क्या पठानकोट के किसानों ने पीएम मोदी के आश्वासन पर पूरा भरोसा किया?

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क्या पठानकोट के किसानों ने पीएम मोदी के आश्वासन पर पूरा भरोसा किया?

सारांश

पठानकोट के किसानों ने पीएम मोदी के आश्वासन पर पूरी तरह से विश्वास जताया है। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में उन्होंने गंभीर नुकसान झेला है। जानिए कैसे पीएम मोदी ने किसानों की समस्याओं को सुना और उनकी सहायता के लिए क्या कदम उठाए हैं।

मुख्य बातें

PM मोदी ने बाढ़ प्रभावित किसानों को 1600 करोड़ रुपये की सहायता का आश्वासन दिया।
किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए पीएम ने सरपंचों से मुलाकात की।
बाढ़ से धान और गेहूं की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
किसानों को मुआवजा मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार से भी सहायता की मांग की गई है।

पठानकोट, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब में हुई मूसलधार बारिश और विनाशकारी बाढ़ ने किसानों और स्थानीय निवासियों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। पठानकोट के गांवों में बाढ़ का पानी घरों और फसलों, खासकर धान और गेहूं को बर्बाद कर रहा है। बाढ़ के साथ आई चिकनी मिट्टी भी किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है, क्योंकि इसके सूखने में लंबा समय लगेगा।

9 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान, उन्होंने कई गांवों के सरपंचों से बातचीत की। पीएम मोदी ने सभी को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस कठिन समय में राज्य सरकारों के साथ मिलकर सहायता प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री ने पंजाब के लिए 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की भी घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने का आश्वासन दिया। केंद्र सरकार प्रभावित क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए हर संभव मदद करेगी।

पीएम मोदी के आश्वासन से पठानकोट के किसान संतुष्ट हैं और उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए वादे पूरे होंगे।

ढींडा के सरपंच हरजिंद्र सिंह ने बताया कि पीएम मोदी ने उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना और नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया। केंद्र सरकार ने बाढ़ प्रभावितों के लिए 1600 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता की घोषणा की। किसान जोगिंदर सिंह और सुरिंद्र सिंह ने इस आश्वासन पर पूरा विश्वास जताया है कि मुआवजा जल्द ही मिलेगा। किसानों ने राज्य सरकार से भी सहायता की मांग की है, क्योंकि गरीब किसानों की स्थिति बहुत गंभीर है।

सरपंच हरजिंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पंजाबी में उनकी समस्याएं सुनीं और ऐसा लगा जैसे वे अपने परिवार के बुजुर्ग से बात कर रहे हैं। पीएम ने बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई का भरोसा दिया, जिसमें हर एक दाने के नुकसान का जिक्र किया गया।

किसान जोगिंदर सिंह ने बताया कि बाढ़ ने उनकी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है, और खेतों में चिकनी मिट्टी जमा हो गई है, जिससे अगली गेहूं की फसल संभव नहीं है। सरपंच ने उनकी समस्या पीएम मोदी के सामने रखी है और उन्हें नुकसान की भरपाई की उम्मीद है।

किसान सुरिंद्र सिंह ने कहा कि बाढ़ ने फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। प्रधानमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1600 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता की घोषणा की है, और उन्हें उम्मीद है कि किसानों के नुकसान की भरपाई जल्द होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि सरकारें अधिक सक्रियता से कार्य करें। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में, किसानों की मदद करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सुरक्षा का भी मामला है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पीएम मोदी ने किसानों से मुलाकात की?
हाँ, पीएम मोदी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और कई गांवों के सरपंचों से बातचीत की।
केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कितनी वित्तीय सहायता की घोषणा की?
केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है।
बाढ़ से किस प्रकार का नुकसान हुआ है?
बाढ़ ने घरों और फसलों, विशेषकर धान और गेहूं को भारी नुकसान पहुँचाया है।
क्या किसानों को मुआवजा मिलेगा?
किसानों को पीएम मोदी के आश्वासन के अनुसार मुआवजा मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार से किसानों ने क्या सहायता मांगी है?
किसानों ने राज्य सरकार से भी सहायता की मांग की है, क्योंकि उनकी स्थिति गंभीर है।
राष्ट्र प्रेस
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