क्या पश्चिम चंपारण में प्रशासनिक दल पर हुआ हमला एक बड़ा मुद्दा है?

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क्या पश्चिम चंपारण में प्रशासनिक दल पर हुआ हमला एक बड़ा मुद्दा है?

सारांश

पश्चिम चंपारण में भूमि सर्वेक्षण के दौरान प्रशासनिक दल पर हुए हिंसक हमले ने न केवल अधिकारियों को घायल किया, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। जानिए इस घटना के पीछे का सच और प्रशासन की प्रतिक्रिया।

Key Takeaways

  • पश्चिम चंपारण में प्रशासनिक दल पर हमला हुआ।
  • घायलों में एसएचओ और सीओ शामिल हैं।
  • भूमि विवाद के कारण ही यह घटना हुई।
  • प्रशासन ने सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
  • क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।

पटना, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया थाना क्षेत्र के दुबौलिया गांव में भूमि विवाद के चलते प्रशासनिक दल पर हुए हिंसक हमले ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है।

इस घटना में लौरिया स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) रमेश कुमार शर्मा और सर्कल ऑफिसर (सीओ) नितेश कुमार सेठ समेत कुल पांच लोग घायल हुए हैं।

सभी घायलों को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह घटना केस नंबर 109/2025–26 से संबंधित है, जिसमें मनोज जायसवाल और बंशराज राम के बीच लगभग दो एकड़ की जमीन पर विवाद है।

भूमि सुधार के उप-कलेक्टर के आदेश पर, प्रशासनिक दल ने शनिवार को दुबौलिया गांव में जमीन का सर्वेक्षण करने के लिए कदम बढ़ाया।

सर्वे के दौरान, विवाद में शामिल एक पक्ष के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जो जल्द ही हिंसा में बदल गया।

आरोप है कि हमलावरों ने प्रशासनिक दल पर डंडों और अन्य हथियारों से हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप कई अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए।

हिंसा के दौरान, बदमाशों ने एक घर में भी आग लगा दी।

जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ती गई, प्रशासनिक दल को सर्वेक्षण पूरा किए बिना ही वहां से हटना पड़ा। यह ध्यान देने योग्य है कि 17 दिसंबर को भी उसी जमीन का सर्वे करने गई एक टीम को विरोध का सामना करना पड़ा था, मगर उस समय स्थिति नियंत्रण में थी।

इस नई घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न कर दी हैं।

हमले के बाद गांव और आस-पास के क्षेत्रों में डर का माहौल है।

पुलिस की तैनाती को बढ़ा दिया गया है और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं।

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है, और हमले में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास चल रहे हैं।

Point of View

बल्कि समाज के लिए भी चिंताजनक है। कानून-व्यवस्था की स्थिति और प्रशासनिक कार्यों पर इसका प्रभाव स्पष्ट है। सरकार को इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
NationPress
24/02/2026

Frequently Asked Questions

इस घटना में कौन-कौन घायल हुए हैं?
इस घटना में लौरिया स्टेशन हाउस ऑफिसर रमेश कुमार शर्मा, सर्कल ऑफिसर नितेश कुमार सेठ समेत कुल पांच लोग घायल हुए हैं।
हमले का कारण क्या था?
हमला भूमि विवाद के चलते हुआ, जिसमें मनोज जायसवाल और बंशराज राम के बीच जमीन को लेकर झगड़ा था।
क्या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की?
हां, प्रशासन ने हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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