ओडिशा SI भर्ती परीक्षा 2024: OUSSC ने उम्मीदवारों को 29 अक्टूबर तक डेटा अपडेट करने का निर्देश दिया
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा यूनिफॉर्म्ड सर्विसेज स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (OUSSC) ने 14 अक्टूबर 2026 को कंबाइंड पुलिस सर्विस एग्जामिनेशन-2024 (CPSE-2024) के तहत सब-इंस्पेक्टर (SI) पद के लिए आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवारों को 29 अक्टूबर 2026 तक अपना आवेदन डेटा ऑनलाइन अपडेट और सत्यापित करने का आदेश जारी किया है। यह निर्देश ऑफिस ऑर्डर नंबर 713/OUSSC के माध्यम से चेयरमैन के आदेश पर जारी किया गया है।
डेटा अपडेट विंडो का विवरण
आयोग के अनुसार, ऑनलाइन डेटा अपडेट और वेरिफिकेशन की सुविधा 15 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे IST से शुरू होकर 29 अक्टूबर 2026 को रात 10 बजे IST तक उपलब्ध रहेगी। यह सुविधा OUSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लें।
किन उम्मीदवारों पर लागू होता है यह निर्देश
OUSSC ने स्पष्ट किया है कि यह निर्देश CPSE-2024 के सभी आवेदकों पर लागू होता है — इसमें वे उम्मीदवार भी शामिल हैं जो आयु में छूट के प्रावधानों के अंतर्गत अर्हता रखते हैं। उम्मीदवारों को विशेष रूप से नाम, जन्मतिथि, श्रेणी, शैक्षणिक योग्यता और अन्य व्यक्तिगत विवरणों की सावधानीपूर्वक जाँच करने को कहा गया है।
अपडेट न करने पर क्या होगा
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों द्वारा इस विंडो में अपडेट और सत्यापित किया गया डेटा ही परीक्षा के सभी आगामी चरणों के लिए अंतिम और मान्य माना जाएगा। यदि कोई उम्मीदवार निर्धारित समयसीमा में डेटा अपडेट नहीं करता, तो उसका पुराना दर्ज डेटा ही मान्य रहेगा, जिससे भविष्य में परेशानी उत्पन्न हो सकती है।
पेपर लीक विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि CPSE-2024 परीक्षा पहले पेपर लीक विवाद के कारण सुर्खियों में रही थी। पिछले वर्ष अक्टूबर में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी और यह मामला केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) तथा प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुँचा था। अब OUSSC नए सिरे से परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है, और यह डेटा अपडेट विंडो उसी पुनर्गठित प्रक्रिया का हिस्सा है।
उम्मीदवारों के लिए आगे क्या
OUSSC ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे तुरंत आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी जानकारी की जाँच करें और आवश्यक सुधार करें। यह कदम भविष्य में प्रवेश पत्र, परीक्षा केंद्र आवंटन और परिणाम प्रक्रिया को निर्बाध बनाने के लिए उठाया गया है।