सऊदी में फंसे हज-उमरा यात्रियों को सरकार अपने खर्च पर वापस लाए: NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (NCP-SP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 26 अक्टूबर 2026 को मुंबई में मांग की कि सऊदी अरब में हज और उमरा के लिए गए और वहाँ फंसे भारतीय यात्रियों को सरकार अपने खर्च पर तत्काल स्वदेश वापस लाए। उन्होंने इस स्थिति को 'आपातकालीन परिस्थिति' करार देते हुए कहा कि ईरान और हूती विद्रोहियों के संघर्ष के चलते रियाद समेत सऊदी अरब के कई शहरों पर हमले हुए हैं, जिससे अनेक उड़ानें रद्द हो गई हैं।
संकट की पृष्ठभूमि
सिद्दीकी के अनुसार, चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष के कारण सऊदी अरब में हवाई सेवाएँ बाधित हुई हैं, जिससे हज और उमरा के लिए गए सैकड़ों भारतीय यात्री वहाँ फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा, 'यह एक आसमानी मुसीबत और आफत है।' उनके अनुसार अधिकतर फंसे यात्री गरीब या मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं, जिन पर ठहरने और खाने-पीने का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कई देशों की एयरलाइनें अपनी उड़ानें निलंबित कर चुकी हैं। गौरतलब है कि भारत सरकार इससे पहले भी यमन (2015) और यूक्रेन (2022) में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए विशेष अभियान चला चुकी है।
सरकार से माँगें
सिद्दीकी ने केंद्र सरकार से तीन स्पष्ट माँगें रखीं — पहली, फंसे यात्रियों के रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए; दूसरी, उनके खाने-पीने का इंतजाम किया जाए; और तीसरी, सरकारी खर्च पर उन्हें जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य असुविधा नहीं, बल्कि 'जान-माल का खतरा' है, इसलिए सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए।
जामिया और JNU नारे विवाद पर बयान
जामिया मिलिया इस्लामिया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की दीवारों पर लिखे गए कथित विवादित नारों पर सिद्दीकी ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसे कोई नहीं ले सकता। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लेने की बात होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के नारों में साजिश हो सकती है और सत्ता पक्ष के लोग भी वेश बदलकर विपक्षी आयोजनों में शामिल हो सकते हैं — हालाँकि इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों के नाम से फर्जी पहचान बनाकर देश में अव्यवस्था फैलाने की कथित साजिश के मामलों में गहन जाँच की आवश्यकता है।
राहुल गांधी के मामले पर टिप्पणी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े एक अदालती मामले में फैसले का स्वागत करते हुए सिद्दीकी ने कहा, 'सत्य की हमेशा जीत होती है। इस देश की न्याय व्यवस्था अभी जिंदा है।' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की हर बात को अनावश्यक रूप से मुद्दा बनाया जाता है।
रैलियों में हिंसा पर चेतावनी
सिद्दीकी ने किसी भी रैली या प्रदर्शन में हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि रैलियों के रूट की पहले से जाँच होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई आपत्तिजनक नारा न लगाया जाए। उनके अनुसार हिंसा से किसी का फायदा नहीं, बल्कि देश का नुकसान होता है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और यात्रियों की वास्तविक संख्या पर अधिक स्पष्टता की उम्मीद है।