क्या ओडिशा में एक छात्रा ने आत्मदाह किया? जानिए पूरी कहानी

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क्या ओडिशा में एक छात्रा ने आत्मदाह किया? जानिए पूरी कहानी

सारांश

ओडिशा के बरगढ़ जिले में एक नाबालिग लड़की ने आत्मदाह कर लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यह घटना न केवल उसके परिवार के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। जानिए इस दुखद घटना के पीछे की वजह और पुलिस का क्या कहना है।

मुख्य बातें

समाज में मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा बढ़ता जा रहा है।
नाबालिगों पर दबाव एक गंभीर समस्या है।
पुलिस कार्रवाई की जरूरत है।

भुवनेश्वर, 11 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के बरगढ़ जिले के फिरींगीमाला गांव में एक और दुखद आत्मदाह की घटना सामने आई है। एक 13 वर्षीय लड़की ने सोमवार को कथित तौर पर खुद को आग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी।

सूत्रों के अनुसार, लड़की को गैसिलेट पुलिस सीमा के फिरींगीमाला गांव में अपने चाचा के घर के समीप एक खेत में आधी जली हुई अवस्था में पाया गया। उसे तत्काल बेहतर चिकित्सा के लिए संबलपुर जिले के वीएसएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया।

बरगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक अबिलाश जी. ने बताया कि दोपहर के समय इलाज के दौरान लड़की की मृत्यु हो गई।

उन्होंने कहा कि पीड़िता एक नाबालिग है। उसके परिवार ने शिकायत दर्ज की है कि उसने आत्मदाह किया। इस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम और जांच चल रही है। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। घटना के बाद पीड़िता का बयान वाला वीडियो भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।

गांव के निवासियों के अनुसार, पीड़िता ने अस्पताल में बताया कि उसने अपनी एक सहेली के कारण ऐसा कदम उठाया। हालांकि, उसने सहेली का नाम नहीं बताया।

पीड़िता का बयान वाला वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस इस वीडियो की जांच कर रही है।

पीड़िता, जो पास के आश्रम स्कूल में कक्षा 8 की छात्रा थी, कुछ दिन पहले स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अपने मामा के घर आई थी। उसके पिता एक प्रवासी मजदूर हैं, जो तमिलनाडु में एक निजी कंपनी में काम करते हैं।

पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी रेंज) हिमांशु कुमार लाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हम कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करेंगे।"

यह इस तरह की चौथी घटना है। इससे पहले 12 जुलाई को फकीर मोहन ऑटोनॉमस कॉलेज की एक छात्रा ने प्रिंसिपल के कमरे के पास आत्मदाह किया था। उस छात्रा को 90 प्रतिशत से अधिक जलने की चोटें आई थीं और 14 जुलाई को भुवनेश्वर के एम्स में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

इसी तरह, 19 जुलाई को पुरी जिले के बलंगा क्षेत्र में तीन अज्ञात बाइक सवारों ने एक नाबालिग लड़की को आग लगा दी थी। 16 साल की पीड़िता ने 14 दिन तक दिल्ली के एम्स में जिंदगी के लिए संघर्ष किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

वहीं, 6 अगस्त को केंदपारा जिले के पट्टमुंडई क्षेत्र में एक 20 साल की छात्रा ने अपने घर में आत्मदाह कर लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और नाबालिगों पर बढ़ते दबाव का संकेत भी है। हमें इस पर गहराई से विचार करने और उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या लड़की ने आत्मदाह क्यों किया?
लड़की ने अपने एक सहेली के कारण आत्मदाह करने का दावा किया, लेकिन उसने नाम नहीं बताया।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।
क्या यह पहली घटना है?
नहीं, यह इस तरह की चौथी घटना है जो हाल के समय में हुई है।
राष्ट्र प्रेस