क्या आतंकवाद और पानी एक साथ साझा किया जा सकता है? एस जयशंकर का पाकिस्तान पर बयान
सारांश
Key Takeaways
- भारत की पड़ोस नीति पर एस जयशंकर के विचार महत्वपूर्ण हैं।
- पाकिस्तान में आतंकवाद के चलते अच्छे रिश्ते संभव नहीं हैं।
- भारत ने बांग्लादेश को वैक्सीन में मदद की है।
- पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता है।
- श्रीलंका में आर्थिक संकट में भारत ने सहायता प्रदान की।
चेन्नई, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर तमिलनाडु के आईआईटी मद्रास में आयोजित फायरसाइड चैट कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु चेन्नई पहुंचे। इस कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने बांग्लादेश में अपने हाल के दौरे का उल्लेख किया।
एस जयशंकर ने खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत की ओर से ढाका जाने की बात की। उन्होंने कहा कि यदि कोई पड़ोसी आपके साथ अच्छा है और नुकसान नहीं पहुंचा रहा है, तो आप उसके साथ संबंध बढ़ाते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया।
भारत की पड़ोस नीति पर बोलते हुए एस जयशंकर ने कहा, "मैं दो दिन पहले बांग्लादेश में था। हमें कई अच्छे पड़ोसी मिले हैं। यदि कोई पड़ोसी अच्छा है या नुकसान नहीं पहुंचा रहा है, तो स्वाभाविक रूप से आप उसके साथ संबंध बनाते हैं। भारत ऐसे पड़ोसी की मदद करता है। हमारे ज्यादातर पड़ोसी वैक्सीन की पहली खेप भारत से प्राप्त कर चुके हैं।"
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में इस साल फरवरी में चुनाव होने वाले हैं। इस पर विदेश मंत्री ने शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि एक बार चीजें सामान्य होने पर, अच्छे पड़ोसी के रिश्ते को बनाए रखा जाएगा।
उन्होंने यूक्रेन विवाद पर भी टिप्पणी की, "इस कारण कई समस्याएं उत्पन्न हुईं। हमने पड़ोसी देशों को खाद्य और अन्य सामग्री में मदद की। श्रीलंका में बड़े आर्थिक संकट के समय, हमने चार बिलियन डॉलर की सहायता की। अच्छे पड़ोसी यही करते हैं।"
पाकिस्तान की स्थिति पर एस जयशंकर ने कहा, "हमें अपने लोगों को आतंकवादियों से बचाने का अधिकार है। हम अपनी सुरक्षा के लिए जो भी संभव है, करते हैं। लेकिन यदि आपके यहां दशकों से आतंकवाद है, तो आप अच्छे पड़ोसी नहीं हो सकते। आप ऐसे किसी व्यक्ति के साथ अच्छे रिश्ते नहीं रख सकते जो आतंकवाद को जारी रखता है।"