पार्थ पवार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में ली शपथ, उपराष्ट्रपति ने दिलाई शपथ
सारांश
Key Takeaways
- पार्थ पवार ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली।
- वे दिवंगत अजित पवार के पुत्र हैं।
- उपराष्ट्रपति ने उन्हें शपथ दिलाई।
- राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं।
- राज्यसभा में 19 सदस्यों ने शपथ ली।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पार्थ पवार ने गुरुवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में औपचारिक रूप से शपथ ली। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसद भवन में पार्थ अजित पवार को इस पद की शपथ दिलाई। एनसीपी के पार्थ पवार महाराष्ट्र से निर्वाचित होकर राज्यसभा पहुंचे हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि पार्थ पवार एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से हैं। वे दिवंगत अजित पवार के पुत्र और शरद पवार के पोते हैं। अजित पवार महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री थे और इस वर्ष एक विमान दुर्घटना में उनका निधन हुआ, जिसके बाद राज्य की राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला। अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।
सुनेत्रा पवार ने पति के निधन के कुछ दिनों बाद ही महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली और पार्टी की जिम्मेदारियों को भी संभाला। इससे पहले वे राज्यसभा की सदस्य थीं, लेकिन उन्होंने उस पद से इस्तीफा दिया ताकि वे राज्य सरकार में अपनी नई भूमिका निभा सकें।
सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के कारण खाली हुई सीट पर पार्थ पवार को निर्वाचित किया गया है। इसे उनके राजनीतिक करियर की नई शुरुआत माना जा रहा है।
गुरुवार के शपथ ग्रहण समारोह में पार्थ पवार ने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली और वे अब देश के उच्च सदन का हिस्सा बन चुके हैं। इससे वे राष्ट्रीय स्तर पर कानून निर्माण और महत्वपूर्ण मुद्दों में अपनी भागीदारी निभाएंगे।
इस शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति के अलावा नेता सदन और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि इस से पहले 6 अप्रैल को पार्थ के दादा और अजित पवार के चाचा शरद पवार ने भी राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली थी।
इस दिन कुल 19 सदस्यों ने शपथ ली, जिनमें एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार, केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के नेता रामदास आठवले, एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता थंबीदुरई और डीएमके के तिरुची शिवा शामिल थे। ये सभी नेता फिर से राज्यसभा के सदस्य बने हैं।