क्या पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में टीएमसी विधायक जीवन कृष्ण साहा की गिरफ्तारी है एक बड़ा कदम?

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क्या पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में टीएमसी विधायक जीवन कृष्ण साहा की गिरफ्तारी है एक बड़ा कदम?

सारांश

पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में टीएमसी विधायक जीवन कृष्ण साहा की गिरफ्तारी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। क्या यह भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत है? जानिए इस मामले की जटिलताएँ और साहा की भूमिका।

Key Takeaways

  • जीवन कृष्ण साहा की गिरफ्तारी महत्वपूर्ण है।
  • ईडी ने कई स्थानों पर छापेमारी की।
  • भ्रष्टाचार के सबूत जुटाए जा रहे हैं।
  • साहा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हुआ है।
  • भर्ती घोटाले की जांच जारी है।

कोलकाता, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के चलते प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक जीवन कृष्ण साहा को गिरफ्तार किया है।

सोमवार को कोलकाता की विशेष अदालत ने उन्हें छह दिन की ईडी हिरासत में भेजने का आदेश दिया। साहा को मेडिकल जांच के बाद कोलकाता की विशेष अदालत में पेश किया गया था।

ईडी ने साहा को मुर्शिदाबाद जिले के बुरवान स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पुरुलिया और कोलकाता सहित कई स्थानों पर की गई व्यापक तलाशी के बाद हुई।

अधिकारियों ने बताया कि जब ईडी की टीम साहा के घर तलाशी के लिए पहुंची, तो उन्होंने दीवार फांदकर भागने की कोशिश की और अपना मोबाइल फोन नाले में फेंक दिया। हालांकि, ईडी ने फोन बरामद कर लिया।

एसएससी भर्ती घोटाले की जांच के तहत ईडी ने न केवल जीवन कृष्ण साहा के आवास पर, बल्कि उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की। साहा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया है।

यह पहली बार नहीं है कि साहा इस मामले में जांच के दायरे में आए हैं। इससे पहले भी उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

जीवन कृष्ण साहा को इस मामले में पहले 17 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया गया था। 2024 में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया और वर्तमान में वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जमानत पर हैं। अब इस मामले में छापेमारी ने हंगामा मचा दिया। ईडी अधिकारियों और केंद्रीय बलों की मौजूदगी में साहा के घर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई।

ईडी के अनुसार एसएससी भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के सबूत मिले हैं, जिसमें कथित तौर पर धन की हेराफेरी शामिल है। जांच एजेंसी इस मामले में कई अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है और सबूत जुटाने के लिए विभिन्न दस्तावेजों की जांच कर रही है।

साहा की गिरफ्तारी इस जांच में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि वह इस कथित घोटाले से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों में से एक हैं।

जीवन कृष्ण साहा की हिरासत के दौरान ईडी उनसे इस मामले में और जानकारी हासिल करने की कोशिश करेगी, ताकि भर्ती घोटाले के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार की जांच और सख्त कार्रवाई आवश्यक हैं। यह घटना हमें दिखाती है कि भारतीय राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही की कितनी आवश्यकता है। हमें इस तरह के मामलों की गंभीरता को समझना चाहिए और समाज में ईमानदारी को बढ़ावा देना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

ईडी ने जीवन कृष्ण साहा को क्यों गिरफ्तार किया?
ईडी ने उन्हें पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के चलते गिरफ्तार किया।
साहा की गिरफ्तारी का क्या महत्व है?
साहा की गिरफ्तारी इस मामले में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि वह इस कथित घोटाले से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों में से एक हैं।
क्या साहा पहले भी गिरफ्तार हुए हैं?
हाँ, साहा को पहले भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था लेकिन बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।