क्या भाजपा ने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुवेंदु अधिकारी पर हमले के विरोध में प्रदर्शन किया?
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
- सुवेंदु अधिकारी पर हमला
- ममता बनर्जी की सरकार पर आरोप
- पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था
- राजनीतिक हिंसा का खतरा
उत्तर 24 परगना, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी पर पश्चिमी मेदिनीपुर जिले में हुए हमले के खिलाफ प्रदर्शन किया है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ पूर्व नियोजित हमले किए जाते हैं।
भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने कहा, "ममता बनर्जी जो गतिविधियाँ कर रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि उनका राजनीतिक पतन निश्चित है। शनिवार को, सुवेंदु अधिकारी एक कार्यक्रम के लिए पुरुलिया गए थे, जो मेरे लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। वहां से लौटते समय, तृणमूल के गुंडों ने लाठियों, डंडों और रॉड से उनकी गाड़ी पर हमला किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की क्या स्थिति है।"
भाजपा विधायक पवन सिंह ने यह सवाल उठाया कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में आम जनता की आवाज उठाना क्या कोई अपराध है? पवन सिंह ने आरोप लगाया, "जब नेता प्रतिपक्ष जनता के बीच जाते हैं तो उन पर पूर्व नियोजित हमले किए जाते हैं। पिछले दिन उनकी गाड़ी पर लाठियों और डंडों से हमला किया गया।"
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं के लिए हमें भी तैयार रहना पड़ेगा। अगर टीएमसी के गुंडे हमला करते हैं, तो हमें उन्हें जवाब देना होगा।
वहीं, पश्चिम बंगाल के चंदननगर में भाजपा विधायकों ने सुवेंदु अधिकारी पर हुए हमले के विरोध में प्रदर्शन किया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा, "हमारे विपक्ष के नेता चंद्रकोना जा रहे थे, तभी 8-10 टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी पर जानलेवा हमला किया। यह कानून-व्यवस्था तोड़ने वाली सरकार है।"
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की स्थिति को इससे समझा जा सकता है कि आज विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी सुरक्षित नहीं हैं। बंगाल की पुलिस नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा नहीं कर पा रही है।