30 जुलाई 2026
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जांजगीर जेल में दुष्कर्म आरोपी दुवास केवट ने की आत्महत्या, एक दिन पहले ही भेजा गया था न्यायिक हिरासत में

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जांजगीर जेल में दुष्कर्म आरोपी दुवास केवट ने की आत्महत्या, एक दिन पहले ही भेजा गया था न्यायिक हिरासत में

सारांश

जांजगीर-चांपा की जिला जेल में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी दुवास केवट गिरफ्तारी के महज एक दिन बाद बाथरूम में मृत मिला। यह घटना जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

दुवास केवट (21) को 8 जून 2026 को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार कर जिला जेल खोखरा , जांजगीर-चांपा भेजा गया था।
गिरफ्तारी के अगले ही दिन 9 जून की सुबह जेल के बाथरूम में आरोपी का शव कपड़े के फंदे से लटका मिला।
मूल मामला 5 मार्च 2026 को दर्ज हुआ था; पुलिस ने लड़की को जिला कोरबा से बरामद किया था।
सीएसपी योगिता बली खापर्डे ने पुष्टि की कि आत्महत्या के कारणों की जाँच जारी है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया; जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की जिला जेल खोखरा में मंगलवार, 9 जून 2026 को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए 21 वर्षीय आरोपी दुवास केवट का शव जेल के बाथरूम में कपड़े के फंदे से लटका मिला। आरोपी को मात्र एक दिन पहले, 8 जून सोमवार को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया था।

मुख्य घटनाक्रम

जेल कर्मियों को मंगलवार सुबह बाथरूम में दुवास केवट का शव मिला, जो कपड़े से बने फंदे से लटका हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आत्महत्या के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और जाँच जारी है।

मामले की पृष्ठभूमि

5 मार्च 2026 को बलौदा थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध बहला-फुसलाकर नाबालिग को भगाने का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने साइबर तकनीक और अन्य माध्यमों का उपयोग कर लड़की को जिला कोरबा से बरामद किया।

जाँच के दौरान दुवास केवट को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने की बात स्वीकार की। इसके बाद 8 जून को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल खोखरा भेजा गया था।

पुलिस अधिकारी की प्रतिक्रिया

नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) योगिता बली खापर्डे ने बताया कि दुवास केवट (21) को नाबालिग लड़की को भगाने और दुष्कर्म के मामले में जेल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि आरोपी ने सुबह बाथरूम में कपड़े का फंदा बनाकर फाँसी लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने आगे कहा कि मामले में पूछताछ की जा रही है और जाँच के बाद ही आत्महत्या के कारण का पता चल पाएगा।

जेल प्रशासन पर उठे सवाल

गौरतलब है कि आरोपी को जेल में आए मात्र कुछ घंटे ही बीते थे कि यह घटना घट गई। जेल के अंदर हुई इस घटना ने जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में विचाराधीन कैदियों की जेल में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा होती रही है। पुलिस और जेल प्रशासन दोनों मिलकर मामले की जाँच कर रहे हैं।

आगे की कार्रवाई

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। पुलिस जाँच में यह भी देखा जाएगा कि जेल परिसर में आरोपी को फंदा बनाने का अवसर कैसे मिला और निगरानी में कहाँ चूक हुई। जेल प्रशासन की जवाबदेही तय करने की दिशा में भी कार्रवाई अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और जेल प्रशासन की जवाबदेही तय किए बिना यह मामला बंद नहीं होना चाहिए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जांजगीर जेल में आत्महत्या करने वाला आरोपी कौन था?
आरोपी का नाम दुवास केवट (21) था, जिसे नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में 8 जून 2026 को गिरफ्तार कर जिला जेल खोखरा , जांजगीर-चांपा भेजा गया था। अगले दिन सुबह उसका शव जेल के बाथरूम में कपड़े के फंदे से लटका मिला।
दुवास केवट पर क्या आरोप थे?
दुवास केवट पर बलौदा थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप था। पूछताछ में उसने इन आरोपों को स्वीकार किया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था।
जेल में आत्महत्या के कारण क्या थे?
अभी तक आत्महत्या के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। सीएसपी योगिता बली खापर्डे के अनुसार, जाँच के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएँगे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
इस घटना से जेल प्रशासन पर क्या सवाल उठे हैं?
गिरफ्तारी के महज कुछ घंटों के भीतर आरोपी द्वारा जेल के बाथरूम में कपड़े का फंदा बना लेना जेल प्रशासन की निगरानी और नए कैदियों की प्रारंभिक जाँच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस और जेल प्रशासन दोनों मिलकर जाँच कर रहे हैं।
मूल दुष्कर्म मामला कब और कहाँ दर्ज हुआ था?
मूल मामला 5 मार्च 2026 को बलौदा थाना , जांजगीर-चांपा में दर्ज हुआ था, जब एक नाबालिग लड़की घर से लापता हो गई थी। पुलिस ने साइबर तकनीक की मदद से लड़की को जिला कोरबा से बरामद किया था।
राष्ट्र प्रेस
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