क्या पश्चिम बंगाल एसआईआर में भाजपा ने सबसे अधिक दावे किए?

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क्या पश्चिम बंगाल एसआईआर में भाजपा ने सबसे अधिक दावे किए?

सारांश

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के तहत राजनीतिक दलों से 20,94,438 दावे और आपत्तियां आई हैं। भाजपा ने सबसे अधिक दावे किए, जिससे आगामी चुनावों की राजनीति में नई हलचल उत्पन्न हो सकती है।

Key Takeaways

  • पश्चिम बंगाल में 20,94,438 दावे और आपत्तियां आई हैं।
  • भाजपा ने सबसे अधिक 61,451 दावे किए हैं।
  • टीएमसी ने इसे एनआरसी का बैकडोर बताया है।
  • ड्राफ्ट रोल में 58.2 लाख नाम हटाए गए हैं।
  • एसआईआर प्रक्रिया 2026 विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण है।

कोलकाता, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल पर राजनीतिक दलों से दावों और आपत्तियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पश्चिम बंगाल के अनुसार मंगलवार तक राजनीतिक दलों से कुल 20,94,438 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में 7,08,16,630 मतदाताओं के नाम सम्मिलित हैं।

राजनीतिक दलों के ब्लॉक लेवल एजेंट्स (बीएलए) के माध्यम से प्राप्त दावों में मुख्य रूप से नाम जोड़ने के लिए किए गए हैं। कुल 8 दावे नाम जोड़ने के लिए आए हैं, जबकि बाहर करने के लिए कोई नहीं है।

प्रमुख राजनीतिक दलों की बात करें तो भाजपा ने सर्वाधिक 61,451 दावे किए हैं। दूसरे स्थान पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) है, जिसके 49,436 दावे हैं, जिनमें से 2 नाम जोड़ने के लिए हैं।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 18,772 दावे किए; पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 77,867 दावे किए, जिनमें से 3 नाम जोड़ने के लिए हैं। ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने 1,885 दावे किए, जिनमें से 1 नाम जोड़ने के लिए है। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने 21 दावे किए, जिनमें से 1 नाम जोड़ने के लिए है।

कुल मिलाकर, राष्ट्रीय और राज्य दलों के माध्यम से प्राप्त दावों में केवल 8 नाम जोड़ने के लिए आपत्तियां दर्ज हुईं, जो दर्शाती हैं कि दलों का ध्यान मुख्य रूप से नए या छूटे हुए नाम जोड़ने पर केंद्रित है।

मतदाताओं से सीधे प्राप्त दावे और आपत्तियां भी महत्वपूर्ण हैं। फॉर्म 6 (नए नाम जोड़ने) के अंतर्गत 3,31,075 प्राप्त हुए। ड्राफ्ट प्रकाशित होने से पहले, फॉर्म 7 (नाम हटाने) के अंतर्गत 56,867 फॉर्म मिले। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद मतदाताओं से प्राप्त दावे/आपत्तियां (फॉर्म 6/6ए और 7) कुल 3,41,983 (शामिल करने के लिए) और 38,802 (बाहर करने के लिए) हैं। अयोग्य मतदाताओं के लिए एफिडेविट में कोई शामिल/बाहर करने के लिए नहीं आया।

आपको बता दें कि एसआईआर प्रक्रिया 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए चल रही है, जिसमें 2002 रोल से लिंकेज पर जोर है। ड्राफ्ट रोल में 58.2 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे विवाद बढ़ा।

जहां एक ओर टीएमसी ने इसे 'एनआरसी का बैकडोर' बताते हुए आरोप लगाया कि इससे वैध मतदाता, विशेषकर अल्पसंख्यक और शरणार्थी प्रभावित हो रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग ने इसे मतदाता सूची की पारदर्शिता के लिए आवश्यक बताया।

Point of View

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया राजनीतिक दलों के बीच मतदाता सूची को लेकर एक नई बहस को जन्म दे सकती है। भाजपा की बढ़ती दावेदारी और अन्य दलों की प्रतिक्रिया सब कुछ आगामी 2026 विधानसभा चुनाव की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम बंगाल में एसआईआर का क्या महत्व है?
एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैयार करना है।
कितने राजनीतिक दलों ने दावे किए हैं?
कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने मिलकर कुल 20,94,438 दावे और आपत्तियां दर्ज की हैं।
भाजपा ने कितने दावे किए?
भाजपा ने सर्वाधिक 61,451 दावे किए हैं।
क्या टीएमसी ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है?
जी हां, टीएमसी ने इसे 'एनआरसी का बैकडोर' बताते हुए आपत्ति जताई है।
मतदाता सूची में कितने नाम हटाए गए हैं?
ड्राफ्ट रोल में 58.2 लाख नाम हटाए गए हैं।
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