पटियाला जेल में विचाराधीन कैदी विशाल अवस्थी की आत्महत्या, नशा-मुक्ति केंद्र में चल रहा था इलाज
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के पटियाला जेल में मंगलवार देर रात विचाराधीन कैदी विशाल अवस्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। डीएसपी जंगजीत सिंह रंधावा ने बुधवार को पुष्टि की कि अवस्थी जेल के इन-हाउस नशा-मुक्ति केंद्र में इलाजरत था और मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए जाँच जारी है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई मौत
पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब 2 बजे बैरक के अंदर स्थित बाथरूम में एक अन्य कैदी वाशरूम के लिए गया, तब उसने देखा कि अवस्थी ने फंदा लगा लिया है। उस समय उसकी साँसें अभी भी चल रही थीं।
तत्काल 24 घंटे मौजूद रहने वाले फार्मासिस्ट को सूचित किया गया और डॉक्टर को बुलाया गया। डीएसपी रंधावा के अनुसार, तमाम प्रयासों के बावजूद युवक को नहीं बचाया जा सका।
मृतक की पहचान और कानूनी पृष्ठभूमि
डीएसपी रंधावा ने बताया कि विशाल अवस्थी को 22 सितंबर 2026 को दर्ज एफआईआर के आधार पर एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत पुलिस स्टेशन डेरा बस्सी, मोहाली में गिरफ्तार किया गया था। वह विचाराधीन कैदी के रूप में पटियाला जेल में बंद था।
अधिकारियों के अनुसार, अवस्थी नशे का आदी था और उसने स्वयं इसे छोड़ने की इच्छा जाहिर की थी, जिसके बाद उसे जेल के इन-हाउस नशा-मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था और वह नियमित रूप से दवाएँ ले रहा था।
जाँच की स्थिति
डीएसपी रंधावा ने बताया कि अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के पीछे का कारण पता लगाने के लिए मामले की जाँच जारी है। मौत की सटीक वजह को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
उत्तर प्रदेश से भी आत्महत्या की घटना
इसी बुधवार को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के गड़वार थाना क्षेत्र के ग्राम अमडरिया में भी आत्महत्या का एक मामला सामने आया। अभिषेक राम, पुत्र शैलेश राम, ने गाँव के निकट एक बगीचे में फाँसी लगाकर जान दे दी।
सर्किल ऑफिसर (सीओ) बलिया सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी कर मोर्चरी हाउस, बलिया पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस मामले में भी मृत्यु के कारणों की जाँच की जा रही है।
जेल में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश भर की जेलों में विचाराधीन कैदियों की मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और नशा-मुक्ति उपचार की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि नशा-मुक्ति केंद्र में उपचाररत एक कैदी की इस तरह की मौत, सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की माँग को और पुख्ता करती है। पुलिस के अनुसार आगे की कार्रवाई जाँच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।