क्या इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी हुई? नोएडा साइबर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा!

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क्या इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी हुई? नोएडा साइबर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा!

सारांश

नोएडा की साइबर क्राइम पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी की। आरोपी ने एक फर्जी कंपनी का नाम लेकर लोगों से पैसे हड़पे। जानें इस मामले के पीछे का सच और पुलिस की कार्रवाई।

मुख्य बातें

साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
लोगों को जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
फर्जी कंपनियों के झांसे में न आएं।
सुरक्षा उपायों का पालन करें।
ठगी के मामले में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

नोएडा, 29 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा की साइबर क्राइम पुलिस ने इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 24 वर्षीय नितेश कुमार प्रसाद के रूप में हुई है, जो हरियाणा के फरीदाबाद का निवासी है। उसे फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया और उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने 22 जुलाई को थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि एक साइबर अपराधी ने खुद को “एबॉट वेल्थ कोलकाता (भारत)” कंपनी का कर्मचारी बताकर व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया और इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग के माध्यम से मुनाफा कमाने का झांसा देकर 2 करोड़ 89 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की। मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और गिरोह के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया।

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में नितेश ने स्वीकार किया कि उसने अन्य साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते का इस्तेमाल करने की अनुमति 2 प्रतिशत कमीशन के लालच में दी थी। जांच में सामने आया कि उसके कोटक महिंद्रा बैंक खाते में इस ठगी से संबंधित 6 लाख रुपये और अन्य मामलों से जुड़े 30 लाख 77 हजार रुपये जमा किए गए थे। पुलिस ने बताया कि गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

थाना साइबर क्राइम ने पीड़ित के 26 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं और रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एनसीआरपी पोर्टल की जांच में पता चला है कि आरोपी के खातों से जुड़े मामलों में कर्नाटक और ओडिशा में भी शिकायतें दर्ज हैं, जिनके संबंध में संबंधित राज्यों से समन्वय कर कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

साइबर सेल अधिकारियों ने आम लोगों को आगाह करते हुए सुरक्षा संबंधी सुझाव जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि निवेश संबंधी किसी भी ईमेल या लिंक को बिना जांचे न खोलें, निवेश से पहले सेबी की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें और टेलीग्राम या व्हाट्सएप ग्रुप पर दी जा रही लालच भरी बातों पर भरोसा न करें। निवेश हमेशा अधिकृत बैंक या विश्वसनीय डीमैट सेवा प्रदाताओं के माध्यम से करें और किसी अनजान व्यक्ति के बैंक खाते में सीधे पैसा जमा न करें। किसी संदिग्ध लिंक से कोई एप्लिकेशन डाउनलोड न करें। यदि आपके साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग क्या है?
इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग एक वित्तीय गतिविधि है जिसमें लोग शेयर, बॉंड, और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश करते हैं।
साइबर ठगी से कैसे बचें?
साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और हमेशा अधिकृत प्लेटफार्मों का इस्तेमाल करें।
क्या मुझे किसी संदिग्ध लिंक से एप्लिकेशन डाउनलोड करनी चाहिए?
नहीं, किसी भी संदिग्ध लिंक से एप्लिकेशन डाउनलोड नहीं करनी चाहिए।
अगर मैं साइबर ठगी का शिकार हो जाऊं तो क्या करूं?
अगर आप साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें या 1930 पर कॉल करें।
क्या पुलिस ने ठगी के पैसे वापस किए?
जी हां, पुलिस ने पीड़ित के कुछ पैसे फ्रीज कर दिए हैं और रिफंड प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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