मऊ में दो सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म, बड़ी बहन ने की आत्महत्या; एक आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र में दो सगी नाबालिग बहनों के साथ दुष्कर्म का एक अत्यंत संगीन मामला सामने आया है, जिसमें 16 वर्षीय बड़ी पीड़िता ने जंगल में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 9 जून को जंगल में शव मिलने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू की और 11 जून तक एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
घटनाक्रम: कैसे हुई पूरी वारदात
अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनूप कुमार ने पत्रकारों को बताया कि घटना के दिन बड़ी लड़की अपने बॉयफ्रेंड से बगीचे में मिल रही थी, तभी उनके पिता वहाँ पहुँच गए और दोनों बहनों के साथ मारपीट की। डर के कारण दोनों बहनें घर छोड़कर भाग गईं।
इसके बाद बड़ी लड़की ने किसी व्यक्ति के फोन से अपने बॉयफ्रेंड को बुलाया। बॉयफ्रेंड अपने एक दोस्त के साथ मौके पर पहुँचा। एएसपी के अनुसार, बड़ी बहन के बॉयफ्रेंड ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जबकि उसके साथ आए दोस्त ने छोटी बहन के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। इसके बाद दोनों युवक मौके से फरार हो गए।
इस घटना से गहरे सदमे में आई 16 वर्षीय बड़ी पीड़िता ने जंगल में फाँसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली, जबकि उसकी छोटी बहन वहीं रह गई।
पुलिस जाँच और कानूनी कार्रवाई
9 जून को जंगल में शव मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल जाँच शुरू की। छोटी बहन का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसके बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए। इन्हीं बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान हुई।
पुलिस ने एक आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दूसरे आरोपी का नाम भी सामने आ चुका है और उसे पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। एएसपी अनूप कुमार ने बताया कि दोनों पीड़िताओं के नाबालिग होने के कारण पॉस्को एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों की स्थिति
पुलिस के अनुसार, एक आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है, जबकि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। एएसपी ने कहा कि दूसरे आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा और दोनों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
आम जनता और समाज पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों को लेकर पहले से चिंता व्यक्त की जा रही है। रानीपुर थाना क्षेत्र में इस वारदात ने स्थानीय समुदाय को हिलाकर रख दिया है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि पूरे मामले की गहन जाँच की जा रही है और सभी संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि पॉस्को एक्ट के तहत दर्ज मामलों में त्वरित सुनवाई का प्रावधान है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है।