नोएडा के करीब एक दर्जन स्कूलों को ई-मेल से बम की धमकी, पुलिस अलर्ट — अब तक कुछ संदिग्ध नहीं मिला
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले करीब एक दर्जन स्कूलों को 12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को ई-मेल के ज़रिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और विद्यार्थियों में चिंता का माहौल फैल गया। सूचना मिलते ही गौतमबुद्धनगर पुलिस और प्रशासन ने तत्काल अलर्ट जारी कर दिया और सुरक्षा जाँच अभियान शुरू किया।
कौन-से स्कूल निशाने पर
धमकी की ज़द में आए स्कूलों में सेक्टर-16 स्थित एपीजे स्कूल, स्टेप बाय स्टेप और डीपीएस जीबीएन समेत अन्य विद्यालय शामिल बताए जा रहे हैं। ई-मेल के ज़रिए भेजी गई इन धमकियों की जानकारी स्कूल प्रबंधन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को दी। एहतियात के तौर पर कुछ स्कूलों ने बच्चों को घर भेजना भी शुरू कर दिया।
सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई
बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड, एंटी-सबोटाज चेकिंग टीम और फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर भेजकर स्कूल परिसरों की सघन तलाशी ली गई। संबंधित थानों की पुलिस ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्कूल के हर हिस्से की जाँच कराई। गौतमबुद्धनगर पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक की जाँच में कोई संदिग्ध वस्तु या प्रतिकूल तथ्य सामने नहीं आया है।
साइबर टीम की जाँच
ई-मेल से धमकी भेजे जाने के मामले में साइबर टीम भी सक्रिय हो गई है। पुलिस ई-मेल से जुड़े तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है ताकि धमकी भेजने वाले व्यक्ति या स्रोत की पहचान हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में देश के कई बड़े शहरों में स्कूलों को इस तरह की ई-मेल धमकियाँ मिल चुकी हैं, जिनमें से अधिकांश बाद में झूठी साबित हुई हैं। फिलहाल जाँच पूरी होने से पहले धमकी के पीछे की मंशा को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस की अपील — अफवाहों से बचें
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस ने अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा रखें। अधिकारियों ने कहा कि मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है और ई-मेल की तकनीकी जाँच के साथ-साथ ज़रूरी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं।
आगे क्या होगा
साइबर जाँच के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि धमकी वास्तविक थी या महज़ दहशत फैलाने की कोशिश। पुलिस टीमें स्कूल परिसरों में सतर्कता बरकरार रखे हुए हैं और स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है।