क्या दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन गैंग बस्ट में 500 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया?
सारांश
Key Takeaways
- 48 घंटे में 500 से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी।
- ऑपरेशन का उद्देश्य गैंग मॉड्यूल को ध्वस्त करना।
- पुलिस की विभिन्न टीमों का समन्वित प्रयास।
- संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण।
- भविष्य में ऐसे अभियानों का जारी रहना।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस ने 48 घंटों तक चलने वाले ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ के तहत विभिन्न गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े 500 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया। यह अभियान दिल्ली के कई जिलों में एक साथ चलाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य सक्रिय गैंग मॉड्यूल को नष्ट करना, हिंसक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाना और गैंगवार को समाप्त करना था। अभियान के दौरान पुलिस की कई टीमों को एक साथ तैनात किया गया ताकि अपराधियों को भागने का कोई अवसर न मिले।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राजधानी में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को तोड़ने के लिए की गई थी। संगठित अपराध और गैंगवार पर रोक लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बड़े और सघन अभियान की शुरुआत की।
ऑपरेशन के अंतर्गत, पुलिस टीमों ने गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों और मददगारों के पहले से चिन्हित ठिकानों और संभावित छिपने की जगहों पर छापेमारी की। इन छापों के दौरान कई कुख्यात अपराधियों को पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, डकैती और अवैध हथियार रखने जैसे जघन्य मामलों में शामिल आदतन अपराधी और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे ऑपरेशन पर सतत निगरानी रखी। जिला पुलिस और विशेष इकाइयों को आपसी समन्वय के साथ तेज़ी और सटीकता से कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस समन्वित प्रयास से ऑपरेशन को सफल बनाया जा सका।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ का उद्देश्य केवल गिरफ्तारियां करना नहीं है, बल्कि राजधानी में सक्रिय गैंगस्टरों और आपराधिक तत्वों को एक कड़ा संदेश देना भी है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखने की बात कही है, ताकि दिल्ली को अपराधमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।