क्या नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली?
सारांश
Key Takeaways
- नोएडा में बम से उड़ाने की धमकी के ई-मेल प्राप्त हुए।
- सुरक्षा के लिए स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई।
- पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचे।
- छात्रों की सुरक्षित डिस्पर्सल प्रक्रिया शुरू की गई।
- स्थिति नियंत्रण में है, कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
नोएडा, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा में शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के कई प्रमुख स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने तत्क्षण कदम उठाते हुए संबंधित स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी। पुलिस और बम निरोधक दस्ता (बम डिस्पोजल स्क्वायड) मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिव नादर, फादर एग्नेल स्कूल नोएडा, आर्मी पब्लिक स्कूल, श्रीराम मिलेनियम स्कूल और रामाज्ञा स्कूल को धमकी भरे ई-मेल भेजे गए हैं। इन स्कूलों के अलावा अन्य शैक्षणिक संस्थानों को भी इसी तरह के मेल मिलने की सूचना है, जिससे कुल मिलाकर नोएडा के आधा दर्जन से अधिक स्कूल प्रभावित बताए जा रहे हैं।
रामाज्ञा स्कूल ने स्पष्ट किया है कि स्कूल को ई-मेल के माध्यम से बम की धमकी मिली है। एहतियातन स्कूल को बंद कर दिया गया है और छात्रों की सुरक्षित डिस्पर्सल प्रक्रिया शुरू की गई। स्कूल बसों को वापस भेज दिया गया, जबकि वॉकर छात्रों के अभिभावकों से तुरंत बच्चों को लेने आने की अपील की गई। कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों की छुट्टी सुबह 10:30 बजे और कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों की छुट्टी 10:45 बजे निर्धारित की गई।
स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से घबराने की जरूरत न बताते हुए कहा कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय पहले से लागू हैं। वहीं फादर एग्नेल स्कूल, नोएडा द्वारा जारी सूचना में बताया गया कि स्कूल को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। एहतियातन प्री-स्कूल को पूरे दिन के लिए बंद कर दिया गया है। स्कूल बस सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं और ऑनलाइन कक्षाएं भी नहीं होंगी।
सूत्रों के अनुसार आर्मी पब्लिक स्कूल को भी इसी तरह का धमकी भरा मेल मिला, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए छुट्टी घोषित कर दी। घटना की सूचना मिलते ही नोएडा पुलिस, स्थानीय प्रशासन और बम निरोधक दस्ता सक्रिय हो गए। स्कूल परिसरों की सघन जांच की जा रही है और साइबर टीम ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अभी तक किसी भी स्कूल से संदिग्ध वस्तु मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।