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ऑपरेशन सिंदूर: उत्तरी कमान ने 88 घंटों में 9 में से 7 आतंकी ठिकाने किए ध्वस्त

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ऑपरेशन सिंदूर: उत्तरी कमान ने 88 घंटों में 9 में से 7 आतंकी ठिकाने किए ध्वस्त

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ हवाई हमला नहीं था — यह बहु-मोर्चा सैन्य परीक्षा थी। उत्तरी कमान ने 88 घंटों में 9 में से 7 ठिकाने तबाह किए, 12,000 गोलियाँ चलीं और एक साथ LAC, सियाचिन और LoC पर निगरानी जारी रही।

मुख्य बातें

उत्तरी कमान ने ऑपरेशन सिंदूर के 88 घंटों में 9 में से 7 चिह्नित आतंकी ठिकानों को नष्ट किया।
इस अवधि में सीमा पर करीब 12,000 गोलियाँ चलीं और संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाएँ भी दर्ज हुईं।
उत्तरी कमान 832 किलोमीटर LAC, 121.5 किलोमीटर सियाचिन ग्राउंड लाइन और 772 किलोमीटर LoC की निगरानी करती है।
कमान एकसाथ चीन सीमा, सियाचिन और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान संचालित करती है।
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने भविष्य में सीमावर्ती क्षेत्रों में संघर्ष की आशंका को देखते हुए सतत सैन्य तैयारी पर बल दिया।

भारतीय सेना की उत्तरी कमान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निर्णायक भूमिका निभाई — अभियान के 88 घंटों में चिह्नित 9 में से 7 आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया। उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने यह जानकारी सैन्य तैयारियों और कमान के परिचालन अनुभवों पर हुई एक विस्तृत चर्चा में दी।

ऑपरेशन सिंदूर में उत्तरी कमान की भूमिका

लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा के अनुसार, अभियान के दौरान हवाई कार्रवाई और मिसाइल हमलों के साथ-साथ जमीन पर तैनात सैनिक भी लगातार सक्रिय रहे। इसी अवधि में सीमा पर गोलीबारी और संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाएँ भी हुईं। उन्होंने बताया कि इन 88 घंटों में करीब 12,000 गोलियाँ चलीं, जो उस दौरान सीमा पर तनाव की तीव्रता को दर्शाता है।

उत्तरी कमान का परिचालन दायरा

उत्तरी कमान की जिम्मेदारियाँ बेहद व्यापक हैं। लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा के अनुसार, यह कमान पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ लगी करीब 832 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की निगरानी करती है। इसके अतिरिक्त, सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र में लगभग 121.5 किलोमीटर लंबी वास्तविक ग्राउंड पोजिशन लाइन और करीब 772 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा (LoC) भी इसी कमान के अधिकार क्षेत्र में है।

इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के भीतरी इलाकों — श्रीनगर घाटी, जम्मू, राजौरी और आसपास के क्षेत्रों — में आतंकवाद विरोधी अभियान भी इसी कमान द्वारा संचालित किए जाते हैं। गौरतलब है कि एक साथ कई संवेदनशील मोर्चों पर सैन्य तैयारी बनाए रखना किसी भी कमान के लिए असाधारण चुनौती होती है।

बहु-मोर्चा चुनौती और सैन्य समन्वय

लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने स्पष्ट किया कि उत्तरी कमान को एकसाथ तीन प्रमुख परिचालन जिम्मेदारियाँ निभानी होती हैं — चीन सीमा (LAC), सियाचिन और नियंत्रण रेखा (LoC)। यह ऐसे समय में आया है जब ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव ने बेहतर तालमेल, सटीक कार्रवाई और मजबूत सैन्य क्षमताओं की आवश्यकता को और रेखांकित कर दिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह चुनौती केवल कमांडरों और अधिकारियों तक सीमित नहीं — प्रत्येक जवान को भी इस बहु-मोर्चा परिवेश के लिए तैयार रहना होता है।

भविष्य की तैयारियाँ

लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने आगाह किया कि भविष्य में संघर्ष उत्तरी कमान के जिम्मेदारी वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में शुरू हो सकता है और ऐसी स्थिति में सेना को तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहना अनिवार्य है। संघर्ष के दायरे के विस्तार की संभावना को देखते हुए भी सतत सैन्य तत्परता पर काम किया जा रहा है। यह स्पष्ट है कि ऑपरेशन सिंदूर ने उत्तरी कमान की क्षमताओं को परखा और आने वाली चुनौतियों के लिए नई रणनीतिक सीख दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जमीन, हवा और मिसाइल क्षमताओं का समन्वित उपयोग था। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत एकसाथ उत्तर में चीन और पश्चिम में पाकिस्तान की ओर से दोहरे सुरक्षा दबाव का सामना कर रहा है। 12,000 गोलियों और संघर्षविराम उल्लंघन का आँकड़ा यह भी बताता है कि LoC पर 'सर्जिकल' शांति कभी एकतरफा नहीं रही। असली सवाल यह है कि क्या उत्तरी कमान की बहु-मोर्चा तैयारी के लिए बजट और जनशक्ति आवंटन उसकी विस्तृत जिम्मेदारियों के अनुपात में है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर में उत्तरी कमान ने कितने आतंकी ठिकाने नष्ट किए?
उत्तरी कमान ने ऑपरेशन सिंदूर के 88 घंटों में चिह्नित 9 में से 7 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया। यह जानकारी उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने सैन्य तैयारियों पर हुई चर्चा में दी।
ऑपरेशन सिंदूर के 88 घंटों में सीमा पर कितनी गोलीबारी हुई?
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के 88 घंटों में सीमा पर करीब 12,000 गोलियाँ चलीं। इस दौरान संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाएँ भी दर्ज हुईं।
उत्तरी कमान की जिम्मेदारियाँ क्या हैं?
उत्तरी कमान पूर्वी लद्दाख में 832 किलोमीटर लंबी LAC, सियाचिन में 121.5 किलोमीटर की ग्राउंड पोजिशन लाइन और 772 किलोमीटर लंबी LoC की निगरानी करती है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर घाटी, जम्मू और राजौरी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियान भी इसी कमान द्वारा संचालित होते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में किस प्रकार की सैन्य कार्रवाई की गई?
अभियान के दौरान हवाई कार्रवाई और मिसाइल हमलों के साथ-साथ जमीन पर तैनात सैनिक भी सक्रिय रहे। लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा के अनुसार, यह बहु-आयामी सैन्य समन्वय का उदाहरण था।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद उत्तरी कमान की भविष्य की तैयारी क्या है?
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने कहा कि भविष्य में संघर्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में शुरू हो सकता है और सेना को तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव के आधार पर बेहतर समन्वय और मजबूत सैन्य क्षमताओं के विकास पर काम जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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