26 अक्टूबर 2026
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कोटा में दो छात्रों की मौत: JEE अभ्यर्थी पीजी में लटका मिला, NEET छात्र बाथरूम में बेहोश मिलने के बाद अस्पताल में निधन

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कोटा में दो छात्रों की मौत: JEE अभ्यर्थी पीजी में लटका मिला, NEET छात्र बाथरूम में बेहोश मिलने के बाद अस्पताल में निधन

सारांश

कोटा में एक ही दिन दो कोचिंग छात्रों की मौत ने फिर उस दबाव को उजागर किया है जिसके तले लाखों युवा JEE और NEET की तैयारी करते हैं। 16 वर्षीय JEE अभ्यर्थी पीजी में और 19 वर्षीय NEET छात्र हॉस्टल बाथरूम में — दोनों मामलों में परिस्थितियाँ अभी जाँच के दायरे में हैं।

मुख्य बातें

कोटा में रविवार, 26 अक्टूबर 2026 को एक ही दिन दो छात्रों की मौत हुई।
16 वर्षीय JEE अभ्यर्थी , मध्य प्रदेश के शिवपुरी का रहने वाला, महावीर नगर-1 स्थित पीजी में फंदे से लटका मिला।
19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी , बिहार के दरभंगा का रहने वाला, 'श्रीजी रेजिडेंसी' हॉस्टल के बाथरूम में बेहोश मिला और एमबीएस अस्पताल में निधन हुआ।
NEET छात्र के कान के पास चोट का निशान था; परिजनों ने मौत के हालात पर संदेह जताया और गंभीर जाँच की माँग की।
पुलिस ने दोनों मामले दर्ज किए हैं; मौत के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं।

राजस्थान के कोटा में रविवार, 26 अक्टूबर 2026 को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दो छात्रों की अलग-अलग परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मनीष शर्मा के अनुसार, पहला मामला जवाहर नगर थाना क्षेत्र का है जहाँ एक 16 वर्षीय JEE अभ्यर्थी अपने पेइंग गेस्ट (पीजी) कमरे में मृत पाया गया, जबकि दूसरे मामले में कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के एक हॉस्टल में 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिला और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। दोनों घटनाओं की जाँच जारी है।

पहली घटना: JEE अभ्यर्थी पीजी कमरे में मृत मिला

मध्य प्रदेश के शिवपुरी का रहने वाला 16 वर्षीय JEE अभ्यर्थी महावीर नगर-1 स्थित एक पीजी में रहता था। डीएसपी मनीष शर्मा के अनुसार, वह जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) की तैयारी के लिए लगभग छह महीने पहले कोटा आया था।

जवाहर नगर थाने के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) महेंद्र सिंह ने बताया कि छात्र रविवार को अपने कोचिंग सेंटर में टेस्ट देकर लौटा था। रात करीब 10 बजे पड़ोसी कमरे के छात्र ने उसे आवाज़ लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बार-बार दरवाज़ा खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया न आने पर अन्य छात्रों ने पीजी मैनेजर को सूचित किया।

बताया जा रहा है कि मैनेजर ने खिड़की से झाँककर देखा तो छात्र फंदे से लटका हुआ था और कमरा अंदर से बंद था। पुलिस मौके पर पहुँची, शव को कब्ज़े में लेकर एमबीएस अस्पताल पहुँचाया गया। छात्र के परिजन, सूचना मिलते ही, तत्काल कोटा पहुँचे। पुलिस के अनुसार, मौत के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और जाँच जारी है।

दूसरी घटना: NEET अभ्यर्थी बाथरूम में बेहोश, अस्पताल में निधन

कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के लैंडमार्क इलाके में स्थित 'श्रीजी रेजिडेंसी' हॉस्टल में रहने वाला 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी बिहार के दरभंगा का रहने वाला था। ASI धनराज के अनुसार, वह नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की तैयारी के लिए लगभग दो साल से कोटा में रह रहा था।

रविवार दोपहर करीब 1 बजे वह खाना लेकर हॉस्टल लौटा था। जब कुछ समय बाद अन्य छात्रों ने दरवाज़ा खटखटाया और कोई जवाब नहीं मिला, तो हॉस्टल प्रबंधन को सूचित किया गया। दरवाज़ा तोड़कर खोलने पर वह बाथरूम में बेहोश पाया गया। उसे तुरंत एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार, उसके कान के पास चोट का एक मामूली निशान था, जो कथित तौर पर बाथरूम में गिरने की वजह से लगा हो सकता है। हालाँकि, मृतक के परिजनों ने मौत के हालात पर संदेह जताया है और मामले की गंभीरता से जाँच की माँग की है। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

कोटा में छात्र मौतों का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि कोटा देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब है, जहाँ हर साल लाखों छात्र JEE और NEET जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कोटा में छात्रों की मानसिक सेहत और उनकी सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं। अधिकारियों और कोचिंग संस्थानों पर छात्र कल्याण उपाय सुनिश्चित करने का दबाव लगातार बना रहता है।

जाँच की स्थिति और आगे की प्रक्रिया

पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग जाँच शुरू कर दी है। जवाहर नगर थाना पहली घटना की जाँच कर रहा है, जबकि कुन्हाड़ी थाना दूसरे मामले की। दोनों छात्रों के पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसकी ज़िम्मेदारी कोचिंग संस्थान, हॉस्टल प्रबंधन, और नीति-निर्माता कब गंभीरता से लेंगे। राजस्थान सरकार ने पिछले वर्षों में छात्र कल्याण के कई उपाय घोषित किए हैं, लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन की खाई अभी भी नहीं पाटी जा सकी है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोटा में 26 अक्टूबर को कितने छात्रों की मौत हुई और किन परिस्थितियों में?
रविवार, 26 अक्टूबर 2026 को कोटा में दो छात्रों की अलग-अलग घटनाओं में मौत हुई। एक 16 वर्षीय JEE अभ्यर्थी अपने पीजी कमरे में फंदे से लटका मिला, जबकि एक 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी हॉस्टल के बाथरूम में बेहोश पाया गया और बाद में अस्पताल में उसका निधन हो गया।
NEET छात्र की मौत के हालात पर परिजनों को संदेह क्यों है?
मृतक NEET छात्र के कान के पास चोट का एक निशान पाया गया, जो कथित तौर पर बाथरूम में गिरने से लगा बताया जा रहा है। परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया है और पुलिस से गंभीर जाँच की माँग की है; परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
JEE अभ्यर्थी कोटा में कब से था और क्या उसके कोई सुसाइड नोट जैसी चीज़ मिली?
16 वर्षीय JEE अभ्यर्थी मध्य प्रदेश के शिवपुरी से लगभग छह महीने पहले कोटा आया था। पुलिस ने अभी तक मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की है और कोई सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
दोनों मामलों में पुलिस की जाँच का क्या स्तर है?
जवाहर नगर थाना JEE छात्र की मौत की और कुन्हाड़ी थाना NEET छात्र के मामले की जाँच कर रहा है। दोनों मामलों में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतज़ार है; फिलहाल मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं।
कोटा में छात्रों की मौत की घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, कोटा में पिछले कई वर्षों से कोचिंग छात्रों की मौत की घटनाएँ सामने आती रही हैं। इससे देशभर में छात्रों पर परीक्षाओं के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को लेकर बहस छिड़ती रही है। राजस्थान सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, लेकिन इन घटनाओं का सिलसिला थमा नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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