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क्या नवंबर में यूपीआई ट्रांजैक्शन में 32 प्रतिशत का अद्भुत उछाल आया है?

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क्या नवंबर में यूपीआई ट्रांजैक्शन में 32 प्रतिशत का अद्भुत उछाल आया है?

सारांश

नवंबर में यूपीआई ट्रांजैक्शन में 32 प्रतिशत का उछाल आया है, जो कुल 20.47 अरब पहुंच गया है। यह आंकड़ा भारत की डिजिटल पेमेंट में हो रही उन्नति को दर्शाता है। क्या यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा?

मुख्य बातें

नवंबर में यूपीआई ट्रांजैक्शन में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
कुल 20.47 अरब यूपीआई लेन-देन हुए।
नवंबर में 26.32 लाख करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ।
आईएमपीएस के जरिए 369 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए।
यूपीआई भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

नई दिल्ली, 1 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। नए महीने के आगमन के साथ, नवंबर के यूपीआई आंकड़े भी सामने आ गए हैं। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष नवंबर में यूपीआई ट्रांजैक्शन में सालाना आधार पर 32 प्रतिशत का अद्भुत उछाल देखा गया। पिछले महीने कुल 20.47 अरब यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए।

इसके साथ ही, नवंबर में 26.32 लाख करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसके अलावा, पिछले महीने का एवरेज डेली ट्रांजैक्शन काउंट 682 मिलियन रहा और एवरेज डेली ट्रांजैक्शन 87,721 करोड़ रुपए रहा।

अगस्त में, यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या 20.70 अरब दर्ज की गई थी, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 25 प्रतिशत का उछाल था। इसी तरह, अक्टूबर में कुल यूपीआई ट्रांजैक्शन अमाउंट में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी, जो कि बढ़कर 27.28 लाख करोड़ रुपए हो गया था।

एनपीसीआई द्वारा इमिडिएट पेमेंट सर्विस (आईएमपीएस) के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए हैं। नवीनतम डेटा के अनुसार, नवंबर में आईएमपीएस के माध्यम से कुल 369 मिलियन ट्रांजैक्शन हुए और ट्रांजैक्शन का कुल अमाउंट 6.15 लाख करोड़ रुपए रहा। आईएमपीएस ट्रांजैक्शन अमाउंट में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आईएमपीएस के जरिए एवरेज डेली ट्रांजैक्शन 12.30 मिलियन रहा और एवरेज डेली ट्रांजैक्शन अमाउंट 20,506 करोड़ रुपए रहा।

यूपीआई को एनपीसीआई द्वारा 2016 में लॉन्च किया गया था, जिसने देश में पैसे भेजने और प्राप्त करने के तरीकों को पूरी तरह से बदल दिया है। यूपीआई उपयोगकर्ताओं के सभी बैंक अकाउंट को एक ही मोबाइल ऐप पर एक साथ लाता है, जिससे केवल एक टैप पर पैसे भेजना आसान हो जाता है। यूपीआई भारत को कैश और कार्ड-बेस्ड पेमेंट से डिजिटल-फर्स्ट इकोनॉमी की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह ट्रेंड हमें दिखाता है कि लोग डिजिटल भुगतान को अपनाने में तेजी दिखा रहे हैं। यह एक सकारात्मक संकेत है, जो हमें बताता है कि हम एक डिजिटल-फर्स्ट समाज की ओर बढ़ रहे हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवंबर में यूपीआई ट्रांजैक्शन में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
यह वृद्धि डिजिटल भुगतान में लोगों की बढ़ती रुचि और ई-कॉमर्स के विस्तार के कारण है।
क्या यूपीआई सुरक्षित है?
हाँ, यूपीआई सुरक्षित है और इसमें कई सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जैसे कि दो-चरणीय प्रमाणीकरण।
राष्ट्र प्रेस
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