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सऊदी अरब में फंसे 4,000 भारतीय उमरा यात्री: ओवैसी ने जयशंकर, रिजिजू से तत्काल हस्तक्षेप माँगा

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सऊदी अरब में फंसे 4,000 भारतीय उमरा यात्री: ओवैसी ने जयशंकर, रिजिजू से तत्काल हस्तक्षेप माँगा

सारांश

करीब 4,000 भारतीय उमरा यात्री मक्का, मदीना और जिद्दा में फंसे हैं क्योंकि DGCA ने तीन प्रमुख एयरलाइनों को उड़ान की अनुमति नहीं दी। AIMIM प्रमुख ओवैसी ने विदेश मंत्री जयशंकर समेत तीन केंद्रीय मंत्रियों से तत्काल विशेष उड़ान भेजने की माँग की है।

मुख्य बातें

लगभग 4,000 भारतीय उमरा यात्री पिछले दो से तीन सप्ताह से मक्का, मदीना और जिद्दा में फंसे हैं।
इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया की वापसी उड़ानें रद्द; DGCA से जिद्दा उड़ान की अनुमति नहीं मिली।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विदेश मंत्री एस.
जयशंकर , अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से तत्काल कार्रवाई की अपील की।
कई ट्रैवल एजेंटों ने यात्रियों को बिना सहायता के छोड़ दिया, जिससे स्थिति और गंभीर हुई।
ओवैसी ने माँग की कि यदि एयरलाइनों को अनुमति न मिले तो सरकार विशेष विमान भेजकर यात्रियों की वापसी सुनिश्चित करे।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने 22 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की, क्योंकि मक्का, मदीना और जिद्दा में लगभग 4,000 भारतीय उमरा यात्री फंसे हुए हैं। इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया की वापसी उड़ानें रद्द होने के कारण पिछले दो से तीन सप्ताह से यह यात्री सऊदी अरब में अटके हैं और उन्हें गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

क्या है पूरा मामला

ओवैसी के अनुसार, ये सभी तीर्थयात्री उमरा अदा करने के लिए सऊदी अरब गए थे, लेकिन तकनीकी एवं प्रशासनिक कारणों से उनकी वापसी उड़ानें रद्द हो गईं। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया को जिद्दा के लिए उड़ान संचालन की अनुमति न मिलने के कारण यात्रियों की वापसी का रास्ता बाधित हो गया है।

ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि कई ट्रैवल एजेंट यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ चुके हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। कुछ यात्रियों को हैदराबाद में ठहराने की अस्थायी व्यवस्था की गई है, लेकिन समग्र हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं।

ओवैसी की केंद्र सरकार से माँगें

AIMIM प्रमुख ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट रूप से दो सूत्रीय माँग रखी — पहली, DGCA तीनों एयरलाइनों को फौरन उड़ान की अनुमति दे; और दूसरी, यदि यह संभव न हो तो सरकार विशेष विमान भेजकर सभी फंसे यात्रियों को सुरक्षित भारत वापस लाए।

आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित

ओवैसी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि फंसे हुए अधिकतर यात्री आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग से आते हैं। उनके पास सऊदी एयरलाइंस का महँगा टिकट खरीदकर स्वयं वापस लौटने की सामर्थ्य नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब सऊदी अरब और भारत के बीच उड़ान संचालन से जुड़े नियामकीय विवादों की चर्चा पहले भी उठती रही है।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि भारत से प्रतिवर्ष लाखों तीर्थयात्री उमरा और हज के लिए सऊदी अरब जाते हैं, और उड़ान रद्द होने की स्थिति में उनकी निर्भरता सरकारी हस्तक्षेप पर होती है। यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय नेता ने विदेश में फंसे तीर्थयात्रियों के लिए केंद्र से विशेष निकासी की माँग की हो। केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और DGCA का रुख इस मामले में निर्णायक होगा।

आने वाले दिनों में यदि सरकार शीघ्र कार्रवाई नहीं करती, तो यह मुद्दा संसद में और व्यापक राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल उठता है कि विदेश मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पहले क्यों नहीं हस्तक्षेप किया। आर्थिक रूप से कमज़ोर तीर्थयात्री, जिनके पास वैकल्पिक टिकट खरीदने की सामर्थ्य नहीं है, सिस्टम की इस विफलता का सबसे अधिक खामियाजा भुगत रहे हैं। ट्रैवल एजेंटों की जवाबदेही और DGCA की पारदर्शिता — दोनों पर गहरी जाँच ज़रूरी है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सऊदी अरब में कितने भारतीय उमरा यात्री फंसे हैं और कब से?
ओवैसी के अनुसार, लगभग 4,000 भारतीय नागरिक पिछले दो से तीन सप्ताह से मक्का, मदीना और जिद्दा में फंसे हैं। ये सभी उमरा तीर्थयात्रा के लिए सऊदी अरब गए थे और वापसी उड़ानें रद्द होने के कारण वहाँ अटके हैं।
उड़ानें रद्द क्यों हुईं और DGCA की क्या भूमिका है?
AIMIM प्रमुख ओवैसी के अनुसार, DGCA ने इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया को जिद्दा के लिए उड़ान संचालन की अनुमति नहीं दी, जिससे तीनों एयरलाइनों की वापसी उड़ानें रद्द हो गईं। इस नियामकीय अड़चन के कारण हजारों यात्री वहीं फंसे रह गए।
ओवैसी ने सरकार से क्या माँग की है?
ओवैसी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। उन्होंने कहा कि DGCA तीनों एयरलाइनों को तुरंत अनुमति दे, अन्यथा सरकार विशेष विमान भेजकर फंसे यात्रियों को वापस लाए।
फंसे यात्री खुद वापस क्यों नहीं आ सकते?
ओवैसी ने स्पष्ट किया कि अधिकतर यात्री आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग से हैं और उनके पास सऊदी एयरलाइंस का महँगा टिकट खरीदकर स्वयं वापस लौटने की आर्थिक सामर्थ्य नहीं है। इसके अलावा कई ट्रैवल एजेंटों ने भी यात्रियों को बिना सहायता के छोड़ दिया है।
क्या सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई की है?
रिपोर्टों के अनुसार, स्रोत सामग्री में केंद्र सरकार की औपचारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। ओवैसी ने बताया कि कुछ यात्रियों को हैदराबाद में ठहराने की अस्थायी व्यवस्था की गई है, लेकिन समग्र स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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