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पटियाला जेल में विचाराधीन कैदी विशाल अवस्थी की आत्महत्या, नशा-मुक्ति केंद्र में चल रहा था इलाज

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पटियाला जेल में विचाराधीन कैदी विशाल अवस्थी की आत्महत्या, नशा-मुक्ति केंद्र में चल रहा था इलाज

सारांश

पटियाला जेल में नशा-मुक्ति केंद्र में इलाजरत विचाराधीन कैदी विशाल अवस्थी ने मंगलवार देर रात बाथरूम में फंदा लगाकर जान दे दी। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसी दिन उत्तर प्रदेश के बलिया में भी एक व्यक्ति की आत्महत्या की खबर आई।

मुख्य बातें

विचाराधीन कैदी विशाल अवस्थी ने पटियाला जेल के बाथरूम में मंगलवार रात करीब 2 बजे फंदा लगाकर जान दे दी।
अवस्थी एनडीपीएस अधिनियम के तहत 22 सितंबर 2026 को डेरा बस्सी, मोहाली से गिरफ्तार हुआ था।
वह जेल के इन-हाउस नशा-मुक्ति केंद्र में स्वेच्छा से इलाज ले रहा था और नियमित दवाएँ ले रहा था।
अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला; डीएसपी जंगजीत सिंह रंधावा के अनुसार मामले की जाँच जारी है।
उसी दिन बलिया, उत्तर प्रदेश के ग्राम अमडरिया में अभिषेक राम ने भी बगीचे में फाँसी लगाकर जान दी; शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पंजाब के पटियाला जेल में मंगलवार देर रात विचाराधीन कैदी विशाल अवस्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। डीएसपी जंगजीत सिंह रंधावा ने बुधवार को पुष्टि की कि अवस्थी जेल के इन-हाउस नशा-मुक्ति केंद्र में इलाजरत था और मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए जाँच जारी है।

घटनाक्रम: कैसे सामने आई मौत

पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब 2 बजे बैरक के अंदर स्थित बाथरूम में एक अन्य कैदी वाशरूम के लिए गया, तब उसने देखा कि अवस्थी ने फंदा लगा लिया है। उस समय उसकी साँसें अभी भी चल रही थीं।

तत्काल 24 घंटे मौजूद रहने वाले फार्मासिस्ट को सूचित किया गया और डॉक्टर को बुलाया गया। डीएसपी रंधावा के अनुसार, तमाम प्रयासों के बावजूद युवक को नहीं बचाया जा सका।

मृतक की पहचान और कानूनी पृष्ठभूमि

डीएसपी रंधावा ने बताया कि विशाल अवस्थी को 22 सितंबर 2026 को दर्ज एफआईआर के आधार पर एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत पुलिस स्टेशन डेरा बस्सी, मोहाली में गिरफ्तार किया गया था। वह विचाराधीन कैदी के रूप में पटियाला जेल में बंद था।

अधिकारियों के अनुसार, अवस्थी नशे का आदी था और उसने स्वयं इसे छोड़ने की इच्छा जाहिर की थी, जिसके बाद उसे जेल के इन-हाउस नशा-मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था और वह नियमित रूप से दवाएँ ले रहा था।

जाँच की स्थिति

डीएसपी रंधावा ने बताया कि अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के पीछे का कारण पता लगाने के लिए मामले की जाँच जारी है। मौत की सटीक वजह को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

उत्तर प्रदेश से भी आत्महत्या की घटना

इसी बुधवार को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के गड़वार थाना क्षेत्र के ग्राम अमडरिया में भी आत्महत्या का एक मामला सामने आया। अभिषेक राम, पुत्र शैलेश राम, ने गाँव के निकट एक बगीचे में फाँसी लगाकर जान दे दी।

सर्किल ऑफिसर (सीओ) बलिया सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी कर मोर्चरी हाउस, बलिया पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस मामले में भी मृत्यु के कारणों की जाँच की जा रही है।

जेल में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश भर की जेलों में विचाराधीन कैदियों की मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और नशा-मुक्ति उपचार की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि नशा-मुक्ति केंद्र में उपचाररत एक कैदी की इस तरह की मौत, सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की माँग को और पुख्ता करती है। पुलिस के अनुसार आगे की कार्रवाई जाँच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जवाबदेही की प्रक्रिया अक्सर जाँच में सिमट जाती है। नशा-मुक्ति उपचार और मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग को एकीकृत करने की ज़रूरत पर बार-बार ध्यान दिलाया गया है, फिर भी ऐसी घटनाएँ बताती हैं कि ज़मीनी अमल अभी पर्याप्त नहीं है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटियाला जेल में आत्महत्या करने वाला विचाराधीन कैदी कौन था?
मृतक की पहचान विशाल अवस्थी के रूप में हुई है, जिसे 22 सितंबर 2026 को दर्ज एफआईआर के आधार पर एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत डेरा बस्सी, मोहाली से गिरफ्तार कर पटियाला जेल में रखा गया था। वह जेल के इन-हाउस नशा-मुक्ति केंद्र में स्वेच्छा से इलाज ले रहा था।
विशाल अवस्थी की मौत कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, अवस्थी ने मंगलवार देर रात करीब 2 बजे बैरक के अंदर स्थित बाथरूम में फंदा लगाकर जान दे दी। एक अन्य कैदी द्वारा देखे जाने पर उसकी साँसें अभी चल रही थीं, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
क्या आत्महत्या का कोई सुसाइड नोट मिला है?
नहीं। डीएसपी जंगजीत सिंह रंधावा के अनुसार अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और आत्महत्या के पीछे की वजह जानने के लिए मामले की जाँच जारी है।
क्या जेल प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है?
डीएसपी रंधावा ने बताया कि मामले की पूरी जाँच की जा रही है। जेल में 24 घंटे फार्मासिस्ट और डॉक्टर की उपलब्धता के बावजूद यह घटना हुई; जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
उत्तर प्रदेश के बलिया में आत्महत्या का क्या मामला सामने आया?
बुधवार को बलिया, उत्तर प्रदेश के गड़वार थाना क्षेत्र के ग्राम अमडरिया में अभिषेक राम , पुत्र शैलेश राम, ने एक बगीचे में फाँसी लगाकर जान दी। स्थानीय पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचायतनामा कार्यवाही पूरी कर शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस, बलिया भेज दिया।
राष्ट्र प्रेस
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