ओम बिरला: फ्रांस भारत का सबसे विश्वसनीय और मित्रवत साथी

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ओम बिरला: फ्रांस भारत का सबसे विश्वसनीय और मित्रवत साथी

सारांश

नई दिल्ली में ओम बिरला ने फ्रांस को भारत के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक बताया और द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर जोर दिया। उनकी टिप्पणियों ने दोनों देशों के बीच गहरे और अटूट संबंधों का परिचय दिया।

Key Takeaways

  • फ्रांस भारत का एक महत्वपूर्ण और मित्रवत साथी है।
  • द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती के लिए प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के व्यक्तिगत संबंध महत्वपूर्ण हैं।
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का प्रावधान करता है।
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ा रहा है।
  • भारत और फ्रांस के बीच नियमित संवाद आवश्यक है।

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि फ्रांस भारत के सबसे विश्वसनीय और मित्रवत सहयोगियों में से एक है, और उन्होंने दोनों देशों के बीच गहरे और स्थायी संबंधों पर जोर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच गर्मजोशी से भरे व्यक्तिगत संबंध द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक प्रेरणास्त्रोत हैं।

बिरला ने ये विचार फ्रांस की सीनेट के फ्रांस-भारत अंतर-संसदीय मैत्री समूह के साथ हुई बातचीत के दौरान व्यक्त किए, जिसने संसद भवन में उनसे मुलाकात की।

उन्होंने राष्ट्रपति मैक्रों की फरवरी 2026 में भारत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह द्विपक्षीय संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' की ऊंचाई तक ले जाने का प्रतीक है, जो आपसी विश्वास और सहयोग की गहराई को दर्शाता है।

लोकसभा अध्यक्ष ने फ्रांस की संसद में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी (जो 36 प्रतिशत से अधिक है) की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत भी महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है, विशेष रूप से पंचायती राज संस्थाओं में।

बिरला ने बताया कि नवनिर्मित संसद भवन में पारित पहला विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम था, जो निर्वाचित विधायी निकायों में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण प्रदान करता है। यह विधेयक महिला नेतृत्व और समावेशी शासन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने नई दिल्ली (2026) और पेरिस (2025) में होने वाले एआई शिखर सम्मेलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और फ्रांस दोनों ही संसदीय कार्यकुशलता, पारदर्शिता और व्यापक पहुंच के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का तेजी से उपयोग कर रहे हैं।

बिरला ने कहा कि एआई और डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल से नागरिकों और संसद के बीच की दूरी कम हुई है। उन्होंने दोनों देशों की विधानसभाओं के बीच सहयोग और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान की सिफारिश की।

उन्होंने भारत और फ्रांस के बीच नियमित और रचनात्मक संवाद पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की फ्रांस यात्रा को याद करते हुए उस दौरान आतंकवाद की निंदा की सराहना की।

बिरला ने कहा कि संसदीय सहयोग भारत-फ्रांस संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने फरवरी 2024 में फ्रांसीसी सीनेट के अध्यक्ष गेरार्ड लार्चर की भारत यात्रा को याद किया, जिसने दोनों देशों के बीच अंतर-संसदीय संबंधों को और मजबूत किया।

Point of View

बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक भी हैं। यह द्विपक्षीय सहयोग भविष्य में और गहरा होने की संभावना को दर्शाता है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

फ्रांस और भारत के संबंधों की विशेषताएँ क्या हैं?
फ्रांस और भारत के संबंध गहरे और अटूट हैं, जो साझा मूल्यों, विश्वास और सहयोग पर आधारित हैं।
ओम बिरला ने क्या कहा?
ओम बिरला ने फ्रांस को भारत का सबसे भरोसेमंद सहयोगी बताया और दोनों देशों के बीच के संबंधों की मजबूती पर जोर दिया।
भारत में महिलाओं की भागीदारी के बारे में क्या कहा गया?
ओम बिरला ने भारतीय संसद में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है?
यह अधिनियम निर्वाचित विधायी निकायों में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण प्रदान करता है।
फ्रांस की सीनेट के साथ ओम बिरला की बैठक का महत्व क्या है?
यह बैठक दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने में मदद करेगी।
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