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क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने अमेरिका से मदद मांगी?

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क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने अमेरिका से मदद मांगी?

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान की अमेरिका से मदद की गुहार ने वैश्विक सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। दस्तावेजों से यह प्रमाणित हुआ है कि पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य कार्रवाई की आशंका जताई थी। जानिए इस घटनाक्रम के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के समय अमेरिका से मदद मांगी।
भारत की सैन्य कार्रवाई को स्थगित किया गया था, न कि समाप्त।
एफएआरए दस्तावेजों से पाकिस्तान के दुष्प्रचार का खुलासा हुआ।
ऑपरेशन के दौरान 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।
युद्धविराम पर चर्चा नहीं हुई थी।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने घबराकर अमेरिका से मदद की गुहार लगाई थी। उसे आशंका थी कि भारतीय सैन्य कार्रवाई केवल “स्थगित” की गई है और किसी भी समय फिर से शुरू हो सकती है। यह खुलासा अमेरिका सरकार के ताज़ा दस्तावेज़ों से हुआ है।

इन दस्तावेज़ों से पाकिस्तान के दुष्प्रचार अभियान की पोल खुलती है और उसके इस दावे को भी झूठा साबित करती है कि भारत ने युद्धविराम की मांग की थी।

अमेरिकी विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (एफएआरए) के तहत दाखिल एक दस्तावेज़ में, पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रही लॉबिंग फर्म स्क्वायर पैटन बॉग्स ने स्पष्ट रूप से कहा है, “हमें चिंता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि भारत ने अपनी सैन्य कार्रवाई केवल रोकी है, और पाकिस्तान पर हमले फिर शुरू हो सकते हैं।” यह बयान भारतीय हमलों के बाद इस्लामाबाद की बेचैनी को उजागर करता है।

एफएआरए अमेरिका का वह कानून है जिसके तहत किसी विदेशी सरकार या संस्था के लिए काम करने वाले व्यक्तियों और संगठनों को अपने संबंधों, गतिविधियों और वित्तीय विवरणों का खुलासा न्याय विभाग के सामने करना होता है।

एफएआरए दस्तावेज़ों से यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान ने वाशिंगटन में आक्रामक लॉबिंग की। एनडीटीवी की 6 जनवरी की रिपोर्ट के मुताबिक, पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी राजनयिकों और रक्षा अधिकारियों ने अमेरिकी सांसदों, प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया हस्तियों के साथ 50 से अधिक उच्च-स्तरीय बैठकें कीं।

वहीं, अलग-अलग दस्तावेज़ यह पुष्टि करते हैं कि भारत ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत में न तो मध्यस्थता मांगी और न ही युद्धविराम पर चर्चा की। इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार किए गए उस दावे की भी पोल खुलती है, जिसमें उन्होंने युद्धविराम की मध्यस्थता का श्रेय लिया था।

ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को शुरू किया गया था। यह 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की निर्णायक कार्रवाई थी, जिसमें आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में 26 निर्दोष नागरिकों, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे, की निर्मम हत्या कर दी थी।

इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों और एयरबेस पर सटीक हमले किए, जिनमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। इसके बाद चार दिन तक चले सीमित लेकिन तीव्र संघर्ष का अंत 10 मई को युद्धविराम के साथ हुआ।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना न केवल भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को प्रभावित करती है, बल्कि वैश्विक सुरक्षा पर भी गहरा असर डालती है। हमें हमेशा अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए और ऐसे मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पाकिस्तान ने सच में अमेरिका से मदद मांगी?
हाँ, दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिका से मदद की गुहार लगाई थी।
ऑपरेशन सिंदूर कब शुरू हुआ?
ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को शुरू किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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