कोटा में जेईई अभ्यर्थी की हॉस्टल में आत्महत्या, सुसाइड नोट पर लिखा — 'सॉरी मम्मी-पापा'
सारांश
मुख्य बातें
कोटा के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में सोमवार, 2 नवंबर 2026 को एक नाबालिग जेईई अभ्यर्थी ने अपने हॉस्टल के बाथरूम में कथित तौर पर फंदा लगाकर जान दे दी। उत्तर प्रदेश निवासी यह छात्र करीब एक वर्ष से कोटा में रहकर ऑनलाइन कोचिंग के ज़रिए जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) की तैयारी कर रहा था। कमरे से बरामद सुसाइड नोट पर बस इतना लिखा था — 'सॉरी, मम्मी-पापा।'
घटनाक्रम कैसे सामने आया
जवाहर नगर थाने के एसएचओ मुकेश मीणा ने बताया, 'हमें दोपहर 1:30 बजे एक नाबालिग छात्र के आत्महत्या करने की सूचना मिली। वह कोटा के एक ऑनलाइन कोचिंग संस्थान के ज़रिए एक वर्ष से इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस राजीव गांधी नगर स्थित सिटी पार्क रेजीडेंसी हॉस्टल पहुंची, जहाँ उसका शव बाथरूम में मिला।'
सुबह नाश्ते के समय छात्र की हाज़िरी नहीं ली गई थी और वह कमरे से बाहर नहीं आया था। अन्य छात्रों ने काफ़ी देर तक दरवाज़ा खटखटाया और पुकारा, फिर शक होने पर दरवाज़ा तोड़कर अंदर घुसे — तब शव बाथरूम में पाया गया।
जांच में सामने आई अहम जानकारी
डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि छात्र ऑनलाइन कोचिंग क्लास ले रहा था और हॉस्टल में रह रहा था। जांच में पता चला कि हॉस्टल के सभी कमरों में छत के पंखों पर 'हैंगिंग डिवाइस' पहले से लगे थे, लेकिन छात्र ने कथित तौर पर ऑनलाइन ऑर्डर करके एक जिम-स्टाइल धातु की रॉड मंगवाई थी और उसी का इस्तेमाल किया।
एसएचओ के अनुसार, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। छात्र के कमरे को सील कर दिया गया है और परिवार की मौजूदगी में ही खोला जाएगा।
परिवार को सूचना, पोस्टमार्टम का इंतज़ार
पुलिस ने उत्तर प्रदेश में छात्र के परिवार को घटना की जानकारी दे दी है। परिवार के मंगलवार तक कोटा पहुँचने की उम्मीद है, जिसके बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जाएंगी। एसएचओ मीणा ने कहा, 'उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी पता नहीं चला है। परिवार के आने पर उनकी शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।'
कोटा में बढ़ती छात्र आत्महत्याओं की चिंताजनक तस्वीर
यह ऐसे समय में आया है जब कोटा में छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि यह शहर देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, जहाँ हर वर्ष लाखों छात्र JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, परिवार की अपेक्षाएँ और अकेलापन — ये सब मिलकर छात्रों पर भारी मानसिक दबाव बनाते हैं। पुलिस और प्रशासन इस मामले की परिस्थितियों की जाँच कर रहे हैं।
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