2 नवंबर 2026
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कोटा में जेईई अभ्यर्थी की हॉस्टल में आत्महत्या, सुसाइड नोट पर लिखा — 'सॉरी मम्मी-पापा'

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कोटा में जेईई अभ्यर्थी की हॉस्टल में आत्महत्या, सुसाइड नोट पर लिखा — 'सॉरी मम्मी-पापा'

सारांश

कोटा के एक हॉस्टल में यूपी का एक नाबालिग जेईई अभ्यर्थी कथित तौर पर फंदे पर मिला। सुसाइड नोट पर बस लिखा था — 'सॉरी मम्मी-पापा।' यह घटना एक बार फिर देश के सबसे बड़े कोचिंग हब में छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और निगरानी की कमी को उजागर करती है।

मुख्य बातें

सोमवार, 2 नवंबर 2026 को कोटा के जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित सिटी पार्क रेजीडेंसी हॉस्टल में एक नाबालिग जेईई अभ्यर्थी का शव बाथरूम में मिला।
छात्र उत्तर प्रदेश का निवासी था और करीब एक वर्ष से कोटा में ऑनलाइन कोचिंग के ज़रिए JEE की तैयारी कर रहा था।
कमरे से बरामद सुसाइड नोट पर लिखा था — 'सॉरी, मम्मी-पापा।' पुलिस के अनुसार छात्र ने ऑनलाइन मंगवाई जिम-स्टाइल धातु की रॉड का इस्तेमाल किया; हॉस्टल के पंखों पर 'हैंगिंग डिवाइस' पहले से लगे थे।
शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया; परिवार के मंगलवार तक कोटा पहुँचने पर पोस्टमार्टम होगा।
पुलिस ने कमरा सील किया; आत्महत्या का सटीक कारण अभी जाँच के दायरे में है।

कोटा के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में सोमवार, 2 नवंबर 2026 को एक नाबालिग जेईई अभ्यर्थी ने अपने हॉस्टल के बाथरूम में कथित तौर पर फंदा लगाकर जान दे दी। उत्तर प्रदेश निवासी यह छात्र करीब एक वर्ष से कोटा में रहकर ऑनलाइन कोचिंग के ज़रिए जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) की तैयारी कर रहा था। कमरे से बरामद सुसाइड नोट पर बस इतना लिखा था — 'सॉरी, मम्मी-पापा।'

घटनाक्रम कैसे सामने आया

जवाहर नगर थाने के एसएचओ मुकेश मीणा ने बताया, 'हमें दोपहर 1:30 बजे एक नाबालिग छात्र के आत्महत्या करने की सूचना मिली। वह कोटा के एक ऑनलाइन कोचिंग संस्थान के ज़रिए एक वर्ष से इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस राजीव गांधी नगर स्थित सिटी पार्क रेजीडेंसी हॉस्टल पहुंची, जहाँ उसका शव बाथरूम में मिला।'

सुबह नाश्ते के समय छात्र की हाज़िरी नहीं ली गई थी और वह कमरे से बाहर नहीं आया था। अन्य छात्रों ने काफ़ी देर तक दरवाज़ा खटखटाया और पुकारा, फिर शक होने पर दरवाज़ा तोड़कर अंदर घुसे — तब शव बाथरूम में पाया गया।

जांच में सामने आई अहम जानकारी

डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि छात्र ऑनलाइन कोचिंग क्लास ले रहा था और हॉस्टल में रह रहा था। जांच में पता चला कि हॉस्टल के सभी कमरों में छत के पंखों पर 'हैंगिंग डिवाइस' पहले से लगे थे, लेकिन छात्र ने कथित तौर पर ऑनलाइन ऑर्डर करके एक जिम-स्टाइल धातु की रॉड मंगवाई थी और उसी का इस्तेमाल किया।

एसएचओ के अनुसार, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। छात्र के कमरे को सील कर दिया गया है और परिवार की मौजूदगी में ही खोला जाएगा।

परिवार को सूचना, पोस्टमार्टम का इंतज़ार

पुलिस ने उत्तर प्रदेश में छात्र के परिवार को घटना की जानकारी दे दी है। परिवार के मंगलवार तक कोटा पहुँचने की उम्मीद है, जिसके बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जाएंगी। एसएचओ मीणा ने कहा, 'उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी पता नहीं चला है। परिवार के आने पर उनकी शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।'

कोटा में बढ़ती छात्र आत्महत्याओं की चिंताजनक तस्वीर

यह ऐसे समय में आया है जब कोटा में छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि यह शहर देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, जहाँ हर वर्ष लाखों छात्र JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, परिवार की अपेक्षाएँ और अकेलापन — ये सब मिलकर छात्रों पर भारी मानसिक दबाव बनाते हैं। पुलिस और प्रशासन इस मामले की परिस्थितियों की जाँच कर रहे हैं।

यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक संकट में है, तो iCall हेल्पलाइन 9152987821 या Vandrevala Foundation हेल्पलाइन 1860-2662-345 पर सम्पर्क करें। मदद माँगना साहस की निशानी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी तंत्र वही रहता है। हॉस्टल में 'हैंगिंग डिवाइस' पहले से लगे थे, नाश्ते में अनुपस्थिति पर कोई जाँच नहीं हुई — यह प्रशासनिक लापरवाही की साफ़ तस्वीर है। असली सवाल यह है कि जब कोचिंग उद्योग अरबों कमाता है, तो छात्रों की मानसिक सेहत की ज़िम्मेदारी किसकी है — संस्थान की, हॉस्टल की, या केवल परिवार की? जब तक इसका जवाब नीति में नहीं बदलता, 'सॉरी मम्मी-पापा' जैसे नोट लिखे जाते रहेंगे।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोटा में जेईई छात्र की आत्महत्या की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना सोमवार, 2 नवंबर 2026 को कोटा के जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित राजीव गांधी नगर की सिटी पार्क रेजीडेंसी हॉस्टल में हुई। पुलिस को दोपहर 1:30 बजे सूचना मिली और टीम तुरंत मौके पर पहुँची।
सुसाइड नोट में क्या लिखा था?
पुलिस के अनुसार कमरे से बरामद सुसाइड नोट पर केवल इतना लिखा था — 'सॉरी, मम्मी-पापा।' आत्महत्या का सटीक कारण अभी जाँच के दायरे में है और परिवार के बयान के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
छात्र कहाँ का रहने वाला था और कितने समय से कोटा में था?
छात्र उत्तर प्रदेश का निवासी था और करीब एक वर्ष से कोटा के एक ऑनलाइन कोचिंग संस्थान के ज़रिए JEE की तैयारी कर रहा था। परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है और वे मंगलवार तक कोटा पहुँचने की उम्मीद है।
घटना के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी भेजा और छात्र के कमरे को सील कर दिया है। परिवार के आने पर उनकी शिकायत के आधार पर पोस्टमार्टम व अन्य कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जाएंगी। डीएसपी मनीष शर्मा के नेतृत्व में जाँच जारी है।
कोटा में छात्र आत्महत्याओं को लेकर क्या चिंताएँ हैं?
कोटा देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब है जहाँ लाखों छात्र JEE और NEET की तैयारी करते हैं। अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, परिवार की अपेक्षाओं का दबाव और अकेलेपन के चलते छात्रों में मानसिक संकट के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर हॉस्टल निगरानी और मानसिक स्वास्थ्य सहायता तंत्र पर सवाल खड़े किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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