में डिस्चार्ज बैटरी की जगह पूरी तरह चार्ज बैटरी मिल जाएगी। इससे समय की बचत होगी और ईवी अपनाने में आने वाली 'रेंज एंग्जाइटी' भी कम होगी।
इस परियोजना पर नोएडा प्राधिकरण का कितना खर्च होगा?
नोएडा प्राधिकरण पर इस परियोजना में कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। सभी 13 स्टेशन HPCL अपने खर्च पर स्थापित करेगी। प्राधिकरण को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के तहत ₹1 प्रति किलोवाट घंटे की दर से आय प्राप्त होगी।
नोएडा-HPCL समझौते पर किसके निर्देशन में हस्ताक्षर हुए?
यह समझौता नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करूणेश के निर्देशानुसार 28 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षरित किया गया।
क्या यह मॉडल अन्य शहरों में भी लागू हो सकता है?
प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि शून्य सरकारी खर्च और राजस्व साझेदारी पर आधारित यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है। हालांकि इसकी व्यापक सफलता स्टेशनों की उपयोगिता और समय पर क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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