क्या पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में टीएमसी विधायक की 3.65 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच हुई?

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क्या पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में टीएमसी विधायक की 3.65 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच हुई?

सारांश

पश्चिम बंगाल के प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में टीएमसी विधायक चंद्रनाथ सिन्हा की संपत्तियों को ईडी ने अटैच किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई है। इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और आगे की जांच जारी है।

Key Takeaways

  • ईडी ने चंद्रनाथ सिन्हा की 3.65 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अटैच किया।
  • भर्ती घोटाले में कई बड़े नाम शामिल हैं।
  • जांच में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।

कोलकाता, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस के विधायक और राज्य सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, वस्त्र तथा सुधार सेवाएं विभाग के मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है।

ईडी ने यह कार्रवाई 31 दिसंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत की है। जब्त की गई संपत्तियों की कुल कीमत 3.65 करोड़ रुपए बताई गई है।

ईडी ने यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। सीबीआई ने यह एफआईआर कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज की थी। आरोप है कि प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में नियमों की अनदेखी करते हुए अयोग्य, सूची से बाहर और कम रैंक वाले उम्मीदवारों को नियुक्तियां दी गईं, जबकि योग्य और वास्तविक अभ्यर्थियों को उनके अधिकार से वंचित कर दिया गया। यह पूरा मामला आपराधिक साजिश के तहत अंजाम दिया गया।

इससे पहले 6 अगस्त 2025 को चंद्रनाथ सिन्हा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में छठी अनुपूरक अभियोजन शिकायत विशेष पीएमएलए अदालत, कोलकाता में दाखिल की जा चुकी है। जांच के दौरान 22 मार्च 2024 को चंद्रनाथ सिन्हा के आवास पर छापा मारा गया था, जिसमें 41 लाख रुपए नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे। इसके अलावा, जांच में उनके नियंत्रण वाले बैंक खातों में भारी मात्रा में नकद जमा होने के भी सबूत मिले।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि चंद्रनाथ सिन्हा ने अपने परिवार के सदस्यों को आगे कर बीरभूम जिले के बोलपुर और आसपास के इलाकों में उनके नाम पर अचल संपत्तियां खरीदीं। इन संपत्तियों को अब अस्थायी रूप से अटैच कर लिया गया है।

इस शिक्षक भर्ती घोटाले में पहले भी बड़ी बरामदगी हो चुकी है। ईडी ने पश्चिम बंगाल के तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से 49.80 करोड़ रुपए नकद और 5.08 करोड़ रुपए के सोने के आभूषण जब्त किए थे। अब तक इस मामले में सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी भी शामिल हैं।

ईडी अब तक इस केस में लगभग 95 करोड़ रुपए के छह अस्थायी जब्ती आदेश जारी कर चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद कुल जब्त संपत्तियों का आंकड़ा 98.65 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। वहीं, प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में कुल जब्ती और अटैचमेंट की राशि इस समय करीब 154.91 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।

इसके अलावा, एसएससी सहायक शिक्षक भर्ती और ग्रुप 'सी' और 'डी' कर्मचारियों की भर्ती घोटालों में ईडी ने लगभग 486 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की हैं। इन सभी भर्ती घोटालों में कोलकाता ईडी द्वारा अब तक कुल 641 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।

ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई संभव है।

Point of View

बल्कि इससे जुड़े सभी राजनीतिक और प्रशासनिक पहलुओं पर भी गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। यह जांच आगे चलकर कई और रहस्यों को उजागर कर सकती है।
NationPress
04/01/2026

Frequently Asked Questions

चंद्रनाथ सिन्हा की संपत्तियों को क्यों अटैच किया गया?
ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में अटैच किया है, जो प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले से संबंधित है।
भर्ती घोटाले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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