30 सितंबर 2026
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हाशिम मूसा के खात्मे पर पहलगाम पीड़ितों के परिवार बोले — 'सेना ने पितृपक्ष में दिया सच्चा तर्पण'

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हाशिम मूसा के खात्मे पर पहलगाम पीड़ितों के परिवार बोले — 'सेना ने पितृपक्ष में दिया सच्चा तर्पण'

सारांश

पहलगाम हमले में अपने प्रियजन खोने वाले परिवारों के लिए 30 सितंबर की सुबह एक अलग ही राहत लेकर आई — कथित मास्टरमाइंड हाशिम मूसा के बडगाम एनकाउंटर की खबर। ऐशन्या द्विवेदी ने इसे पितृपक्ष में सच्चा तर्पण बताया, तो आसावरी जगदाले ने कहा कि उनके पिता के श्राद्ध के अगले दिन यह खबर भावुक करने वाली थी।

मुख्य बातें

पहलगाम हमले के कथित मास्टरमाइंड हाशिम मूसा को बडगाम में एनकाउंटर में मार गिराया गया।
पीड़ित शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी ने इसे 'पितृपक्ष में सच्चा तर्पण' बताया।
ऐशन्या के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर के बाद से कथित तौर पर 25-26 आतंकी मारे जा चुके हैं।
पीड़ित संतोष जगदाले की बेटी आसावरी जगदाले ने सुरक्षा बलों को धन्यवाद देते हुए ऑपरेशन जारी रखने की अपील की।
पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान गई थी; कथित तौर पर पीड़ितों को धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया था।

पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी और उनके पिता संजय द्विवेदी ने 30 सितंबर को कथित मास्टरमाइंड हाशिम मूसा के बडगाम में एनकाउंटर में मारे जाने की खबर का स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुरक्षा एजेंसियों को धन्यवाद देते हुए इसे पहलगाम के पीड़ितों के लिए न्याय की दिशा में एक अहम कदम बताया। पीड़ित संतोष जगदाले की बेटी आसावरी जगदाले ने भी इस ऑपरेशन पर अपनी भावनाएं साझा कीं।

ऐशन्या द्विवेदी की प्रतिक्रिया

ऐशन्या द्विवेदी ने कहा, 'मूसा पहलगाम का मास्टरमाइंड और बहुत लंबे समय से मोस्ट वांटेड रहा है। इसके खिलाफ पहले भी ऑपरेशन चलाया गया था, जिसमें वो भाग निकला था। अभी फिर से भारतीय सेना ने ऑपरेशन चलाया, जिसमें वो मारा गया।' उन्होंने जोड़ा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से अब तक कथित तौर पर 25-26 आतंकी मारे जा चुके हैं।

ऐशन्या ने कहा कि यह नया भारत है जिसने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों में राजनीति घुसाते हैं, उन्हें अपने भारतीय होने पर पुनर्विचार करना चाहिए।

पितृपक्ष के संदर्भ में ऐशन्या ने भावुक होते हुए कहा, 'हाशिम मूसा को मारना, सही मायने में हमारे पितरों को तर्पण देने जैसा है। शुभम और उन 26 लोगों को जो तर्पण देते हैं, ये सही मायने में वही हैं।' यह टिप्पणी उस पीड़ा की गहराई को उजागर करती है जो पहलगाम के परिवार आज भी झेल रहे हैं।

आसावरी जगदाले की भावनाएं

पीड़ित संतोष जगदाले की बेटी आसावरी जगदाले ने कहा, 'मेरे लिए ये खुशी का दिन है। सुबह-सुबह मुझे ये खबर मिली कि पहलगाम हमले का जो मास्टरमाइंड था, जो हैंडलर था, उसे मार गिराया गया है। हमारी भारतीय सेना और इंटेलिजेंस फोर्स ने मिलकर उसका खात्मा किया है।'

आसावरी ने यह भी बताया कि मंगलवार को उनके पिता का श्राद्ध था और उन्होंने पूरा दिन रोते हुए बिताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता और उनके करीबी दोस्त दोनों की इस हमले में जान गई थी और हमलावरों ने उनसे धर्म पूछकर गोलियां चलाई थीं। 'इस घटना से हम कभी उबर नहीं पाएंगे — जब तक हम जिंदा हैं, तब तक ये हमारे साथ रहेगी,' उन्होंने कहा।

आसावरी ने सरकार, सेना और इंटेलिजेंस एजेंसियों से अपील की कि ऐसे ऑपरेशन तब तक जारी रहें जब तक आखिरी आतंकी का खात्मा न हो जाए, ताकि भविष्य में पहलगाम जैसी कोई घटना न दोहराई जाए।

पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें पर्यटक और स्थानीय नागरिक शामिल थे। हमलावरों ने कथित तौर पर पीड़ितों की धार्मिक पहचान के आधार पर उन्हें निशाना बनाया था। हाशिम मूसा को इस हमले का कथित मास्टरमाइंड और हैंडलर बताया जाता रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारतीय सुरक्षा बल कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी अभियानों को तेज़ गति से जारी रखे हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान कथित तौर पर दो दर्जन से अधिक आतंकी मारे जा चुके हैं।

आगे क्या

पहलगाम पीड़ितों के परिवार न्याय की उम्मीद लेकर जी रहे हैं और उनकी माँग है कि जाँच और सैन्य कार्रवाई दोनों मोर्चों पर सरकार सक्रिय रहे। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एक बड़े नेटवर्क के सूत्रधार का खात्मा निश्चित रूप से आतंकी ढाँचे को कमज़ोर करता है, लेकिन पूर्ण उन्मूलन के लिए निरंतर खुफिया सहयोग अनिवार्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली माप यह होगा कि क्या इससे पहलगाम जैसे हमलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती है। पीड़ित परिवारों की भावनाएं देश की उस पीड़ा का प्रतिबिंब हैं जो न्याय और सुरक्षा दोनों की माँग करती है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि एक सूत्रधार का खात्मा पूरे नेटवर्क के विघटन की गारंटी नहीं — खुफिया एजेंसियों के सामने अभी भी लंबी राह है। पहलगाम के परिवारों की माँग सिर्फ एनकाउंटर नहीं, बल्कि एक ऐसी स्थायी नीति है जो इस त्रासदी को दोहराने से रोके।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाशिम मूसा कौन था और पहलगाम हमले से उसका क्या संबंध था?
हाशिम मूसा को पहलगाम आतंकी हमले का कथित मास्टरमाइंड और हैंडलर बताया जाता है, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। वह लंबे समय से मोस्ट वांटेड सूची में था और एक पूर्व ऑपरेशन में भाग निकलने में सफल रहा था।
हाशिम मूसा का एनकाउंटर कहाँ हुआ?
रिपोर्टों के अनुसार हाशिम मूसा को बडगाम में एक सुरक्षा ऑपरेशन के दौरान मार गिराया गया। भारतीय सेना और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने मिलकर यह ऑपरेशन अंजाम दिया।
पहलगाम पीड़ित शुभम द्विवेदी की पत्नी ने इस एनकाउंटर पर क्या कहा?
ऐशन्या द्विवेदी ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान हाशिम मूसा का खात्मा शुभम और अन्य 26 पीड़ितों को सच्चा तर्पण देने जैसा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और सुरक्षा बलों को धन्यवाद दिया।
आसावरी जगदाले ने क्या अपील की?
पीड़ित संतोष जगदाले की बेटी आसावरी जगदाले ने सरकार, सेना और इंटेलिजेंस फोर्स से अपील की कि ऐसे ऑपरेशन तब तक जारी रखे जाएं जब तक आखिरी आतंकी का सफाया न हो जाए। उन्होंने कहा कि यह खबर उनके पिता के श्राद्ध के अगले दिन आई और भावुक करने वाली थी।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से कितने आतंकी मारे जा चुके हैं?
ऐशन्या द्विवेदी के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर के बाद से अब तक कथित तौर पर 25-26 आतंकी मारे जा चुके हैं। यह आँकड़ा उनके बयान पर आधारित है और आधिकारिक पुष्टि अलग से अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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